नगरोटा आतंकी हमलाः विदेश मंत्रालय ने जताई चिंता, कहा- DDC चुनाव था आतंकियों का निशाना

कश्मीर के नगरोटा में सुरक्षा बलों ने सीमा पार से आए चार आतंकियों को एनकाउंटर में मार गिराया (PTI फोटो)
कश्मीर के नगरोटा में सुरक्षा बलों ने सीमा पार से आए चार आतंकियों को एनकाउंटर में मार गिराया (PTI फोटो)

जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के नगरोटा (Nagrota) में हुए एनकाउंटर पर विदेश मंत्रालय (MEA) ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि आतंकियों की कोशिश आगामी डीडीसी चुनाव में खलल डालने की थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 22, 2020, 5:42 AM IST
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नई दिल्ली. विदेश मंत्रालय (MEA) ने शनिवार को आधिकारिक बयान जारी कर जम्मू कश्मीर के नगरोटा (Nagrota) में हुए एनकाउंटर पर अपनी प्रतिक्रिया दी. नगरोटा में सुरक्षा बल के जवानों ने जैश ए मोहम्मद के चार आतंकियों (Terrorists) को मार गिराया था. विदेश मंत्रालय ने इस पूरे मामले चिंता जताते हुए शुरुआती रिपोर्ट से पता चलता है कि आतंकियों का कनेक्शन पाकिस्तान स्थित जैश ए मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) से था. जैश ए मोहम्मद पर संयुक्त राष्ट्र संघ और कई दूसरे देशों ने बैन लगा रखा है. आधिकारिक बयान में कहा गया है कि भारत सरकार जैश ए मोहम्मद की ओर से किए जा रहे लगातार आतंकी हमलों को लेकर चिंतित है.

विदेश मंत्रालय ने चिंता जताते हुए ये नापाक कोशिशें जम्मू-कश्मीर में होने जा रहे जिला विकास परिषद चुनावों (DDC) में खलल डालने और शांति भंग करने के मंसूबे से किए जा रहे हैं. मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि फरवरी 2019 के पुलवामा हमले सहित देश में हुए कई आतंकी हमलों में जैश ए मोहम्मद का हाथ रहा है. जम्मू-कश्मीर से भारी मात्रा में हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटक का मिलना बताता है कि आतंकियों ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की शांति और सुरक्षा में व्यवधान डालने के लिए विस्तृत प्लानिंग की थी. खासतौर पर उनकी कोशिश लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत होने वाले स्थानीय जिला विकास परिषद के चुनावों में खलल डालने का था. राज्य में डीडीसी के चुनाव 28 नवंबर से 22 दिसंबर के बीच होने वाले हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ट्वीट करके भारतीय सुरक्षा बलों को आतंकियों को मार गिराने में मिली कामयाबी पर बधाई दी. उन्होंने कहा कि ये आतंकी पाकिस्तान स्थित जैश ए मोहम्मद से ताल्लुक रखते हैं. नगरोटा में आतंकी हमले को देखते हुए विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास के उच्चायुक्त को समन किया और पाकिस्तान द्वारा लगातार आतंकियों को पनाह देने और हमलों को बढ़ावा देने की नीति से बाज आने को कहा.



बता दें कि नगरोटा (Nagrota) में गुरुवार को हुए एनकाउंटर (Encounter) में जैश ए मोहम्मद के चार आतंकी मारे गए थे. ये सभी आतंकी पाकिस्तानी थे. खुफिया एजेंसियों के मुताबिक ये सभी आतंकी डीडीसी चुनाव के दौरान बड़े हमले के मकसद से भेजे गए थे और पाकिस्तान में बैठे जैश सरगना मसूद अजहर (Masood Azhar) के भाई रऊफ लाला से लगातार संपर्क में थे. जांच एजेंसियों ने बताया कि जिस समय आतंकियों का एनकाउंटर किया गया उस वक्त भी रऊफ लाला इन सभी आतंकियों को निर्देश दे रहा था.
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जांच एजेंसियों को पुख्ता सबूत मिले हैं कि जैश के इन आतंकियों को पाकिस्तान से भेजा गया था और वहीं से उन्हें निर्देश भी दिए जा रहे थे. जांच एजेसी को आतंकियों के पास से पाकिस्तान की एक कंपनी का डिजिटल मोबाइल रेडियो (DMR) बरामद हुआ है. यही नहीं आतंकियों के पास से जो मोबाइल मिले हैं, उसके मैसेज देखने के बाद साफ हो जाता है कि आतंकी लगातार पाकिस्तान में बैठे आकाओं के संपर्क में थे. एजेंसी को शक है कि ये मैसेज पाकिस्तान के शकरदढ़ से भेजे गए थे.

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खुफिया एजेंसियों के मुताबिक डिजिटल मोबाइल रेडियो को पाकिस्तान की कंपनी माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक्स बनाती है. जांच एजेंसियों को आतंकियों के जो जूते मिले हैं वो भी पाकिस्तान के कराची में बनाए गए हैं. इसके साथ ही एक वायरलेस सेट और एक जीपीएस डिवाइस भी बरामद हुई है जिसकी जांच में पता चला है कि ये सभी​डिवाइस पाकिस्तान से ही ली गई हैं.

खुफिया जानकारी के मुताबिक रऊफ लाला कुछ दिन पहले ही जम्मू के सांबा और हीरानगर सेक्टर के उस पार पाकिस्तान के शक्करगढ़ में देखा गया था. 31 जनवरी को भी रऊफ लाला ने इसी तरह आतंकियों की घुसपैठ की साजिश रची थे, लेकिन सुरक्षाबलों ने बन टोल प्लाजा के पास उन्हें घेरकर मार गिराया था. मारे गए जैश के आतंकियों के पास से 11 एके 47 राइफल, 29 हैंड ग्रेनेड और तीन पिस्टल बरामद हुईं हैं.
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