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आर्टिकल 35A-370 के लिए मुहिम जारी रखेंगे, परिसीमन कोई मुद्दा नहीं: महबूबा

आर्टिकल 35A-370 के लिए मुहिम जारी रखेंगे, परिसीमन कोई मुद्दा नहीं: महबूबा

जम्‍मू-कश्‍मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती. (पीटीआई फाइल फोटो)

जम्‍मू-कश्‍मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती. (पीटीआई फाइल फोटो)

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने कहा है कि आर्टिकल 35A और 370 राज्य के लोगों की पहचान है. इसे लेकर लड़ाई जारी रहेगी. परिसीमन पर उन्होंने कोई दिलचस्पी दिखाने से इनकार कर दिया है.

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के साथ बृहस्पतिवार को हुई अहम बैठक के बाद पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने कहा है कि आर्टिकल 35A और 370 की लड़ाई खत्म नहीं हुई है. न्यूज़18 से बातचीत में जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, 'हमने अपनी पार्टी की तरफ से बैठक में कहा कि 5 अगस्त, 2019 को जो फैसला आपने लिया, वो सही नहीं था. वह असंवैधानिक था. इस फैसले से जम्मू-कश्मीर को न सिर्फ जज्बाती तौर पर ठेस पहुंची बल्कि आर्थिक रूप से भी धक्का लगा.'

उन्होंने कहा, 'हम इस देश के संविधान को मानते हैं, पीएम ने बुलाया इसलिए हम आए. हमसे दिल की दूरी कम करने की जरूरत नहीं, बल्कि लोगों के साथ दिल की दूरी कम करने की जरूरत है. लोगों तक संदेश भेजने के लिए भरोसा कायम करना होगा.'

हम 35A और 370 के लिए मुहिम जारी रखेंगे
महबूबा मुफ्ती ने कहा- 'हम 35A और 370 के लिए मुहिम जारी रखेंगे. हमने कल बैठक में कहा कि आपको 70 साल लगे. हो सकता है 70 महीनों में हमारी मांग पूरी हो जाए. यह हमारे लोगों की पहचान का सवाल है. इसकी बहाली के लिए हमारी जद्दोजहद जारी रहेगी. मैं अपनी बात पर कायम हूं. मेरे लिए 370 या 35A बस कोई नारा नहीं है. इसकी बहाली तक चुनाव नहीं लड़ूंगी, पार्टी चुनाव लड़ेगी, पीडीपी में CM के चेहरे की कमी नहीं.'

पाकिस्तान से बातचीत पर उन्होंने कहा- 'हमने पाक से बातचीत का मुद्दा पीएम मोदी के सामने रखा है. चीन से भी भारत सरकार बात कर रही है, जबकि वहां सिर्फ जमीन है, जम्मू-कश्मीर में तो आम लोगों का सवाल है.'

गुपकार अलायंस साथ चुनाव लड़ेगा या नहीं, इस पर मिल-बैठकर फैसला लिया जाएगा
वहीं परिसीमन पर उन्होंने कहा- 'यह हमारे लिए कोई प्राथमिकता नहीं. इसमें मेरी कोई दिलचस्पी नहीं. गुपकार अलायंस साथ चुनाव लड़ेगा या नहीं, इस पर मिल-बैठकर फैसला लिया जाएगा. अलगाववादियों के साथ बातचीत से पहले उनको रिहा किया जाए, या बाहर की जेलों से वापस जम्मू-कश्मीर लाया जाए. हम लद्दाख की बात करते रहेंगे, हमारे लिए जम्मू-कश्मीर लद्दाख आज भी एक है. लद्दाख अलग नहीं है, कल की बैठक में भी लद्दाख के हालात पर बात की.'undefined

Tags: Article 35A, Article 370, Mehbooba mufti

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