लाइव टीवी

महबूबा मुफ्ती की बेटी का खुलासा- मां को रोटी के भीतर छिपाकर भेजती थी मैसेज

News18Hindi
Updated: February 7, 2020, 2:37 PM IST
महबूबा मुफ्ती की बेटी का खुलासा- मां को रोटी के भीतर छिपाकर भेजती थी मैसेज
20 सितंबर से महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती उनका ट्विटर अकाउंट चला रही हैं. (File Photo)

पिछले साल पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाकर विशेष दर्जा वापस ले लिया गया था. इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा को हिरासत में ले लिया गया और 20 सितंबर से महबूबा की बेटी इल्तिजा उनका ट्विटर अकाउंट चला रही हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 7, 2020, 2:37 PM IST
  • Share this:
श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (Peoples Democratic Party) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) पिछले साल अगस्त से हिरासत में हैं. इस दौरान महबूबा की बेटी इल्तिजा मुफ्ती (Iltija Mufti) उनका ट्विटर अकाउंट चला रही हैं. गुरुवार को उन्होंने ट्विटर पर एक पोस्ट शेयर करते हुए बताया है कि आखिर कैसे हिरासत के दौरान अपनी मां को मैसेज भेजती थीं.

पिछले साल पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर विशेष दर्जा वापस ले लिया गया था. इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा को हिरासत में ले लिया गया और 20 सितंबर से महबूबा की बेटी इल्तिजा उनका ट्विटर अकाउंट चला रही हैं.

इल्तिजा ने मां द्वारा हिरासत में बिताए गए छह महीनों के बारे में लिखा है, 'मैं वो हफ्ता कभी नहीं भूल सकती, जब उन्हें गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया... 'मैं अगले कुछ दिन बेहद परेशान रही, इसके बाद मुझे वो चिट्ठी टिफिन बॉक्स के भीतर मिली, जिसमें उनके लिए घर से भोजन भेजा जाता था. चिट्ठी को रोटी में लपेट कर उनके पास भेजा जाता था.'

इल्तिजा ने अपनी मां के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया, 'ठीक छह महीने पहले, मैं बेबसी के साथ देखती रही जब अधिकारी मेरी मां को ले गए. दिन हफ्तों में बदले और हफ्ते महीनों में. कश्मीर में अब तक राजनीतिक नेता अवैध हिरासत में हैं. यह एक बुरे सपने जैसा है. सरकार अपने ही लोगों की आवाज दबा रही है.'उन्होंने कहा कि भारत के विचार पर हमला हो रहा है और इस दौरान चुप रहना आपराधिक सहभागिता है. उन्होंने कहा कि इस संकट के आर्थिक और मानसिक असर ने जम्मू-कश्मीर को कमजोर कर दिया है. अभी भी कुछ नहीं बदला. सच तो यह है कि भारत के विचार पर हमला हो रहा है और इस पर चुप रहना भी आपराधिक सहभागिता है.

ये भी पढ़ें:-

अमित शाह का दावा- 45 से ज्‍यादा सीट जीतकर दिल्‍ली में सरकार बनाएगी बीजेपी

निर्भया के चारों दोषियों को SC का नोटिस, 11 फरवरी को होगी अगली सुनवाई

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 7, 2020, 1:13 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर