मेधा पाटकर को पासपोर्ट ऑफिस से मिले कारण बताओ नोटिस में नजर आ रही है साजिश

मेधा पाटकर को पासपोर्ट ऑफिस से मिले कारण बताओ नोटिस में नजर आ रही है साजिश
मेधा पाटकर ने बताया कि मैं मुंबई क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय को अपने खिलाफ लंबित मामलों के बारे में लिखित जवाब दे चुकी हूं.

क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (RPO) ने दावा किया है कि मेधा पाटकर (Medha Patkar) के खिलाफ 9 आपराधिक मामले (Criminal Cases) लंबित हैं. आरपीओ ने पूछा है कि सभी जानकारियां उपलब्‍ध नहीं कराने के लिए क्‍यों न आपका पासपोर्ट (Passport) जब्‍त (Impound) कर लिया जाए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 22, 2019, 1:29 PM IST
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भोपाल. 'नर्मदा बचाओ आंदोलन' चलाने वाली सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर (Medha Patkar) को मुंबई के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (RPO) की ओर से मिले कारण बताओ नोटिस में साजिश (Conspiracy) नजर आ रही है. उन्‍होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे गहरी साजिश है, जिसकी जांच कराई जानी चाहिए. इन दिनों अपने सियासी फायदे के लिए जन आंदोलनों को बदनाम (Defame) करने वाले लोग सक्रिय हैं. ये लोग सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेल में डालने के बहाने खोज रहे हैं. बता दें कि आरपीओ का दावा है कि मेधा पाटकर के खिलाफ 9 आपराधिक मामले (Criminal Cases) लंबित हैं. कारण बताओ नोटिस में इस आधार पर पूछा गया है कि क्‍यों न पूरी जानकारी उपलब्‍ध नहीं कराने के लिए आपका पासपोर्ट (Passport) जब्‍त कर लिया जाए.

'अगस्‍त, 2017 में दर्ज मामले की जानकारी मार्च, 2017 में कैसे दी जा सकती है'
मेधा पाटकर ने बताया कि मैं मुंबई क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (Mumbai RPO) को अपने खिलाफ लंबित मामलों के बारे में 18 अक्‍टूबर, 2019 को लिखित जवाब दे चुकी हूं. ये मामले मध्‍य प्रदेश (madhya Pradesh) के बरवानी, अलिराजपुर और खंडवा जिलों में दर्ज किए गए हैं. इनमें बरवानी के दो और अलिराजपुर के एक मामले में मैं बरी (Acquitted) हो चुकी हूं. बरवानी में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए अगस्‍त, 2017 में मामला दर्ज हुआ था, जिसके बारे में मार्च, 2017 में पासपोर्ट कार्यालय को जानकारी नहीं देने का सवाल ही गलत है. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्‍होंने कहा कि अगस्‍त, 2017 में दर्ज हुए मामले की जानकारी मार्च, 2017 में कैसे दी जा सकती है.

'मुझे किसी भी मामले में आरोपी बनाए जाने या गिरफ्तार होने की याद नहीं'



पाटकर ने कहा कि खंडवा जिला अदालत में लंबित मामलों के बारे में मुझे जानकारी नहीं है. मुझे याद नहीं आता कि इनमें से किसी भी मामले में मुझे कभी भी समन (summon) भेजा गया हो या गिरफ्तार (Arrest) किया गया हो. मुझे यह भी याद नहीं आता कि इन मामलों में मुझे कभी आरोपी (Accuse) बनाया गया हो. मेरी जानकारी के मुताबिक 30 मार्च, 2017 से पहले मेरे खिलाफ दर्ज सभी मामलों में मैं बरी हो चुकी हूं. मैंने 30 मार्च, 2017 को ही पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था. वहीं, मेधा पाटकर के नेतृत्‍व में भोपाल में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण कार्यालय पर किया जा रहा छह दिन का सत्‍याग्रह गुरुवार को खत्‍म कर दिया गया. ये विरोध प्रदर्शन सरदार सरोवर बांध के कारण मध्‍य प्रदेश के 178 गांवों के विस्‍थातिपों के लिए किया गया था.



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