मणिपुर में 10 अगस्त को सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, बीजेपी-कांग्रेस ने जारी किया व्हिप

मणिपुर में 10 अगस्त को सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, बीजेपी-कांग्रेस ने जारी किया व्हिप
मणिपुर सीएम बीरेन सिंह ( फाइल फोटो.)

मणिपुर (Manipur Government) में BJP सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को आगे बढ़ाते हुए विपक्षी कांग्रेस ने सोमवार यानी 10 अगस्त को एक दिवसीय विधानसभा सत्र में भाग लेने के लिए अपने विधायकों को व्हिप जारी किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 6, 2020, 1:32 PM IST
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इंफाल. मणिपुर (Manipur Government) में भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर एक बार फिर खतरा मंडरा रहा है. यहां कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को आगे बढ़ाते हुए अपने विधायकों को व्हिप जारी करते हुए कहा कि वह 10 अगस्त को आहुत विधानसभा सत्र में हिस्सा लें.

मिली जानकारी के अनुसार सत्तारूढ़ एन बीरेन सिंह (N Biren Singh) के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को आगे बढ़ाते हुए विपक्षी कांग्रेस ने सोमवार यानी 10 अगस्त को एक दिवसीय विधानसभा सत्र में भाग लेने और पार्टी लाइन पर ही वोट देने के लिए अपने विधायकों को व्हिप जारी किया है. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भाजपा ने भी गुरुवार को अपने विधायकों को व्हिप भेजा है.

बीते महीने 59 विधानसभा सीटों वाले राज्य मणिपुर में भाजपानीत NDA Government मुश्किल में घिर गई है क्योंकि राज्य के डिप्टी सीएम Joykumar Singh समेत कुल नौ विधायकों ने इस्तीफे दे दिए थे. इनमें से 3 बीजेपी विधायकों ने Resignation देकर कांग्रेस (Congress) पार्टी जॉइन कर ली है. राज्यसभा चुनावों (Rajya Sabha Elections) से ऐन पहले मणिपुर में भाजपा के लिए संकट की स्थिति बन गई थी. हालांकि बीजेपी ने स्थिति नियंत्रण में कर ली थी और सरकार गिरने से बच गई थी.



60 सीटों में से कांग्रेस ने 28 सीटों पर जीत हासिल की थी
वरिष्ठ विधायक और कांग्रेस विधायक दल के मुख्य सचेतक के. गोविंदास ने बताया कि पार्टी विधायकों को 10 अगस्त को सदन में चर्चा और मतदान के लिए उपस्थित रहने के लिहाज से तीन लाइन का व्हिप जारी किया गया है. उन्होंने कहा कि अगर कोई विधायक पार्टी व्हिप का उल्लंघन करता है तो उसे भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची के पैराग्राफ 2 (1) (बी) के तहत मणिपुर विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किया जाएगा.

मणिपुर में 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में कुल 60 सीटों में से कांग्रेस ने 28 सीटों पर जीत हासिल की थी और वह सदन में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. इन सदस्यों में से टी श्यामकुमार को भाजपा में शामिल होने के बाद दलबदल रोधी कानून के तहत विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य करार दिया गया.

इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने हाल ही में कांग्रेस के तीन और विधायकों के बीरेन सिंह, वाई सूरचंद्र सिंह तथा एस बीरा सिंह को भी अयोग्य करार दिया. प्रदेश कांग्रेस ने जुलाई में राज्य की एकमात्र राज्यसभा सीट पर हुए चुनाव में कथित तौर पर भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में वोट डालने पर दो विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था. (भाषा इनपुट के साथ)
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