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हिरन मामला: महाराष्ट्र एटीएस ने पुलिसकर्मी, सट्टेबाज को गिरफ्तार किया, कहा- वाजे मुख्य आरोपी

वाजे फिलहाल राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) की हिरासत में है, जो 25 फरवरी को विस्फोटक भरे वाहन मिलने के मामले की जांच कर रही है. फाइल फोटो

वाजे फिलहाल राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) की हिरासत में है, जो 25 फरवरी को विस्फोटक भरे वाहन मिलने के मामले की जांच कर रही है. फाइल फोटो

Maharashtra ATS: एटीएस ने हिरन हत्याकांड के संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ भादंसं की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य मिटाने), 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र) और 34 (साझा मंशा) के तहत मामला दर्ज किया है.

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मुंबई. व्यवसायी मनसुख हिरन (Mansukh Hiren) की कथित हत्या के मामले में महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने एक पुलिसकर्मी और एक सट्टेबाज को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता पाई है. एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी और बताया कि मुंबई पुलिस के अधिकारी सचिन वाजे (Sachin Vaze) ने अपराध में मुख्य भूमिका निभाई थी और वह मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया है. उन्होंने कहा कि शनिवार देर रात गिरफ्तार दोनों आरोपियों की पहचान पुलिसकर्मी विनायक शिंदे और सट्टेबाज नरेश गौर के रूप में हुई है. अधिकारी ने दिन में सट्टेबाज का नाम नरेश धरे बताया था, लेकिन बाद में उसका नाम नरेश गौर (Naresh Gaur) बताया गया. उन्होंने बताया कि शिंदे 2006 के लाखन भैया फर्जी मुठभेड़ मामले का दोषी है और वह पिछले ही साल फर्लों पर जेल से रिहा हुए था. उसके बाद से ही शिंदे वाजे के संपर्क में था.

वाजे फिलहाल राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) की हिरासत में है, जो 25 फरवरी को विस्फोटक भरे वाहन मिलने के मामले की जांच कर रही है. उक्त मामले में प्रयुक्त वाहन (एसयूवी, स्कॉर्पियो) मनसुख हिरन का था. हिरन का शव पांच मार्च को ठाणे में मिला. केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार को हिरन हत्याकांड की जांच भी एनआईए को सौंप दी थी. अधिकारी ने बताया, ‘‘हिरन हत्याकांड में सचिन वाजे मुख्य आरोपी है. उसने मुख्य भूमिका निभाई है. जांच के दौरान एटीएस को पता चला कि गौर ने एपीआई वाजे और शिंदे को अपराध के लिए पांच सिमकार्ड मुहैया कराए थे. शिंदे अवैध गतिविधियों में वाजे की मदद किया करता था.’’

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उन्होंने कहा कि एटीएस जांच कर रही है कि क्या मामले में और लोग भी संलिप्त हैं और उनकी क्या भूमिका रही है. उन्होंने कहा, ‘‘एटीएस जांच कर रही है कि मुख्य षड्यंत्रकारी (हिरन हत्याकांड में) कौन है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘दोनों आरोपियों को मामले में पूछताछ के लिए शनिवार को एटीएस मुख्यालय बुलाया गया था, बाद में उन्हें गिरफ्तार किया गया.’’ अधिकारी ने बताया, ‘‘राज्य एटीएस ने अभी तक कई लोगों से पूछताछ की है, जिनमें पुलिस अधिकारी और मृतक के परिजन शामिल हैं. इन दो लोगों की गिरफ्तारी इस मामले में महत्वपूर्ण प्रगति है.’’
एटीएस ने हिरन हत्याकांड के संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ भादंसं की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य मिटाने), 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र) और 34 (साझा मंशा) के तहत मामला दर्ज किया है. इस बीच, बीजेपी ने कहा कि इस पूरे खेल में वाजे सिर्फ एक मोहरा हो सकता है.

(Disclaimer: यह खबर सीधे सिंडीकेट फीड से पब्लिश हुई है. इसे News18Hindi टीम ने संपादित नहीं किया है.)
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