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'महबूबा सरकार कहती है पर्यटक बनकर आ सकते हैं कश्मीरी पंडित'

नासिर हुसैन
Updated: April 19, 2018, 11:04 AM IST
'महबूबा सरकार कहती है पर्यटक बनकर आ सकते हैं कश्मीरी पंडित'
फाइल फोटो- महबूबा मुफ्ती.

अध्यक्ष विजय रैना की मानें तो इस वक्त दिल्ली में रजिस्टर्ड कश्मीरी पंडितों के परिवार की संख्या 19338 है.

  • Last Updated: April 19, 2018, 11:04 AM IST
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आज हमे खुद पर शर्म आती है कि हम अपने ही घर में पर्यटक बन गए हैं. लेकिन इस देश को एक मुख्यमंत्री के इस बयान पर न तो शर्म आती है और न ही गुस्सा. ये कहना है दिल्ली में शरणार्थियों की तरह से रह रहे कश्मीरी पंडित सेवा समिति के अध्यक्ष विजय रैना का.

न्यूज 18 हिन्दी से फोन पर हुई खास बातचीत में उन्होंने अपना ये दर्द बयां किया. उनका कहना है कि जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती उनके बच्चों को कश्मीर में बसाने की जगह उन्हें फ्री में पर्यटक के रूप में उन्हें उनका घर भारत दर्शन योजना के तहत दिखाने की बात कहती हैं. हमारे ही घर में हमे पर्यटक बनाया जा रहा है.

अध्यक्ष विजय रैना का कहना है कि ‘वर्ष 2015 में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने ये घोषणा की थी कि हम कश्मीरी पंडितों के लिए कश्मीर में सैनिक कॉलोनी बनवाएंगे. मल्टी स्टोरी बिल्डिंग तैयार कराई जाएंगी. तब ऐसा लगा था कि अब शायद हमारी घर वापसी हो जाएगी. लेकिन जब इस योजना की गेंद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के पाले में गई तो उन्होंने कश्मीरी पंडितों की कश्मीर वापसी कराने से हाथ खड़े कर दिए.

उन्होंने कहा कि अभी कश्मीर के हालात ठीक नहीं हैं. इस बारे में अभी हम कुछ नहीं कह पाएंगे. लेकिन इस सवाल पर कि क्या हमारे बच्चे अब कभी भी अपना कश्मीर वाला घर नहीं देख पाएंगे पर उन्हें ये कहने में देर नहीं लगी कि हम भारत दर्शन योजना बना देते हैं. आपके बच्चों को फ्री में कैब देंगे. उन्हें उनका घर घुमा देंगे. आप उन्हें कश्मीर भेज दीजिए.’

यहां-वहां भटक रहे हैं कश्मीरी पंडित

अध्यक्ष विजय रैना की मानें तो इस वक्त दिल्ली में रजिस्टर्ड कश्मीरी पंडितों के परिवार की संख्या 19338 है. जम्मू-कश्मीर हाउस से रजिस्टर्ड 12 सौ परिवार भी दिल्ली में रह रहे हैं. जम्मू में 48 हजार रजिस्टर्ड परिवार रह रहे हैं. उसमे से 15 से 20 हजार परिवार दिल्ली में रोजगार की तलाश में रह रहे हैं.

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First published: April 19, 2018, 10:49 AM IST
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