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अब मनमोहन सिंह ने चीन से गतिरोध पर PM मोदी पर निशाना, BJP का पलटवार

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने साधा निशाना.

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने साधा निशाना.

India China Tensions: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) ने कहा कि पीएम मोदी (Narendra Modi) को राष्ट्रीय सुरक्षा एवं सामरिक हितों पर पड़ने वाले अपने शब्दों के प्रभाव को लेकर बहुत ज्यादा सावधान रहना चाहिए.

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    नई दिल्ली. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) ने लद्दाख (Ladakh) में चीन (China) के साथ गतिरोध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के हालिया बयान को लेकर सोमवार को उन पर निशाना साधते हुए कहा कि भ्रामक प्रचार मजबूत नेतृत्व का विकल्प नहीं हो सकता और पीएम मोदी को राष्ट्रीय सुरक्षा एवं सामरिक हितों पर पड़ने वाले अपने शब्दों के प्रभाव को लेकर बहुत ज्यादा सावधान रहना चाहिए. इस पर बीजेपी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि सिंह ने प्रधानमंत्री के तौर पर भारत की सैकड़ों वर्ग किलोमीटर भूमि चीन को सौंप दी थी. साथ ही यह भी कहा कि सिंह के कार्यकाल में 2010 से 2013 के बीच पड़ोसी देश ने 600 से ज्यादा बार घुसपैठ की.

    सिंह ने यह भी कहा कि यह सुनिश्चित होना चाहिए कि 20 भारतीय जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा, लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो ‘यह जनादेश से ऐतिहासिक विश्वासघात होगा.’ गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-चीन संघर्ष के विषय पर गत शुक्रवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में कहा था कि न कोई हमारे क्षेत्र में घुसा और न ही किसी ने हमारी चौकी पर कब्जा किया है. उनके इस बयान को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय ने शनिवार को कहा था कि सर्वदलीय बैठक में मोदी की टिप्पणियों की कुछ हलकों में ‘‘शरारतपूर्ण व्याख्या’’ की कोशिश की जा रही है.

    पूर्व प्रधानमंत्री सिंह ने एक बयान में कहा, ‘‘हमारे लोकतंत्र में यह दायित्व देश के प्रधानमंत्री का है. प्रधानमंत्री को अपने शब्दों व घोषणाओं द्वारा देश की सुरक्षा एवं सामरिक तथा भूभागीय हितों पर पड़ने वाले प्रभाव के प्रति सदैव बेहद सावधान होना चाहिए.’’ सिंह ने कहा, ‘‘चीन ने अप्रैल, 2020 से लेकर आज तक भारतीय सीमा में गलवान घाटी एवं पैंगोंग त्सो झील इलाके में अनेक बार घुसपैठ की है. हम न तो उनकी धमकियों एवं दबाव के सामने झुकेंगे और न ही अपनी भूभागीय अखंडता से कोई समझौता स्वीकार करेंगे.’’

    उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री को अपने बयान से उनके षड्यंत्रकारी रुख को ताकत नहीं देनी चाहिए तथा यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सरकार के सभी अंग इस खतरे का सामना करने तथा स्थिति को और ज्यादा गंभीर होने से रोकने के लिए परस्पर सहमति से काम करें.’’

    सिंह ने इस बात पर जोर दिया, ‘‘यही समय है जब पूरे राष्ट्र को एकजुट होना है तथा संगठित होकर इस दुस्साहस का जवाब देना है. हम सरकार को आगाह करेंगे कि भ्रामक प्रचार कभी भी कूटनीति तथा मजबूत नेतृत्व का विकल्प नहीं हो सकता. पिछलग्गू सहयोगियों द्वारा प्रचारित झूठ के आडंबर से सच्चाई को नहीं दबाया जा सकता.’’

     



    उन्होंने कहा, ‘‘हम प्रधानमंत्री एवं केंद्र सरकार से आग्रह करते हैं कि वे वक्त की चुनौतियों का सामना करें और कर्नल बी. संतोष बाबू एवं हमारे सैनिकों की कुर्बानी की कसौटी पर खरा उतरें, जिन्होंने ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ एवं ‘भूभागीय अखंडता’ के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी.’’ सिंह पर पलटवार करते हुए भाजपा अध्यक्ष नड्डा ने ट्वीट कर कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं तथा उनकी पार्टी को "हमारे बलों का बार-बार अपमान और उनकी वीरता पर सवाल उठाना बंद करना चाहिए."

    भाजपा प्रमुख ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने (बालाकोट) हवाई हमले और सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भी ऐसा ही किया था. नड्डा ने कहा कि कांग्रेस को राष्ट्रीय एकता का सही मतलब समझना चाहिए, खासकर ऐसे समय में. उन्होंने ट्वीट किया, "डॉ. मनमोहन सिंह उसी पार्टी से आते हैं, जिसने 43,000 किलोमीटर से ज्यादा भारतीय क्षेत्र निस्सहाय रूप में चीन को सौंप दिया था! संप्रग के शासनकाल में देखा गया कि बिना संघर्ष सामरिक और क्षेत्रीय समर्पण किया गया. बार-बार हमारे बलों का अपमान किया गया."

    भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘कोई महज विचार ही कर सकता है कि डॉ सिंह चीन के इरादों के प्रति चिंतित थे जब उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में भारत की सैकड़ों वर्ग किलोमीटर जमीन दीन-हीन ढंग से चीन को दी. उनके कार्यकाल में 2010 से 2013 के बीच चीन ने 600 बार घुसपैठ की." उन्होंने कहा, ‘‘भारत पूरी तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर यकीन करता है और उनका समर्थन करता है. 130 करोड़ भारतीयों ने मुश्किल समय में उनका प्रशासनिक अनुभव देखा है, खासकर वह कैसे हमेशा राष्ट्र कल्याण को सबसे ऊपर रखते हैं."

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