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सेंटिनल द्वीप मामला: नहीं मिल पाएगा अमेरिकी नागरिक का शव?

News18.com
Updated: November 23, 2018, 3:58 PM IST
सेंटिनल द्वीप मामला: नहीं मिल पाएगा अमेरिकी नागरिक का शव?
अमेरिकी मिशनरी जॉन एलेन चाऊ की आदिवासियों ने हत्या कर दी.

बताया जा रहा है कि 14 नवंबर की रात को वह मछुवारे के साथ सेंटिनल द्वीप के तट पर पहुंच गया था. अगले दिन 15 नवंबर को सुबह साढ़े चार बजे वह उत्तरी सेंटीनल के पश्चिमी तट पर पहुंच गया.

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सेंटिनल द्वीप के आदिवासियों द्वारा एक अमेरिकी नागरिक की हत्या किए जाने के बाद अंडमान निकोबार पुलिस उसकी लाश खोजने में जुटी है. सरकार ने सेंटिनल द्वीप पर जाने पर रोक लगा रखी है. इसलिए पुलिस ने अभी तक सीधे तौर पर वहां जाने की कोशिश नहीं की लेकिन जैसे-जैसे समय बीत रहा है, इस बात की आशंका भी बढ़ती जा रही है कि आदिवासी लाश का अंतिम संस्कार अपने हिसाब से न कर दें.

अधिकारियों ने इस मामले में एंथ्रोपॉलजिस्ट और आदिवासी कल्याण स्पेशलिस्ट की राय भी मांगी है ताकि आदिवासियों के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सके. उन्हें लगता है कि यह जानकारी चाऊ की लाश तक पहुंचने में मददगार साबित होगी.

चाऊ को इस द्वीप के आदिवासियों ने पिछले हफ्ते तीरों से उस वक्त मार डाला था जब वो गैर-कानूनी तरीके से द्वीप के पास तट तक पहुंच गए थे. कथित तौर पर चाऊ ईसाई मिशनरी थे और वह धर्म प्रचार के लिए आदिवासियों से मिलना चाहते थे. पुलिस ने अभी तक चाऊ की लाश की पहचान करने के लिए एक जहाज़ और एक हेलीकॉप्टर का प्रयोग किया है ताकि उस सुरक्षित एरिया तक पहुंचा जा सके. लेकिन इस मामले में अभी तक सफलता नहीं मिली है.

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डीजीपी दीपेंद्र पाठक ने कहा कि 'बुधवार को अधिकारियों की एक टीम पहले ही वहां गई थी लेकिन वह वापस लौट आई. आज हम फिर 15-16 लोगों की टीम भेज रहे हैं जिसमें पुलिसवालों के अलावा, शिक्षाविद व आदिवासी परंपराओं के जानकार भी शामिल होंगे.'

इस टीम के साथ वे छह मछुवारे भी जाएंगे जिन्होंने चाऊ को सेंटीनल द्वीप तक पहुंचने में मदद की थी. इससे जहां अमेरिकी नागरिक को मारा गया था उस जगह के बारे में जानकारी मिल सकती है. डीजीपी ने कहा कि 'यह काफी संवेदनशील मुद्दा है और हम सारे सबूतों को जुटाना चाहते हैं ताकि पता चल सके कि वास्तव में सेंटिनल द्वीप पर हुआ क्या.'

किसी विदेशी और भारतीय का उस द्वीप के पांच किलोमीटर एरिया तक जाने पर मनाही है ताकि सेटीनलीज़ लोगों को किसी बाहरी बीमारी से बचाया जा सके. अभी सेंटीनलीज़ लोगों की कुल संख्या 150 है.पुलिस ने बताया कि चाऊ ने मछुवारे को द्वीप के नज़दीक ले जाने के लिए पैसे दिए थे. नज़दीक पहुंचने के बाद चाऊ कयाक (छोटी नाव) लेकर द्वीप के नज़दीक पहुंच गया. उसने आगे की यात्रा रात में की ताकि वो कोस्ट गार्ड और नेवी के सर्विलांस से बच सके.

बताया जा रहा है कि 14 नवंबर की रात को वह मछुवारे के साथ सेंटीनल द्वीप के तट पर पहुंच गया था. अगले दिन 15 नवंबर को सुबह साढ़े चार बजे वह उत्तरी सेंटीनल के पश्चिमी तट पर पहुंच गया.

आइलैंड पर पहुंचने के बाद चाऊ ने स्थानीय आदिवासियों से संपर्क करने की कोशिश की और उन्हें छोटे फुटबॉल, कैंची, प्लेयिंग रिंग आदि देने की कोशिश की. डीजीपी पाठक ने कहा, 'चाऊ के नोट्स में लिखा हुआ मिला कि वो मारा जा सकता है. उसने नोट में लिखा है कि वहां पहंचने पर उसने कहा कि मेरा नाम जॉन है. मै तुमसे प्यार करता हूं जीसस भी तुमसे प्यार करते हैं...देखो तुम्हारे लिए कुछ मछलियां हैं.'

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सेटीनलीज़ को दोस्त बनाने की कोशिश में किसी अंजान व्यक्ति द्वारा उसे मार दिया गया. मछुवारे ने उसको अंतिम बार 16 नवंबर 2018 को देखा था. 17 नवंबर को सुबह करीब साढ़े छह बजे मछुवारे के एक दोस्त ने देखा कि कुछ लोग किसी अंजान व्यक्ति के शरीर को दफनाने की कोशिश कर रहे हैं. उस शरीर की कद-काठी, रंग व कपड़े देखकर लग रहा था कि वह वही अमेरिकी नागरिक है. अमेरिकी नागरिक के शरीर का पता लगाने में कई दिन लग सकते हैं. अधिकारियों का कहना है कि अगर ऐसा होता भी है तो वो आदिवासियों के अतिसंवेदनशील क्षेत्र को नुकसान नहीं पहुंचा सकते हैं.

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First published: November 23, 2018, 3:44 PM IST
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