कड़े कानूनों की कमी का खामियाजा भुगत रहीं हैं एनआरआई दुल्हों से शादी करने वाली भारतीय दुल्हनें

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में एनआरआई पतियों के खिलाफ 2,490 शिकायतें दर्ज हुई हैं. देश की एनआरआई बेल्ट के तौर पर पहचाने जाने वाले पंजाब में 2019 में अब तक ऐसे 80 मामले दर्ज हो चुके हैं.

News18Hindi
Updated: July 19, 2019, 5:49 AM IST
कड़े कानूनों की कमी का खामियाजा भुगत रहीं हैं एनआरआई दुल्हों से शादी करने वाली भारतीय दुल्हनें
एनआरआई संशोधन विधेयक 2019 में विदेश में बसे लड़कों से शादियों को 30 दिन के भीतर भारत या विदेश में पंजीकृत कराना अनिवार्य कर दिया गया है. हालांकि, ये बिल अभी पास नहीं हुआ है.
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Updated: July 19, 2019, 5:49 AM IST
मध्य प्रदेश के इंदौर की किरण परवानी और उसके परिवार के लोग काफी खुश थे, जब उन्हें मैट्रीमॉनियल साइट पर लंदन के कंबरलैंड स्कूल में पढ़ाने वाले कबीर जगवानी की रिक्वेस्ट मिली. किरण के परिवार वालों के लिए यह आदर्श जोड़ी थी, क्योंकि कबीर कंप्यूटर्स और बिजनेस में डबल मास्टर्स था या उसने सिर्फ अपने प्रोफाइल में ऐसा लिखा था. कबीर और किरण के बीच बातचीत शुरू हो गई.

कबीर ने कुछ समय बाद किरण को शादी का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए अकेले लंदन आने को कहा. कबीर की मां ने कहा कि वे किरण की ओर से फर्जी माता-पिता का इंतजाम कर लेंगे. किरण ने कहा कि अमूमन रजिस्ट्रेशन शादी के बाद कराया जाता है. ऐसे में उनकी यह मांग अजीब लगी. फिर भी वह लंदन गई. भारत लौटते समय कबीर के परिवार ने स्पष्ट तौर पर कहा कि शादी का पूरा खर्च किरण का परिवार उठाएगा.

पूछा, शादी के गिफ्ट ले जाने के लिए कितने सूटकेस लाएं 

दिसंबर, 2007 में शादी के एक हफ्ते पहले कबीर ने किरण को मेसेज करके पूछा कि वे गिफ्ट्स ले जाने के लिए कितने सूटकेस लेकर आएं. किरण के मुताबिक, इंदौर में उनकी शादी हुई. इसके बाद वे अगले ही दिन तीन दिन के हनीमून के लिए गोवा चले गए. दरअसल, कबीर जल्द से जल्द लंदन लौटना चाहता था. कबीर और उसका परिवार सभी गिफ्ट्स व 20 लाख रुपये नकदी के साथ लंदन चला गया. कुछ दिन बाद किरण को भी वीजा मिल गया.

ऐसे ज्यादातर मामलों में सामने आया है कि एनआरआई लड़कों ने शादी के बाद पैसों की मांग की और पत्नियों को छोड़ दिया.


कबीर ने किरण को लंदन नहीं आने के लिए की कॉल 

किरण 18 मार्च, 2018 को लंदन की फ्लाइट पकड़ने ही वाली थी, तभी कबीर ने फोन कर उसे लंदन नहीं आने को कहा. उसने कहा कि जैसे ही किरण लंदन पहुंचेगी आव्रजन अधिकारी उसे गिरफ्तार कर लेंगे. किरण ने व्हाट्सऐप पर हुई बातचीत को सेव कर लिया. कबीर की मां ने किरण के पिता को फोन कर एक करोड़ रुपये का दहेज भी मांगा. किरण ने जब कबीर को कॉल करने की कोशिश की तो उसे पता चला कि उसका और उसके माता-पिता का नंबर ही ब्लॉक कर दिया गया है.
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अब तक खत्म नहीं हो पाई है न्याय के लिए किरण की लड़ाई 

अब 2019 चल रही है और किरण की न्याय के लिए लड़ाई खत्म नहीं हुई है. किरण ने बताया कि उसे औपचारिक शिकायत दर्ज कराने में ही दो महीने लग गए. ज्यादातर अधिकारियों ने मामले को वैवाहिक विवाद बताकर केस दर्ज करने से इनकार कर दिया. अब उसके केस फैमिली कोर्ट और डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में लंबित हैं. अब तक किसी कोर्ट ने कबीर के खिलाफ समन या लुकआउट सर्कुलर तक जारी नहीं किया है.

राफेल ने शादी के 40 दिन बाद ही सिंथिया को छोड़ दिया 

कुछ ऐसी ही कहानी है चेन्नई की 35 वर्षीय सिंथिया की. उसे भी उसके एनआरआई पति ने दर-दर की ठोकरें खाने को भारत में ही छोड़ दिया. सिंथिया के सिंगापुर में रह रहे पति राफेल ने उसे शादी के 40 दिन बाद ही छोड़ दिया था. जब उसने शादी के रिसेप्शन में बहुत कम लोगों के आने का कारण पूछा तो उसे बताया गया कि वह नीची जाति से है. इसलिए कम लोग आए हैं. सिंथिया की शादी भी मैट्रीमॉनियल साइट के जरिये ही हुई थी.

