समानांतर ट्रायल नहीं चला सकता मीडिया, दिल्ली हाईकोर्ट की अर्णब को फटकार

समानांतर ट्रायल नहीं चला सकता मीडिया, दिल्ली हाईकोर्ट की अर्णब को फटकार
कोर्ट ने अर्णब गोस्वामी को संयम बरतने की हिदायत दी है. (फाइल फोटो)

जज मुक्ता गुप्ता (Justice Mukta Gupta) ने कहा- क्रिमिनल ट्रायल के दौरान मीडिया को समानांतर ट्रायल चलाने से बचना चाहिए. किसी को दोषी नहीं साबित करना चाहिए. साथ ही अनर्गल दावों से भी बचना चाहिए. उन्होंने कहा कि जांच की पवित्रता को समझा जाना चाहिए और उसका सम्मान होना चाहिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 10, 2020, 8:29 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने पत्रकार अर्णब गोस्वामी (Arnab Goswami) को हिदायत देते हुए कहा है कि किसी भी केस में मीडिया समानांतर ट्रायल (Parallel Trial) नहीं चला सकता है. दरअसल दिल्ली हाईकोर्ट की जज मुक्ता गुप्ता (Justice Mukta Gupta) ने ये टिप्पणी कांग्रेस नेता शशि थरूर (Shashi Tharoor) की याचिका पर की है. शशि थरूर ने कोर्ट में याचिका दायर की थी कि उनकी पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में जब तक जांच पूरी न हो जाए तब तक अर्णब गोस्वामी के चैनल पर मामले से संबंधित रिपोर्ट्स पर रोक लगाई जाए.

कोर्ट ने कहा-जवाब दाखिल करें अर्णब गोस्वामी
इस पर कोर्ट ने अर्णब गोस्वामी को संयम बरतने की हिदायत दी है. साथ ही कोर्ट ने अर्णब गोस्वामी को मामले में जवाब दाखिल करने को भी कहा है. इस दौरान जज मुक्ता गुप्ता ने कहा - 'मीडिया को समानांतर ट्रायल चलाने से बचना चाहिए. किसी को दोषी नहीं साबित करना चाहिए. साथ ही अनर्गल दावों से भी बचना चाहिए.' उन्होंने कहा कि जांच की पवित्रता को समझा जाना चाहिए और उसका सम्मान होना चाहिए.

सुनंदा की हत्या का दावा कैसे कर सकते हैं अर्णब गोस्वामी?
थरूर के वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट में कहा कि सुनंदा पुष्कर केस में अब तक चार्जशीट नहीं फाइल हुई है. अब तक उनकी हत्या की बात भी सामने नहीं आई है. लेकिन अर्णब गोस्वामी अपने कार्यक्रमों में दावे करते रहते हैं कि उन्हें शक नहीं कि सुनंदा की हत्या की गई है.





टीवी डिबेट में इस तरह दोषी सिद्ध किया जा सकता है?
कपिल सिब्बल ने कहा-'क्या किसी व्यक्ति को एक टीवी डिबेट में इस तरह दोषी सिद्ध किया जा सकता है? आखिर कैसे अर्णब कह सकते हैं कि सुनंदा की हत्या ही हुई है. ये सब कुछ तब तक नहीं कहा जा सकता जब तक मामला कोर्ट में चल रहा है.'
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