केरल: हथिनी की मौत को लेकर राहुल पर भड़कीं मेनका गांधी, बोलीं- यह उनका क्षेत्र, क्यों नहीं की कार्रवाई?

केरल: हथिनी की मौत को लेकर राहुल पर भड़कीं मेनका गांधी, बोलीं- यह उनका क्षेत्र, क्यों नहीं की कार्रवाई?
मलप्पुरम पर ट्वीट को लेकर केरल पुलिस ने मेनका गांधी के खिलाफ मामला दर्ज किया

बीजेपी सांसद मेनका गांधी (Maneka Gandhi) ने कहा, ‘इस मामले में वन सचिव को हटा दिया जाना चाहिए. वन्य जीव संरक्षण मंत्री को भी इस्तीफा दे देना चाहिए. राहुल गांधी उस क्षेत्र से हैं, उन्होंने कार्रवाई क्यों नहीं की?

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कोच्चि. केरल (Kerala) में एक गर्भवती हथिनी (Elephant) मानवीय क्रूरता का शिकार हो गई. उसे किसी व्यक्ति ने पटाखे से भरा अनानास खाने को दिया जिसकी वजह से वह बुरी तरह से घायल हो गई और उसकी मौत हो गई. इस शर्मनाक घटना का हर कोई विरोध कर रहा है. इस बीच बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी (Maneka Gandhi) ने भी इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताई है और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि यह राहुल गांधी (Rahul Gandhi) का क्षेत्र है, फिर उन्होंने कार्रवाई क्यों नहीं की?

मेनका गांधी  (Maneka Gandhi) ने इस मामले में केरल के वायनाड से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया. बीजेपी सांसद ने कहा, ‘वन सचिव को हटा दिया जाना चाहिए. वन्य जीव संरक्षण मंत्री को भी इस्तीफा दे देना चाहिए. राहुल गांधी उस क्षेत्र से हैं, उन्होंने कार्रवाई क्यों नहीं की?





‘यह भारत का सबसे हिंसक जिला’
मेनका ने एक और ट्वीट किया. जिसमें उन्होंने लिखा, ‘यह हत्या है. मलप्पुरम इस तरह की घटनाओं के लिए प्रसिद्ध है. यह भारत का सबसे हिंसक जिला है. यहां सड़कों पर जहर फेंकते हैं ताकि एक समय में 300-400 पक्षियों और कुत्तों की मौत हो जाए.’



हथिनी 27 मई को हुई थी क्रूरता का शिकार
बता दें कि ‘साइलेंट वैली फॉरेस्ट’ में एक गर्भवती हथिनी 27 मई को इस क्रूरता का शिकार हो गई थी. जब हथिनी ने अनानास को खाने की कोशिश की तो पटाखा उसके मुंह में ही फट गया. एक शीर्ष वन अधिकारी बताया कि इससे पहले भी अप्रैल में कोल्लम जिले के पुनालुर क्षेत्र के पथनापुरम में इसी तरह से एक हथिनी की मौत हो गई थी. अधिकारी ने बताया कि यह हथिनी अप्रैल में पथनापुरम के जंगल में वन अधिकारियों को गंभीर हालत में मिली थी.



एक वरिष्ठ वन अधिकारी ने बताया, ‘हथिनी अपने झुंड से अलग मिली थी. उसका जबड़ा टूटा हुआ था और वह चलने में असमर्थ थी.’ उन्होंने बताया कि वन अधिकारियों ने जब उसे देखा तो वह काफी कमजोर थी लेकिन जब वे उसके समीप गए तो वह जंगल में भाग गई और अपने झुंड के साथ हो गई लेकिन अगले दिन भी वह अपने झुंड से अलग मिली. इसके बाद उसका उचित तरह से इलाज भी किया गया लेकिन उसकी मौत हो गई. वहीं अन्य अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में जांच शुरू की गई है.

हथिनी के मुंह में फट गया पटाखा
नाम न जाहिर करने की शर्त पर अधिकारी ने कहा, ‘ऐसा संदेह है कि उसने ऐसे पदार्थ को खाने की कोशिश की जिसमें पटाखे लगे थे और यह उसके मुंह में ही फट गया. हम पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहे हैं.’ वन अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों की जांच काफी कठिन हो जाती है. उन्होंने बताया कि हाथियों का झुंड एक दिन में कई किलोमीटर चलता है और इसकी वजह से एकदम सटीक स्थान का पता लगाना मुश्किल है. इसी बीच केरल के वन मंत्री के राजू ने बताया कि उन्होंने शीर्ष वन अधिकारियों से हथिनी की मौत के संबंध में रिपोर्ट मांगी है.

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