जनार्दन द्विवेदी बोले- राहुल गांधी को इस्‍तीफा देने से पहले बनानी चाहिए थी कोई व्‍यवस्‍था

इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. कर्ण सिंह ने पार्टी नेताओं को सलाह दी है कि वे राहुल गांधी के फ़ैसले का सम्मान करें और उनको मनाने में समय बर्बाद ना करें.

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Updated: July 9, 2019, 6:29 PM IST
जनार्दन द्विवेदी बोले- राहुल गांधी को इस्‍तीफा देने से पहले बनानी चाहिए थी कोई व्‍यवस्‍था
जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि पार्टी को कार्यसमिति की बैठक बुलानी चाहिए और अध्‍यक्ष के नाम को लेकर जल्‍द ही फैसला लिया जाना चाहिए. (फाइल फोटो)
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Updated: July 9, 2019, 6:29 PM IST
कांग्रेस नेता जनार्दन द्विवेदी ने मंगलवार को पार्टी अध्‍यक्ष पद को लेकर बड़ा बयान दिया है. जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि पार्टी को कार्यसमिति की बैठक बुलानी चाहिए और अध्‍यक्ष के नाम को लेकर जल्‍द ही फैसला लिया जाना चाहिए. राहुल गांधी को पद छोड़ने से पहले नए अध्‍यक्ष को लेकर कोई व्‍यवस्‍था बनानी चाहिए थी.

जनार्दन द्विवेदी ने अध्‍यक्ष पद को लेकर पार्टी में चल रही कवायत संबंधी सवाल पर मीडिया को जवाब देते हुए कहा कि राहुल गांधी को इस्‍तीफा देने से पहले अगले अध्‍यक्ष के चयन की व्‍यवस्‍था बना लेनी चाहिए थी. इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. कर्ण सिंह ने पार्टी नेताओं को सलाह दी है कि वे राहुल गांधी के फ़ैसले का सम्मान करें और उनको मनाने में समय बर्बाद ना करें.

कर्ण सिंह ने कहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक बुलाई जाए. इससे पहले की ज़्यादा देर हो जाए पार्टी एक अंतरिम अध्यक्ष, चार कार्यकारी अध्यक्ष या उपाध्यक्ष बनाए.



कर्ण सिंह बोले- भटकाव की स्थिति से हैरान हूं

कर्ण सिंह ने एक पत्र लिखा, 'मैंने करीब 50 साल पहले सन् 1967 में कांग्रेस ज्वाइन की थी. मैं 25 मई को राहुल गांधी के इस्तीफा देने के बाद से पार्टी में जो भ्रम और भटकाव की स्थिति पैदा हुई है, मैं उससे हैरान हूं. उनके साहस भरे फैसले का सम्मान करने के बजाय उनको मनाने में एक महीना बर्बाद किया गया. सम्मान और गरिमा वाले शख्स के लिए ये गलत है. इसके लिए उन पर दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए. 6 हफ्ते बीत चुके हैं और अभी तक पार्टी का कोई वैकल्पिक ढांचा तैयार नहीं हुआ है.

संसद में राहुल गांधी ने लगाए WE Want Justice के नारे
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कर्नाटक के सियासी घमासान को लेकर कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को लोकसभा में नारे लगाए. ऐसा पहली बार था जब 17वीं लोकसभा में राहुल गांधी को नारे लगाते हुए देखा गया था. राहुल गांधी जब लोकसभा में पहुंचे उस वक्‍त कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी कर्नाटक मुद्दे को लोकसभा में उठा रहे थे. चौधरी ने सत्‍तारूढ़ पार्टी पर राज्‍य में अपने विधायकों को 'शिकार' बनाने का आरोप लगाया. उस वक्‍त राहुल गांधी सदन में बैठे-बैठे ही नारे लगाने लगे.



चौधरी ने कहा कि विधायकों का 'शिकार' करने की राजनीति लोकतंत्र के लिए खतरा है. लोकसभा अध्‍यक्ष ओम बिरला ने कहा कि कांग्रेस के सदस्‍यों को कल भी इस मुद्दे को उठाने का समय दिया जाएगा. इसके साथ ही कार्यस्थगन प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया गया है. इसपर कांग्रेस सदस्‍य नारेबाजी करने लगे और कुछ देर के बाद ओम बिरला के आसन के पास आकर नारेबाजी करने लगे.

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कांग्रेस के साथ ही द्रमुक के सदस्‍य भी आसन के पास आकर नारेबाजी करने लगे. इस दौरान संप्रग अध्‍यक्ष सोनिया गांधी भी सदन में मौजूद थीं. राहुल गांधी को भी सदन में 'वी वांट जस्टिस' के नारे लगाने लगे. इस दौरान संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी सदन में मौजूद थीं. राहुल गांधी को भी अपने स्थान पर बैठकर 'वी वांट जस्टिस (हमें न्याय चाहिए)' कहते सुना गया.

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First published: July 9, 2019, 5:59 PM IST
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