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आज राज्‍यसभा में सेना जैसी कैप पहने नजर नहीं आए मार्शल, हुआ था यूनिफॉर्म का विरोध

News18Hindi
Updated: November 21, 2019, 5:58 PM IST
आज राज्‍यसभा में सेना जैसी कैप पहने नजर नहीं आए मार्शल, हुआ था यूनिफॉर्म का विरोध
सेना जैसी यूनिफॉर्म पर विरोध के बाद आज मार्शल कैप पहने हुए नजर नहीं आए.

राज्‍यसभा (Rajya Sabha) के 250वें सत्र के शुरू होने पर सोमवार को (Marshals) नई यूनिफॉर्म में नजर आए थे. राज्‍यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी नेताओं (Opposition Leaders) ने इस नई यूनिफॉर्म पर सवाल उठाना शुरू कर दिया. उनका कहना था कि मार्शल की यूनिफॉर्म सेना की वर्दी (Army Like Uniform) जैसी दिख रही है. राज्‍यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू (M. Venkaiah Naidu) ने मंगलवार को इसकी समीक्षा की बात कही. ऐसे में आज मार्शल वर्दी तो नई ही पहन कर आए, लेकिन इसमें कैप शामिल नहीं की.

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  • Last Updated: November 21, 2019, 5:58 PM IST
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नई दिल्‍ली. राज्‍यसभा के मार्शल्‍स (Marshals) की नई यूनिफॉर्म में मामूली बदलाव करते हुए सेना जैसी दिखने वाली कैप (Army Like Cap) हटा दी गई है. आज संसद के उच्‍च सदन (Rajya Sabha) में मार्शल वर्दी तो नई वाली ही पहने हुए नजर आए, लेकिन उन्‍होंने कैप नहीं पहनी थी. दरअसल, सोमवार को राज्‍यसभा के 250वें सत्र की शुरुआत हुई तो सदन के सदस्‍य मार्शल की वर्दी देखकर चौंक गए. विपक्षी नेताओं (Opposition Leaders) ने उनकी नई यूनिफॉर्म पर सवाल उठाने शुरू कर दिए. उनका कहना था कि मार्शल की नई वर्दी सेना की यूनिफॉर्म जैसी दिख रही है. इसके बाद मंगलवार को सभापति एम. वेंकैया नायडू ने विरोध बढ़ने पर वर्दी की समीक्षा करने की बात कही.

वेंकैया नायडू ने कहा - नई यूनिफॉर्म की समीक्षा की जा रही है
राज्‍यसभा में जब बृहस्‍पतिवार को एक सदस्‍य ने कहा कि मार्शल ने कैप नहीं पहनी है. तो नायडू ने कहा कि कुछ भी सेना जैसा नहीं है. ये सामान्‍य बात है. नई ड्रेस हर किसी से सलाह लेने के बाद तैयार की गई थी. अब समीक्षा की प्रक्रिया जारी है. नेवी ब्‍लू (Navy Blue) कलर की नई यूनिफॉर्म में कंधों पर लगाए जाने वाले इनसिग्निया (Insignia), गोल्‍ड एजुलेट (सेना या शैक्षणिक यूनिफॉर्म में लटकाई जाने वाली धातु की चेन) हैं. मार्शल की नई कैप सेना में ब्रिगेडियर (Brigadier) या इससे ऊपर की रैंक के सेना के अधिकारियों की कैप जैसी दिख रही थी. पहले मार्शल सफेद रंग का बंद गले का कोट और साफा पहनते थे.

राज्‍यसभा के सभापति ने मंगलवार को दिया समीक्षा का आदेश

नई यूनिफॉर्म की पूर्व सेना प्रमुख (former Army chief ) वेद प्रकाश मलिक (General Ved Prakash Malik) ने भी आलोचना की. उन्‍होंने सोशल मीडिया पर कहा कि ये गैरकानूनी है. उन्‍होंने ट्वीट किया कि सेना से संबंध नहीं रखने वाले लोगों द्वारा सैन्य यूनिफॉर्म की नकल करना और पहनना अवैध है. इससे सुरक्षा को लेकर भी दिक्कतें आएंगी. उपराष्‍ट्रपति वेंकैया नायडू ने इस पर संज्ञान लेते हुए मंगलवार को अधिकारियों को मार्शल की सेना जैसी यूनिफॉर्म की समीक्षा का आदेश दे दिया. उन्‍होंने सदन में कहा कि राज्यसभा सचिवालय ने मार्शल्‍स के लिए नया ड्रेस कोड तय किया था. कुछ नेताओं और प्रबुद्ध नागरिकों की ओर से इस बारे में सुझाव व टिप्पणियां मिली हैं. लिहाजा, मैंने सचिवालय से समीक्षा के लिए कहने का फैसला किया है.

सबसे पहले जयराम रमेश ने उच्‍च सदन में उठाया था मामला
सबसे पहले इस नई ड्रेस पर सोमवार को कांग्रेस सांसद जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने सवाल उठाए थे. लेकिन, उस वक्त नायडू ने उन्हें शांत रहने को कह दिया था. नायडू ने जयराम से कहा कि इतने महत्‍वपूर्ण घंटों में बेवजह के सवाल न उठाएं. सूत्रों के मुताबिक मार्शल की ड्रेस में बदलाव को लेकर फैसला छह महीने पहले लिया गया था. दरअसल, राज्यसभा में लोगों को मार्शल और बाकी वार्ड स्टाफ और पहरेदार के बीच अंतर पता नहीं चलता था. ऐसे में ड्रेस बदल कर मार्शल को अलग पहचान देने की कोशिश की गई.
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First published: November 21, 2019, 5:58 PM IST
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