• Home
  • »
  • News
  • »
  • nation
  • »
  • जॉबलेस ग्रोथ, ग्रामीण कर्ज और अव्यवस्था से युवाओं में असंतोष: मनमोहन सिंह

जॉबलेस ग्रोथ, ग्रामीण कर्ज और अव्यवस्था से युवाओं में असंतोष: मनमोहन सिंह

(फाइल फोटो- मनमोहन सिंह)

(फाइल फोटो- मनमोहन सिंह)

पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा कि किसान आत्महत्या और आए दिन हो रहे किसान आंदोलन से हमारी अर्थव्यवस्था में बुनियादी असंतुलन की स्थिति बढ़ती जा रही है.

  • Share this:
    पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अर्थव्यवस्था को उसकी क्षमता के हिसाब से नहीं आगे बढ़ाने के मुद्दे पर नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना करते हुए रविवार को कहा कि देश में रोजगार पैदा होने के बजाय रोजगार के नुकसान वाली वृद्धि की स्थिति बन गई है.

    पूर्व पीएम ने यह भी कहा कि ग्रामीणों पर लोन होने और शहरी अव्यवस्था के चलते काबिल युवाओं में असंतोष पैदा हो रहा है.

    (यह भी पढ़ें: पुलवामा हमले पर बोले राहुल गांधी- पूरा विपक्ष, देश और सरकार के साथ)

    दिल्ली स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने कहा, ‘कृषि क्षेत्र का बढ़ता संकट, रोजगार के कम होते अवसर, पर्यावरण प्रदूषण और विभाजनकारी ताकतों के सक्रिय रहने से देश के सामने मुश्किलें आ रही हैं.’

    पूर्व पीएम ने कहा कि किसान आत्महत्या और बारबार होने वाले किसानों के आंदोलन से हमारी अर्थव्यवस्था में फैली हुई बुनियादी असंतुलन की स्थिति बढ़ रही है. इस समस्या को सुलझाने के लिये गंभीरता के साथ विश्लेषण करने के लिए और पॉलिटिकल विल की जरूरत है.

    (यह भी पढ़ें: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पूरा किया #10Yearchallenge!)

    पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, 'अब तक जो जॉबलेस ग्रोथ था, वह अब और बिगड़कर जॉब को नुकसान पहुंचाने वाला ग्रोथ बन गया है. साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का ऋणग्रस्त होना और शहरी अव्यवस्था से कल की बेहतर उम्मीद रखने वाले युवाओं में नाराजगी पैदा कर रही है. सिंह ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में अतिरिक्त रोजगार के अवसर पैदा करने के प्रयास असफल रहे हैं.

    एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज