NRC में नाम न होने की वजह से नहीं किया जाएगा लोगों को गिरफ्तार: विदेश मंत्रालय

भाषा
Updated: September 1, 2019, 8:51 PM IST
NRC में नाम न होने की वजह से नहीं किया जाएगा लोगों को गिरफ्तार: विदेश मंत्रालय
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि लोगों के अधिकार NRC फाइनल लिस्ट में न होने के चलते नहीं छीने जाएंगे (सांकेतिक फोटो)

भारतीय विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) ने कहा कि एनआरसी (NRC) से बाहर किये जाने से असम (Assam) में एक भी व्यक्ति के अधिकारों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है और उन्हें पूर्व में प्राप्त किसी भी अधिकार (Civil Rights) से वंचित नहीं किया गया है.

  • Share this:
भारतीय विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) ने कहा कि एनआरसी (NRC) से बाहर किये जाने से असम (Assam) में एक भी व्यक्ति के अधिकारों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है और उन्हें पूर्व में प्राप्त किसी भी अधिकार से वंचित नहीं किया गया है. विदेश मंत्रालय की यह प्रतिक्रिया एनआरसी की अंतिम सूची (Final List of NRC) के कुछ पहलूओं के बारे में विदेशी मीडिया (Foreign Media) के एक वर्ग में आई टिप्पणियों के मद्देनजर आयी है.

उल्लेखनीय है कि असम में बहुप्रतीक्षित एनआरसी की अंतिम सूची शनिवार को ऑनलाइन (Online NRC) जारी कर दी गई. एनआरसी में शामिल होने के लिए 3,30,27,661 लोगों ने आवेदन दिया था. इनमें से 3,11,21,004 लोगों को शामिल किया गया है और 19,06,657 लोगों को बाहर कर दिया गया है.

जिनके नाम NRC में नहीं, वे नहीं होंगे गिरफ्तार
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘असम में रहने वाले किसी व्यक्ति के अधिकारों पर एनआरसी से बाहर किये जाने का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.’’ मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार (Ravish Kumar) ने कहा, ‘‘जिन लोगों के नाम अंतिम सूची में नहीं है उन्हें हिरासत में नहीं लिया जायेगा और कानून के तहत उपलब्ध सभी विकल्पों पर विचार होने तक उन्हें पहले की तरह ही सभी अधिकार मिलते रहेंगे.’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह सूची से बाहर किये गये व्यक्ति को ‘राष्ट्र विहीन’ नहीं बनाती है. यह कानूनी रूप से किसी व्यक्ति को ‘विदेशी’ नहीं बनाती. वे पहले से प्राप्त किसी भी अधिकार से वंचित नहीं रहेंगे.’’

विदेशी मीडिया के कई दावों को भी बताया गलत
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा है कि विदेशी मीडिया (Foreign Media) के कुछ धड़ों में फाइनल एनआरसी के पहलुओं पर बहुत सारी ऐसी बातें कही जा रही हैं, जो कि गलत हैं. भारत सरकार ने 1985 में असम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. इसमें असम के नागरिकों के रुचियों का ख्याल रखने का वादा किया गया था.
Loading...

रवीश कुमार ने कहा है कि NRC का लक्ष्य 1985 में भारत सरकार और असम राज्य की सरकार, ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) और असम गण संग्राम परिषद (AAGSP) के बीच हुए इस समझौते को लागू करना है.

यह भी पढ़ें: 1971 के बाद कोई भारत नहीं गया: बांग्लादेशी गृह मंत्री

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 1, 2019, 8:51 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...