पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड मसूद अजहर घोषित हुआ वैश्विक आतंकी

पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड मसूद अजहर घोषित हुआ वैश्विक आतंकी
14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद से भारत मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए लिए जोर दे रहा था. चीन लगातार अपनी वीटो का इस्तेमाल कर रोड़ा अटका रहा था.

14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद से भारत मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए लिए जोर दे रहा था. चीन लगातार अपनी वीटो का इस्तेमाल कर रोड़ा अटका रहा था.

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पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया गया है. संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि मसूद अजहर का नाम संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंधित सूची में जुड़ गया है. उन्होंने ट्वीट किया- बड़े, छोटे सभी ने साथ दिया. मसूद अजहर का नाम प्रतिबंधित व्यक्तियों की सूची में शामिल हो गया है. सभी के मदद के लिए शुक्रिया.'

अजहर को प्रतिबंधित करने पर संयुक्त राष्ट्र की समिति ने कहा- 'सुरक्षा परिषद समिति 1267 (1999), 1989 (2011) और 2253 (2015) आईएसआईएल (Da'esh), अल-कायदा, और संबंधित व्यक्तियों, समूहों, उपक्रमों और संस्थाओं से संबंधित प्रस्तावों के अनुसार, प्रतिबंधित करने की मंजूरी देती है.'

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सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र ने वैश्विक आतंकवादी घोषित कर दिया है. हम इसके लिए कई देशों के लिए आभारी हैं जिन्होंने हमें समर्थन दिया है. हम संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस और परिषद में और परिषद के बाहर कई अन्य लोग; इंडोनेशिया के स्थायी प्रतिनिधि का शुक्रिया अदा करना चाहते हैं.
उन्होंने कहा कि 'यह एक महत्वपूर्ण परिणाम है, हम कई वर्षों से इसके इंतजार में थे. आज यह लक्ष्य हासिल हुआ है.'

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मसूद अजहर को प्रतिबंधित करने पर पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने टिप्पणी की है. पाक के अंग्रेजी अखबार Dawn के अनुसार विदेश कार्यालय के प्रवक्ता डॉ. मोहम्मद फैसल ने कहा, 'पहले मसूद अजहर को प्रतिबंधित करने के प्रस्तावों में तकनीकी मानदंडों का अभाव था. वे पाकिस्तान को बदनाम करने और कश्मीर में आंदोलन को बाधित करने के उद्देश्य से किए गए थे और इसलिए उन्हें पाकिस्तान द्वारा खारिज कर दिया गया. उन प्रस्तावों में राजनीतिक एजेंडा भी था.'
यह भी पढ़ें:  मसूद वैश्विक आतंकी घोषित, अब भारत के सामने झुकने को मजबूर होगा पाकमसूद अज़हर को वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया जाना भारत सरकार की बड़ी कूटनीतिक जीत है क्योंकि भारत काफी लंबे समय से खासकर कि 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद से इसके लिए जोर दे रहा था. चीन लगातार अपनी वीटो का इस्तेमाल कर रोड़ा अटका रहा था.चीन ने 13 मार्च को जैश सरगना मसूद अज़हर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर वीटो लगा दिया था. तभी से अमेरिका समेत कई बड़े देश चीन के इस कदम की आलोचना कर रहे थे.मसूद अजहर का वैश्विक आंतकी घोषित होने के बाद फ्रांस ने बयान दिया कि हम इसका स्वागत करते हैं. फ्रांस ने कहा कि हमारी कूटनीति लगातार अजहर को प्रतिबंधित मांग कर रही थी जो एक आंतकी संगठन का मुखिया है.


ANI के अनुसार,सरकार के सूत्रों ने बताया, जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को बहावलपुर में मरकज़ सुभान अल्लाह में हाऊस अरेस्ट कर लिया गया था. फिर से इस्लामाबाद के एक सेफ हाऊस में शिफ्ट किया गया.

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