महबूबा मुफ्ती और फारूक अब्दुल्ला को भारत में रहने का अधिकार नहीं: केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी (Pralhad Joshi) ने कहा है- 'महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) और फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) को भारत में रहने को काई अधिकार नहीं है. उनमें से एक कहता है कि चीन की मदद से हम आर्टिकल 370 वापस लाएंगे. वो भी ऐसे वक्त में जब चीन हम पर आक्रमण की कोशिश कर रहा है.

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  • Last Updated: October 28, 2020, 5:48 PM IST
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नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों को लेकर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी (Pralhad Joshi) ने विवादित बयान दे दिया है. उन्होंने कहा है- 'महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) और फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) को भारत में रहने को काई अधिकार नहीं है. उनमें से एक कहता है कि चीन की मदद से हम आर्टिकल 370 वापस लाएंगे. वो भी ऐसे वक्त में जब चीन हम पर आक्रमण की कोशिश कर रहा है. आखिर आप अंतरराष्ट्रीय समुदाय को संदेश क्या देना चाहते हैं?'

दरअसल ये पूरा विवाद महबूबा मुफ्ती के एक बयान के बाद शुरू हुआ है. करीब 14 महीने की हिरासत के बाद छूटीं जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जम्मू-कश्मीर का झंडा दिखाते हुए कहा था- 'मेरा झंडा ये है. जब ये झंडा वापस आएगा तब हम तिरंगा भी फहराएंगे. जब हम तक हमें अपना झंडा वापस नहीं मिलता तब तक हम कोई झंडा नहीं फहराएंगे. हमारा झंडा ही तिरंगे के साथ हमारे संबंध को स्थापित करता है.'






प्रेस से बातचीत में महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि हम आर्थिक तौर पर बांग्लादेश से भी पिछड़ चुके हैं. चाहे वह रोजगार का मुद्दा हो या कुछ और, हर फ्रंट पर यह सरकार नाकामयाब है. उन्होंने कहा था- 'इस सरकार के पास कोई ऐसा काम नहीं है जिसे दिखाकर वो वोट मांग सके. ये लोग कहते हैं कि अब जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीदी जा सकेगी. फिर कहते हैं कि फ्री वैक्सीन बांटेंगे. आज पीएम मोदी को वोट के लिए आर्टिकल 370 पर बात करने की जरूरत पड़ती है.' इससे पहले फारूक अब्दुल्ला द्वारा चीन को लेकर दिए गए बयान पर भी काफी विवाद हो चुका है.
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