शहीद औरंगजेब के दो भाई सेना में भर्ती, पिता बोले- आतंकियों से बदला लेने के लिए भेजा

औरंगजेब को पुलवामा से अगवा कर लिया गया था और बाद में 14 जून 2018 को आतंकवादियों ने उनकी हत्या कर दी थी.

News18Hindi
Updated: July 23, 2019, 7:25 PM IST
शहीद औरंगजेब के दो भाई सेना में भर्ती, पिता बोले- आतंकियों से बदला लेने के लिए भेजा
औरंगजेब के अपहरण और हत्‍या के 13 महीने बाद उनके दो भाई शहादत का बदला लेने के लिए सेना में शामिल हो गए हैं. (फोटो साभार- सोशल मीडिया)
News18Hindi
Updated: July 23, 2019, 7:25 PM IST
जम्‍मू-कश्‍मीर के राजोरी में शहीद जवान औरंगजेब के परिवार के लिए सोमवार का दिन खुशी लेकर आया है. औरंगजेब के अपहरण और हत्‍या के 13 महीने बाद उनके दो भाई शहादत का बदला लेने के लिए सेना में शामिल हो गए हैं.

एक रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि मोहम्मद तारिक और मोहम्मद शब्बीर जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले में सोमवार को आतंकवाद रोधी बल 'रोमियो' के मुख्यालय में 'पासिंग आउट परेड' में प्रादेशिक सेना की 156 वीं इंफैंट्री बलाटियन में भर्ती हुए. वे दोनों कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ 'ऑपरेशन ऑल आउट' में शामिल होने और देश के दुश्मनों से लड़ने के इच्छुक हैं.

उनके पिता मोहम्मद हनीफ भी थल सेना में सेवा दे चुके हैं. दो बेटों के सेना में भर्ती होने पर पिता ने कहा, 'मैंने अपने बेटों को भारतीय थल सेना में सेवा देने और उनके भाई औरंगजेब की आतंकवादियों द्वारा की गई हत्या का बदला लेने तथा आतंकवाद का खात्मा सुनिश्चित करने के लिए भेजा है.'

आतंक के खिलाफ लड़ाई होगी बेटे की शहादत

हनीफ ने कहा, 'आतंकवाद के खिलाफ इनकी लड़ाई उनके शहीद बेटे को श्रद्धांजलि होगी.' गौरतलब है कि औरंगजेब को पुलवामा से अगवा कर लिया गया था और बाद में 14 जून 2018 को आतंकवादियों ने उनकी हत्या कर दी थी. उस वक्त वह अपने परिवार के साथ ईद मनाने के लिए पुंछ स्थित अपने घर लौट रहे थे. वह थल सेना की 44 वीं राष्ट्रीय राइफल में नियुक्त थे.

दोनों भाइयों ने कहा, 'उनकी हत्या के बाद, हम थल सेना में शामिल होने के लिए दृढ़ हैं.' शब्बीर ने कहा, 'हम थल सेना में शामिल हुए हैं. हमारा लक्ष्य भाई का बदला लेना है. यह हमारे पिता का संकल्प और हमें दिया गया निर्देश है. हम इसे पूरा करेंगे.'

पंजाब रेजीमेंट में लेंगे प्रशिक्षण
Loading...

थल सेना के प्रवक्ता ने बताया कि इन दोनों को सात मार्च को पुंछ जिले में चलाए गए एक भर्ती अभियान में चयनित किया गया था. उन्हें पंजाब रेजीमेंट में प्रशिक्षण मिलेगा. प्रवक्ता ने बताया कि थल सेना ने सोमवार को राजौरी जिले में भर्ती परेड कराई.

ये भी पढ़ें: कश्मीर पर ट्रंप के बयान पर बवाल, जानें क्या है शिमला समझौता

सीमावर्ती पुंछ जिले के सुरनकोट स्थित सलानी बस्ती के रहने वाले उनके बड़े भाई मोहम्मद कासिम भी 12 साल पहले थल सेना में भर्ती हुए थे. उनके दो छोटे भाई आसिम और सोहैल अभी पढाई कर रहे हैं. वे भी अपने भाइयों के नक्शे कदम पर चलना चाहते हैं.

ये भी पढ़ें: इवांका से मिले सबूत, मोदी-ट्रंप में नहीं हुई थी बातचीत
First published: July 23, 2019, 7:25 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...