कभी समंदर का राक्षस माना जाता था ये रूसी एयरक्राफ्ट, अब यूं खा रहा जंग... हो गई ऐसी हालत

कैस्पियन सी मॉन्स्टर के नाम से प्रसिद्ध विशालकाय रूसी विमान (फोटो- एयरोन्यूज ग्लोबल, ट्विटर; News18)
कैस्पियन सी मॉन्स्टर के नाम से प्रसिद्ध विशालकाय रूसी विमान (फोटो- एयरोन्यूज ग्लोबल, ट्विटर; News18)

यह विमान सोवियत WIG कार्यक्रम के हिस्से के रूप में बनाया गया था, जो 1960 के दशक से शुरू हुए शीत युद्ध (Cold War) का हिस्सा था. और इसके दौरान बना यह अकेला लून-क्लास इक्रानोप्लान था, जो सुपरसोनिक मिसाइलों (Supersonic Missile) से लैस था.

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  • Last Updated: October 28, 2020, 9:03 PM IST
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सोवियत रूस (Soviet Russia) में 1980 के दशक में बना एक महान विमान आजकल समुद्र तट (Sea Shore) पर पड़ा जंग खा रहा है. कभी इसे देखकर लोग कहते थे कि इसमें भविष्य की झलक दिखती है. लेकिन अब यही एमडी-160 लून-क्लास इक्रानोप्लान (MD-160 ekranoplan) 1990 के दशक के अंत से एक रूसी नौसैनिक अड्डे (Naval Base) पर पड़ा हुआ था. लेकिन अब एक योजना के हिस्से के तौर पर इसे कैस्पियन सागर (Caspian Sea) के तट पर स्थानांतरित कर दिया गया है. इस प्लान के तहत इसे समुद्र के किनारे पर्यटक आकर्षण केंद्र (Tourist attraction center) में बदलने का था.

कभी इस विशालकाय विमान को कैस्पियन सी मॉन्स्टर (Caspian Sea Monster) के नाम से जाना जाता था. विशालकाय इक्रानोप्लान को 1975 में रोस्टिस्लाव एवेरेनिविच अलेक्सेयेव नाम के इंजीनियर (Engineer) ने डिजाइन किया गया था, जो हाइड्रोफिल जहाजों और बड़े वाहनों के एक प्रमुख निर्माणकर्ता थे. यह विमान सोवियत WIG कार्यक्रम के हिस्से के रूप में बनाया गया था, जो 1960 के दशक से शुरू हुए शीत युद्ध (Cold War) का हिस्सा था. और इसके दौरान बना यह अकेला लून-क्लास इक्रानोप्लान था, जो सुपरसोनिक मिसाइलों (Supersonic Missile) से लैस था.

लेकिन मजेदार बात यह है कि इस प्रायोगिक विमान का उपनाम अमेरिकन जासूसी एजेंसी सीआईए (CIA) ने दिया था. जब जासूसी सैटेलाइट तस्वीरों से उन्होंने इस विशाल विमान के पंखों पर "KM" लिखा देखा, तो उन्होंने इसे कैस्पियन मॉन्स्टर कहना शुरू कर दिया. जबकि वास्तव में इस KM का मतलब कोराबल-माकेट (यानी प्रोटोटाइप शिप) था.
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MD-160 ekranoplan 1990 के दशक के अंत में सेवानिवृत्त हुआ था और तब से एक रूसी नौसैनिक बेस में छोड़ दिया गया था. 31 जुलाई को, एक पार्क में टूरिस्ट के लिए प्रदर्शनी के तौर पर रखने के लिए इसे डर्बेंट, डागेस्टैन की ओर एक वाहन के जरिए खींचकर लाया गया. जब यह आया तो अधिकारियों ने महसूस किया कि विशाल विमान को रखने के लिए कोई जगह नहीं है, जिसके सामने 747 जेट भी छोटा लगता है.
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इसके बाद अगस्त के बाद से ही कैस्पियन सागर के तट पर यह इक्रानोप्लान खड़ा हुआ है. जबकि स्थानीय लोग इसे हाथ से सूखी जमीन पर खींच लाने के कई प्रयास कर चुके हैं. ऐसा लगता है कि अधिकारियों ने इसे हमेशा के लिए जंग खाकर सड़ने के लिए ही यहां छोड़ दिया है.
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