Mann ki Baat: जल नीति तैयार करने वाला पहला राज्य बनने पर PM मोदी ने मेघालय को दी बधाई

प्रधानमंत्री मोदी ने जल नीति तैयार करने वाला पहला राज्य बनने के लिए मेघालय की सरकार को बधाई दी. इसके साथ ही उन्होंने हरियाणा की भी तारीफ की.

News18Hindi
Updated: July 28, 2019, 1:40 PM IST
Mann ki Baat: जल नीति तैयार करने वाला पहला राज्य बनने पर PM मोदी ने मेघालय को दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने दूसरे कार्यकाल के दूसरे 'मन की बात' कार्यक्रम के जरिए देशवासियों को संबोधित किया. (फाइल फोटो)
News18Hindi
Updated: July 28, 2019, 1:40 PM IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने दूसरे कार्यकाल के दूसरे 'मन की बात' कार्यक्रम के जरिए देशवासियों को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने देशभर में जल संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और कुछ सुझाव भी दिए.

पीएम मोदी ने कहा कि झारखंड में रांची से कुछ दूर, ओरमांझी प्रखंड के आरा केरम गांव में, वहां के ग्रामीणों ने जल प्रबंधन को लेकर जो हौंसला दिखाया है, वह हर किसी के लिए मिसाल बन गया है. ग्रामीणों ने श्रम दान करके पहाड़ से बहते झरने को, एक निश्चित दिशा देने का काम किया. वो भी शुद्ध देसी तरीके से. इससे न केवल मिट्टी का कटाव और फसल की बर्बादी रुकी है, बल्कि खेतों को भी पानी मिल रहा है. ग्रामीणों का ये श्रम दान, अब पूरे गांव के लिए जीवन दान से कम नहीं है.



 

मेघालय को दी बधाई

प्रधानमंत्री मोदी ने जल नीति तैयार करने वाला पहला राज्य बनने के लिए मेघालय की सरकार को बधाई दी. इसके साथ ही उन्होंने हरियाणा की भी तारीफ की. पीएम मोदी ने कहा, "हरियाणा में, उन फसलों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिनमें कम पानी की जरूरत होती है और किसान का भी कोई नुकसान होता है. मैं हरियाणा सरकार को विशेष रूप से बधाई देना चाहूंगा कि उन्होंने किसानों के साथ संवाद करके, उन्हें परंपरागत खेती से हटकर, कम पानी वाली फसलों के लिए प्रेरित किया.”


Loading...

 

मेलों से होगा जल संरक्षण

पीएम मोदी ने कहा कि अब त्यौहारों का समय आ गया है. त्यौहारों के अवसर पर कई मेले भी लगते हैं. जल संरक्षण के लिए क्यों ना इन मेलों का भी उपयोग करें? मेलों में समाज के हर वर्ग के लोग पहुंचते हैं. इन मेलों में हम पानी बचाने का संदेश बड़े ही प्रभावी ढंग से दे सकते हैं, प्रदर्शनी लगा सकते हैं, नुक्कड़ नाटक कर सकते हैं, उत्सवों के साथ-साथ जलं संरक्षण का संदेश बहुत आसानी से हम पहुंचा सकते हैं.

मन को हो रहा है संतोष

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें अनुभव हो रहा है कि पानी के विषय ने इन दिनों हिन्दुस्तान के दिलों को झकझोर दिया है. जल संरक्षण को लेकर देशभर में अनेक विद, प्रभावी प्रयास चल रहे हैं. लोगों ने पारंपरिक तौर-तरीकों के बारे में जानकारियां शेयर की हैं. मीडिया ने भी जल संरक्षण के कई इनोवेटिव कैंपेन शुरू किए हैं. सरकार हो, एनजीओ हो- युद्ध स्तर पर कुछ-न-कुछ कर रहे हैं. सामूहिकता का सामर्थ्य देखकर, मन को बहुत अच्छा लग रहा है, बहुत संतोष हो रहा है.



पिछले कार्यक्रम में कही थी ये बात

बता दें कि पीएम मोदी ने पिछली बार के 'मन की बात' में जल संकट से निपटने पर जोर दिया था. उन्होंने कहा था कि क्या पूरे देश में जल संकट से निपटने का कोई एक फॉर्मूला नहीं हो सकता है. इसके लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग तरीकों से प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन सबका लक्ष्य एक ही है और वह है पानी बचाना.

ये भी पढ़ें: Mann Ki Baat: पीएम मोदी बोले- चंद्रयान-2 से मुझे विश्वास और निर्भीक होने की सीख मिली
First published: July 28, 2019, 1:36 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...