• Home
  • »
  • News
  • »
  • nation
  • »
  • मनाली-कारगिल राजमार्ग 12 महीने रहेगा चालू, शिंकुला टनल के काम में आई तेजी

मनाली-कारगिल राजमार्ग 12 महीने रहेगा चालू, शिंकुला टनल के काम में आई तेजी

शिंकुला टनल का डीपीआर बनाने के लिए अधिकारियों ने किया निरीक्षण.

शिंकुला टनल का डीपीआर बनाने के लिए अधिकारियों ने किया निरीक्षण.

मुताबिक शिंकुला टनल (Shinkula Tunaldaddakh) हिमाचल प्रदेश और लद्दाख को जोड़ने में सहायक होगी. एनएचडीसीएल (NHDCL) के एक अधिकारी के मुताबिक दुनिया की सबसे लंबी शिंकुला टनल की लंबाई 13.5 किमी होगी. जो कि 15920 फिट ऊंचे शिंकुला दर्रे (Shinkula Pass) को भेदकर बनाई जाएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated :
  • Share this:
शिमला. लद्दाख में चीन से तनाव के बीच भूतल परिवहन मंत्रालय सीमावर्ती क्षेत्र में एक और टनल बनाने की तैयारी कर रहा हैं. भूतल परिवहन मंत्रालय के अधीन काम करने वाली कंपनी नेशनल हाइवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन के मुताबिक शिंकुला टनल हिमाचल प्रदेश और लद्दाख को जोड़ने में सहायक होगी. एनएचडीसीएल के एक अधिकारी के मुताबिक दुनिया की सबसे लंबी शिंकुला टनल की लंबाई 13.5 किमी होगी. जो कि 15920 फिट ऊंचे शिंकुला दर्रे को भेदकर बनाई जाएगी. उन्होंने बतया कि शिंकुला टनल के बन जाने से मनाली-कारगिर राजमार्ग साल भर खुला रह सकेगा. इसके साथ ही लद्दाख की अग्रिम चौकी तक सड़क के जरिए परिवहन आसान हो जाएगा.
सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क का नेटवर्क बढ़ाने पर जोर
एनएचडीसीएल के अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार सीमा से सटे पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क का मजबूत नेटवर्क तैयार करना चाहती है. शिंकुला टनल के बन जाने से हिमाचल प्रदेश से लगने वाली सड़क की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी. वहीं इस क्षेत्र का भारत-चीन सीमा के नजदीक होने से भी सामरिक महत्व काफी बढ़ जाता है.

शिंकुला टनल के डीपीआर के लिए अधिकारियों ने किया दौरा
एनएचडीसीएल एमडी के के पाठक ने बताया कि टनल का डीपीआर बनाने के लिए एक टीम ने पहाड़ी क्षेत्र का 5 दिन तक दौरा किया. जिसके बाद भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण सहित डिजाइन का काम किया जा रहा है. उम्मीद है कि दस अक्टूबर तक सभी प्रक्रियाएं पूरी हो जाएंगी और अक्टूबर के अंत तक मंत्रालय को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी.

क्या-क्या होगी सुविधा?
इस टनल के बनने से कई तरह से लोगों को सुविधा मिलेगी. जैसे कि शिंकुला 16600 फीट, बारालाचा 16040 फीट और लाचुंगला 16600 फीट ऊंचे दर्रों को पार करना आसान हो जाएगा. वहीं वर्तमान में मनाली से लेह की दूरी 474 किलोमीटर है, इसी रूट से कारगिल 690 किलोमीटर है. वहीं शिंकुला दर्रा होकर मनाली-कारगिल की दूरी 515 किलोमीटर है. टनल के बन जाने से यह सफर 70 किमी कम होगा

अटल टनल बनकर तैयार पीएम करेंगे उद्घाटन
वहीं इससे पहले हिमाचल प्रदेश में मनाली से लेह को जोड़ने वाली दुनिया की सबसे लंबी रोड सुरंग बनकर तैयार हो गई है. इस सुरंग का नाम अटल टनल है. यह सुरंग रणनीतिक रूप से बेहद अहम है, जिसका उद्घाटन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 अक्टूबर को करने वाले हैं. इन टनल के निर्माण में करीब साढ़े तीन से चार हजार करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. 10 हजार फीट पर स्थित इस टनल को बनाने में करीब दस साल का वक्त लगा है.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज