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मेघालय खदान हादसा: 43 दिन बाद मिला एक मजदूर का शव, 14 अभी भी फंसे

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Updated: January 24, 2019, 6:20 PM IST
मेघालय खदान हादसा: 43 दिन बाद मिला एक मजदूर का शव, 14 अभी भी फंसे
भारतीय नौसेना के लिए क्षत विक्षत शव को निकालना आसान नहीं था

भारतीय नौसेना के लिए क्षत विक्षत शव को निकालना आसान नहीं था. नौसेना के गोताखोरों ने शव को बाहर निकालने के लिए रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल (आरओवी) का उपयोग किया

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  • Last Updated: January 24, 2019, 6:20 PM IST
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मेघालय में कोयले की खदान के अंदर फंसे एक मजदूर के शव को बाहर निकाल लिया गया है. नौसना ने पानी के अंदर से शव को बाहर निकाला. बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है. इस खदान में अब भी 14 मजदूर और फंसे हैं.

पिछले हफ्ते 17 जनवरी को इस शव को देखा गया था. इस हदासे को हुए 43 दिन हो चुके हैं. ये घटना पिछले साल 13 दिसंबर की है. 4 मजदूर इस हादसे में बच गए थे. जबकि बाक़ी 15 मजदूर खदान में पानी भरने के चलते नीचे दब गए थे.

भारतीय नौसेना के लिए बुरी तरह से सड़ चुके शव को निकालना आसान नहीं था. नौसेना के गोताखोरों ने शव को बाहर निकालने के लिए रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल (आरओवी) का उपयोग किया. नौसेना ने एनडीआरएफ कर्मियों और जिला प्रशासन की सलाह पर रविवार को अपना अभियान स्थगित कर दिया था. लेकिन बाद में नौसेना के गोताखोर एक बार फिर से अभियान में जुटे.

रविवार को खबर आई थी कि बचाव अभियान को बंद कर दिया गया है. लेकिन सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि मेघालय की कोयला खदान में एक महीने से भी अधिक समय से फंसे 15 मजदूरों को निकालने का अभियान बंद नहीं किया गया है.



जस्टिस ए के सीकरी और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर की पीठ ने कहा था कि सरकार को बचाव कार्य के बारे में याचिकाकर्ता द्वारा दिये गये सुझावों पर गौर करना चाहिए. पीठ ने इसके साथ ही याचिका की सुनवाई अगले सप्ताह के लिये स्थगित कर दी थी.

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First published: January 24, 2019, 6:07 PM IST
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