जानिए कौन हैं पेंटिंग से दिल्ली चमकाने वाले योगेश सैनी, जिनकी 'मन की बात' में PM ने की तारीफ

सैनी के पास इंजीनियरिंग और एमबीए की डिग्री है. उन्होंने दिल्ली स्ट्रीट आर्ट (डीएसए) पहल की स्थापना की है. डीसीए कलाकारों और स्वयंसेवकों को शहर साफ करने और पेंट करने के लिए साथ लाने का मंच है.

News18Hindi
Updated: July 28, 2019, 3:33 PM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने  'मन की बात' कार्यक्रम में स्ट्रीट आर्ट के माध्यम से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कई इलाकों को सजाने-संवारने के लिए योगेश सैनी की तारीफ की. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सैनी ने इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़कर देश सेवा के लिए अमेरिका से वापस लौटने का फैसला किया.

पीएम मोदी ने कहा, "हाल ही में मैंने मीडिया में योगेश सैनी और उनकी टीम द्वारा किए गए प्रयासों को देखा. पेशे से इंजीनियर सैनी ने अमेरिका में नौकरी छोड़ दी और देश सेवा में लगे हुए हैं. कुछ समय पहले उन्होंने दिल्ली को न केवल स्वच्छ बनाने का काम किया, बल्कि इसका सौंदर्यीकरण भी किया. कूड़ा हटाकर, स्कूलों की बिल्डिंग और ओवरब्रिज को सजा-संवारकर उन्होंने लोधी गार्डन को लोधी आर्ट डिस्ट्रिक्ट में बदल दिया. लोगों ने भी उसके प्रयासों को नोट किया और उसकी सराहना की.”

सैनी के पास इंजीनियरिंग और एमबीए की डिग्री है. उन्होंने दिल्ली स्ट्रीट आर्ट (डीएसए) पहल की स्थापना की है. डीसीए कलाकारों और स्वयंसेवकों को शहर साफ करने और पेंट करने के लिए साथ लाने का मंच है.

दिल्ली के लिए कुछ करना चाहते हैं सैनी

अपने फेसबुक पेज पर डीसीए ने लिखा है कि सैनी ट्रैवलर, फोटोग्राफर, ब्लॉगर और डिजिटल आर्टिस्ट हैं. डीसीए ने फेसबुक पेज पर लिखा है, "दिल्ली का एक इंजीनयर जिनके पास अमेरिका से एमबीए की डिग्री भी है. वह 20 से अधिक सालों तक विदेशों में रहे और उन्होंने फॉर्च्यून 500 कंपनियों में काम करने के साथ अमेरिका और भारत में स्टार्टअप्स लॉन्च किए. 2013 के बाद वह दिल्ली में रह रहे हैं, इसलिए उन्होंने उस शहर के लिए, जहां वे बड़े हुए, कुछ करने की इच्छा महसूस की ताकि उसे अधिक रहने लायक और मिलनसार बनाया जा सके."



 
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2013 में आया डीसीए शुरू करने का विचार

बेटर इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने 2013 में डीएसए शुरू करने के विचार की कल्पना की. डीसीए ने ही दिल्ली में नेहरू प्लेस और जनकपुरी सहित विभिन्न स्थानों पर चित्रकारी की है. सैनी को यह ख्याल लोधी गार्डन में आया जहां उन्होंने देखा कि लोगों ने अपने आस-पास के वातावरण को साफ रखने के लिए अपने नागरिक कर्तव्य का पालन नहीं किया, क्योंकि वहां लगाए गए डस्टबिन उनका ध्यान आकर्षित करने में विफल रहे, जबकि वे नए थे.

उन्होंने जल्द ही NDMC के सहयोग से 'स्ट्रीट आर्ट सैटरडेज' का आयोजन किया, जहां आर्टिस कूड़ेदानों को पेंट करने के लिए इक्ट्ठा होते थे.



दिल्ली को बनाया खूबसूरत

दिल्ली स्ट्रीट आर्ट को राजधानी के कई क्षेत्रों के मेकओवर का श्रेय जाता है. डीसीए की पेंटिंग से लोधी कॉलोनी को 'लोधी आर्ट डिस्ट्रिक्ट' का उपनाम मिल गया. लोधी कॉलोनी के सरकारी क्वार्टर की जिन दीवारों पर पहले किसी का ध्यान नहीं जाता था, अब वे आंखों को सुकून देती हैं.

कनॉट प्लेस का शंकर मार्केट, जिसने लोकप्रिय शॉपिंग डेस्टिनेशन के तौर पर अपनी पहचान खो दी है, वहां भी लोगों की संख्या बढ़ाने के लिए संगीत, डांस और ड्रामा का चित्रण किया गया है. इसी तरह की पेंटिंग दिल्ली रेलवे स्टेशन में भी की गई. 2018 में  दिल्ली में कई झुग्गियों को भी मेकओवर किया गया.

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First published: July 28, 2019, 3:26 PM IST
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