BJP-TMC के बीच कोर्ट केस के चक्कर में 18 दिन से शव गृह में है डेडबॉडी

बीजेपी और टीएमसी के बीच कोर्ट में केस जारी है. (सांकेतिक तस्वीर)
बीजेपी और टीएमसी के बीच कोर्ट में केस जारी है. (सांकेतिक तस्वीर)

बीजेपी का कहना है कि मदन घोरुई (Madan Ghorui) पार्टी कार्यकर्ता था और उसकी मौत पुलिसिया टॉर्चर (Police Torture) की वजह से हुई. इसे लेकर विवाद बढ़ा तो मामला कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंच गया. और फिर मदन की डेडबॉडी शव गृह में ही अपने अंतिम संस्कार का इंतजार कर रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 4, 2020, 8:59 PM IST
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कोलकाता. पश्चिम बंगाल (West Bengal) के पूर्वी मिदनापुर (East Midnapur) जिले में एक व्यक्ति की डेडबॉडी (Dead body) शव गृह (Mortuary) में इस वजह से रखी हुई है क्योंकि बीजेपी (BJP) और तृणमूल (TMC) के बीच कोर्ट में जंग चल रही है. इस व्यक्ति का नाम मदन घोरुई (Madan Ghorui) है. बीजेपी का कहना है कि मदन घोरुई बीजेपी का कार्यकर्ता था और उसकी मौत पुलिसिया टॉर्चर की वजह से हुई. इसे लेकर विवाद बढ़ा तो मामला कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंच गया. और फिर मदन की डेडबॉडी शव गृह में ही अपने अंतिम संस्कार का इंतजार कर रही है.

27 सितंबर किया गया था गिरफ्तार
मदन की डेडबॉडी पहले परिवार को सौंप दी गई थी लेकिन मामला कोर्ट में पहुंचने के बाद उसे फिर शव गृह भेज दिया गया था. अब मंगलवार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने एक बार फिर से डेडबॉडी का पोस्ट मॉर्टम किए जाने के आदेश दिए हैं. मदन को बीते 27 सितंबर को एक नाबालिग लड़की कथित अपहरण के मामले में गिरफ्तार किया गया था. बाद में कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी. लेकिन फिर इसे लेकर बीजेपी की तरफ से प्रदर्शन किए गए. बीजेपी सांसद लॉकेट चटर्जी ने पुलिस हेडक्वार्टर के सामने धरना दिया था.

बीजेपी लगातार करती रही है विरोध प्रदर्शन
गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी लगातार तृणमूल सरकार द्वारा अपने कार्यकर्ताओं पर अत्याचार के आरोप लगाती रही है. हाल ही में राज्य बीजेपी ने इसे लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया था. इस प्रदर्शन पर पुलिसिया कार्रवाई को लेकर भी ममता सरकार को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था. बीजेपी लगातार यह कहती रही है कि पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार राज्य में शासन के लिए बीजेपी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाती है.
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