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  • जितिन प्रसाद के मंत्री बनने पर मनीष तिवारी बोले- ज्योतिरादित्य की राह पर चले, काश मैं इनका दिमाग पढ़ पाता

जितिन प्रसाद के मंत्री बनने पर मनीष तिवारी बोले- ज्योतिरादित्य की राह पर चले, काश मैं इनका दिमाग पढ़ पाता

मनीष तिवारी ने भाजपा नेताओं पर टिप्पणी की. फाइल फोटो

मनीष तिवारी ने भाजपा नेताओं पर टिप्पणी की. फाइल फोटो

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी (Manish Tewari) ने ज्योतिरादित्य सिंधिया और जितिन प्रसाद के भाजपा में शामिल होने के बाद मंत्री बनने पर टिप्पणी की है.

  • News18Hindi
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    नई दिल्ली. कांग्रेस नेता मनीष तिवारी (Manish Tewari) ने पार्टी नेताओं के भाजपा में शामिल होने के बाद मंत्री बनने पर टिप्पणी की है. बीते दिनों उत्तर प्रदेश में जितिन प्रसाद (Jitin Prasad) को योगी सरकार में काबीना मंत्री बनाए जाने के बाद तिवारी ने एक टिप्पणी की. इस टिप्पणी में उन्होंने केंद्रीय मंत्री और पूर्व कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का भी जिक्र किया है. तिवारी ने काबीना मंत्री प्रसाद की डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के साथ एक तस्वीर ट्वीटर कर अपनी टिप्पणी की है.

    उन्होंने लिखा- ‘जितिन प्रसाद ने साल 2004 से साल 2014 तक कांग्रेस में पीढ़ीगत बदलाव का प्रतिनिधित्व किया. आज भाजपा में मंत्री हैं. वह ज्योतिरादित्य सिंधिया की राह पर चले. इनके दिल को क्या बदल देता है? काश मैं इनके मन को पढ़ पाता. जीवन हमेशा चौंकाता है. आशा है कि वह अपने नए अवतार में संतुष्टि पाएंगे. ईश्वर भला करें मेरे भाई.’

    इस साल बीजेपी में शामिल हुए प्रसाद
    गौरतलब है कि इस साल 9 जून को प्रसाद भाजपा में शामिल हुए थे. जितिन प्रसाद उन 23 नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने पिछले साल कांग्रेस में सक्रिय नेतृत्व और संगठनात्मक चुनाव की मांग को लेकर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी थी. पत्र से जुड़े विवाद को लेकर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले की कांग्रेस कमेटी ने प्रस्ताव पारित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, जिसे लेकर विवाद भी हुआ था.

    MANISH TEWARI

    ब्राह्मण वोट साधने की कवायद!
    प्रसाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे जितेंद्र प्रसाद के पुत्र हैं, जिन्होंने पार्टी में कई अहम पदों पर अपनी सेवाएं दी थीं. जितिन ने 2004 में शाहजहांपुर से पहली बार लोकसभा का चुनाव जीता था और उन्हें प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार में इस्पात राज्यमंत्री बनाया गया था. इसके बाद उन्होंने 2009 में धौरहरा सीट से जीत दर्ज की. इसके बाद उन्होंने UPA सरकार में पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस, सड़क परिवहन और राजमार्ग और मानव, संसाधन विकास राज्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाली.

    यूपी में राजनीतिक रूप से रसूख रखने की वजह से ब्राह्मणों के वोट की काफी अहमियत है. नब्बे के दौर से पहले या यूं कहे कि मंडल दौर से पहले तो यूपी की राजनीति में ब्राह्मण राजनीति की धुरी हुआ करती थी. उस दौर में कुछ ब्राह्मण मुख्यमंत्री भी हुए. उत्तर प्रदेश की राजनीति को देखे तो मोदी काल के शुरू होने के बाद ब्राह्मण वोट बैंक ने खुलकर और पूरी तरह से बीजेपी का साथ दिया. बीजेपी की कोशिश है कि आने वाले विधानसभा चुनाव यानी साल 2022 और साल 2024 में यूपी से बीजेपी को वही सफलता मिले, तो 2014 में और उसके बाद मिली थी.

    वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बीते साल 10 मार्च को भाजपा में शामिल हुए थे. इसके बाद वह राज्यसभा के लिए चुने गए और फिर इसी साल 8 जुलाई को हुए केंद्रीय काबीना विस्तार में उन्हें केंद्रीय मंत्री का पद दिया गया.

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