एनआरआई पतियों के भारतीय दुल्हनों को छोड़ जाने के ज्यादातर मामलों में शादियां मैट्रीमॉनियल साइट्स के जरिये हुई थीं.


दोबारा दहेज देने से मना करने पर सिंथिया के पति ने की मारपीट 

सिंथिया का कहना है कि राफेल ने सिंगापुर में अपने कर्ज चुकाने के लिए उससे शादी की थी. राफेल ने दहेज में पांच लाख रुपये लिए. शादी के बाद उसने और पैसे की मांग की. जब पैसे देने से इनकार कर दिया गया तो उसने सिंथिया से मारपीट की. सिंगापुर में उसे एक कमरे में बंद रखा गया. एक महीने बाद राफेल को अहसास हुआ कि सिंथिया प्रेग्नेंट है तो वह उसने उसे भारत वापस भेज दिया. उसने सिंथिया से कहा कि उसे इंडोनेशिया में नौकरी मिल गई है.

बिना तलाक दिए राफेल कर रहा था दूसरी महिला से शादी 

सिंथिया के भारत पहुंचने के बाद राफेल ने उससे संपर्क काट लिया. जब उसके परिवार से पूछा गया तो उन्होंने उसके बारे में कोई भी जानकारी होने से मना कर दिया. कुछ समय बाद सिंथिया को पता चला कि राफेल बिना उसे तलाक दिए किसी दूसरी महिला से शादी कर रहा है. किरण और सिंथिया एनआरआई पतियों की ओर से छोड़ दी गईं हजारों मामलों में से सिर्फ दो हैं. ऐसी पत्नियों को 'हनीमून ब्राइड' और 'हॉलीडे ब्राइड' भी कहा जाता है.

साल-दर-साल बढ़ते जा रहे हैं पत्नियों को छोड़ जाने के मामले 

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में एनआरआई पतियों के खिलाफ 2,490 शिकायतें दर्ज हुई हैं. देश की एनआरआई बेल्ट के तौर पर पहचाने जाने वाले पंजाब में 2019 में अब तक ऐसे 80 मामले दर्ज हो चुके हैं. उनका कहना है कि साल-दर-साल ऐसे मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है. वर्ष 2014 में ऐसी 425, 2015 में 422, 2016 में 468, 2017 में 528 और 2018 में 445 शकायतें दजर्ल कराई गई थीं.

अब तक दुल्हनों को छोड़ जाना घोषित नहीं हो पाया है अपराध 

रेखा शर्मा के मुताबिक, अब तक एनआरआई पतियों के भारतीय दुल्हनों को छोड़ देने को आपराधिक मामला नहीं माना जाता है. ऐसी महिलाएं इस आधार पर सिर्फ तलाक की अर्जी दाखिल कर सकती हैं. हालांकि, ऐसे मामलों को आईपीसी की धारा-498 ए के तहत क्रूरता में शामिल किया जा सकता है. एनआरआई संशोधन विधेयक 2019 में ऐसी शादियों को 30 दिन के भीतर भारत या विदेश में पंजीकृत कराने को अनिवार्य बनाया गया है. हालांकि, यह बिल अभी पारित नहीं हुआ है.

रेखा शर्मा कहती हैं कि कानूनों में संशोधन के जरिये अथॉरिटीज को आरोपियों पर कार्रवाई करने का ज्यादा अधिकार मिल जाएगा.


कानूनों में संशोधनों से कोर्ट और अथॉरिटीज के बढ़ेंगे अधिकार 

शर्मा कहती हैं कि इसी तरह पासपोर्ट एक्ट में संशोधन के जरिये पासपोर्ट अथॉरिटी को आरोपी एनआरआई का पासपोर्ट रद्द करने का अधिकार मिल जाएगा. सीआरपीसी, 1973 में संशोधन के जरिये अदालतों को विदेश मंत्रालय की वेबसाइट के जरिये ऐसे एनआरआई पतियों के खिलाफ समन और वारंट जारी करने का अधिकार मिल जाएगा. हालांकि, किरण कहती हैं कि धारा-498ए का मामला दर्ज होना ही काफी नहीं है. ऐसे एनआरआई पतियों के खिलाफ धारा-420 के तहत भी मामला दर्ज होना चाहिए ताकि पुलिस दूसरे देशों से मदद ले सके. इसके अलावा उनके पासपोर्ट रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू की जानी चाहिए.

भगोड़े एनआरआई पतियों को आसानी से न मिले तलाक 

शर्मा कहती हैं कि विदेश में बिना पत्नी की मौजूदगी या रजामंदी के भी तलाक लेना आसान है. भारत सरकार को ऐसा कानून बनाना चाहिए, जिससे भगोड़े एनआरआई पतियों को आसानी से तलाक न मिल पाए. साथ ही बिना तलाक के एक निश्चित अवधि के भीतर छोड़ देना और संपर्क काट लेने को अपराध घोषित किया जाना चाहिए. एनआरआई धोखाधड़ी के मामलों से गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, महिला व बाल कल्याण मंत्रालय और राष्ट्रीय महिला आयोग को मिलकर निपटना चाहिए. वहीं, आरोपी पर रेप की धाराओं में भी मामला दर्ज किया जाना चाहिए.

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First published: July 19, 2019, 5:49 AM IST
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