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बुजुर्ग ने की माला पहनाने की कोशिश, मेनका गांधी बोलीं- मैंने फूल लेना बंद कर दिया है

बीजेपी सांसद मेनका गांधी की फाइल फोटो (PTI)
बीजेपी सांसद मेनका गांधी की फाइल फोटो (PTI)

खास बात है कि कुछ समय पहले सांसद मेनका गांधी (Maneka Gandhi) ने अपील की थी कि फूल देने के बजाए मिट्टी की एक गुल्लक तैयार करें और उसमें रुपए जमा करें. अपने तीन दिवसीय दौरे पर गांधी ने लोगों से उनका हालचाल जाना.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 3, 2020, 2:08 PM IST
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लखनऊ. सुल्तानपुर से बीजेपी सांसद (BJP MP) मेनका गांधी तीन दिन के दौरे के लिए अपने क्षेत्र पहुंची हैं. इस दौरान गांधी लोगों की परेशानियां भी सुन रही हैं. अपने नेता को सामने देखकर स्वागत करने की इच्छा सभी की होती है. ऐसा ही एक वाक्या मेनका गांधी के साथ भी हुआ. यहां एक शख्स गांधी को माला पहनाने के बजाए फूल देने के लिए आ गया. हालांकि, सांसद ने फूल स्वीकारने से मना कर दिया (Maneka Gandhi Refused). खास बात है कि कुछ समय पहले गांधी ने अपील की थी कि फूल देने के बजाए मिट्टी की एक गुल्लक तैयार करें और उसमें रुपए जमा करें.

अपने क्षेत्र का हालचाल जानने के लिए मेनका गांधी ने दोस्तपुर, मोतीगरपुर और जयसिंहपुर के लोगों से मुलाकात की. इस दौरान सड़क किनारे स्वागत के लिए खड़ी भीड़ में से एक बुजुर्ग व्यक्ति ने कार में बैठी मेनका गांधी के सामने फूलमाला पेश कर दी. इस पर बीजेपी सांसद ने कहा कि मैंने फूल लेना बंद कर दिया है. दरअसल, जिस रास्ते से सांसद काफिला गुजर रहा था, वहां बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए थे. इसी के चलते गांधी ने गाड़ियां रुकवाकर लोगों से उनका हालचाल जाना.

रिश्वतखोर को लगाई फटकार
बुधवार को पीड़ित ने मेनका गांधी के सामने एसडीएम के पेशकार के रिश्वत मांगने शिकायत की थी. लंभुआ विधानसभा क्षेत्र में एसडीएम के पेशकार ने 9 हजार रुपए की रिश्वत ली थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले के सामने आने के बाद सांसद ने पेशकार से रुपए वापस करने को कहा था. सांसद ने कड़े शब्दों में समझाया था कि मेरे क्षेत्र में रिश्वतखोरी नहीं चलेगी.



जानवरों की रक्षा के लिए काम करने वाले पुलिस वालों को सस्पेंड करने की मांग
बीते महीने जानवरों के अधिकारों के लिए काम करने वाली मेनका गांधी ने कुछ पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड किए जाने की मांग की थी. इन पुलिस वालों पर जानवरों के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं को पीटने के आरोप लगे थे. अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए गांधी ने कहा 'हमारी पीएफए यूनिट-2 के प्रमुख विजय रंगारे ने बाजारपेठ पुलिस थाने के सीनियर इंस्पेक्टर से इजाजत ली थी कि वे अपने तीन साथियों के साथ मिलकर हाउसिंग सोसाइटी के CCTV फुटेज देखना चाहते हैं.' उन्होंने बताया 'कुछ पुलिस वाले आए और हमारे कार्यकर्ताओं को सोसाइटी से पुलिस वैन में घसीट कर ले गए और थान में उन्हें मारा पीटा.'
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