• Home
  • »
  • News
  • »
  • nation
  • »
  • जम्मू-कश्मीर: उमर-महबूबा की अभी नहीं होगी रिहाई, ऐसे तय की जाएगी तारीख

जम्मू-कश्मीर: उमर-महबूबा की अभी नहीं होगी रिहाई, ऐसे तय की जाएगी तारीख

अभी कश्मीर के नेताओं की रिहाई नहीं होगी  (फाइल फोटो)

अभी कश्मीर के नेताओं की रिहाई नहीं होगी (फाइल फोटो)

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) और महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) सहित अन्य नेताओं के कुछ और समय तक नजरबंद (House Arrest) रहने की संभावना है.

  • Share this:
    जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) और महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) सहित अन्य नेताओं के कुछ और समय तक नजरबंद (House Arrest) रहने की संभावना है क्योंकि उनकी रिहाई को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है.

    सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह भी साफ किया कि जम्मू-कश्मीर में नजरबंद लोगों की रिहाई के बारे में कोई भी निर्णय स्थानीय प्रशासन द्वारा जमीनी स्थिति को देखते हुए किया जाएगा.

    अलग-अलग गेस्ट हाउस में रखे गए हैं उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती
    अधिकारी ने कहा कि यह कहना बहुत मुश्किल है कि जो नजरबंद हैं उन्हें कब रिहा किया जा सकता है. अधिकारी ने साथ ही संकेत दिया कि यह हाल के समय में होने की संभावना नहीं है क्योंकि इसको लेकर कोई स्पष्टता नहीं है.

    उमर और महबूबा को अलग-अलग गेस्ट हाउस में रखा गया है, वहीं राज्य के एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला को उनके घर में नजरबंद रखा गया है. कश्मीर घाटी (Kashmir Vally) में अन्य नेताओं को अलग-अलग गेस्ट हाउस (Guest House) में रखा गया है.

    ऐहतियात के तौर पर रखा गया है नज़रबंद
    अधिकारियों ने कहा है कि नेताओं को ‘‘ऐहतियात’’ के तौर पर नजरबंद रखा गया है. जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने यह नहीं बताया है कि पांच अगस्त से कितने लोगों और नेताओं को नजरबंद रखा गया है. यद्यपि गैर आधिकारिक तौर पर यह संख्या 2000 से अधिक है.

    गत पांच अगस्त को केंद्र सरकार ने अनुच्छेद-370 (Article 370) के तहत जम्मू-कश्मीर को मिले विशेष दर्जे को समाप्त कर दिया था और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया था.

    कश्मीर घाटी में कुछ स्थानों पर अभी भी बंद हैं दुकानें
    मोबाइल और इंटरनेट (Mobile and Internet) सेवाएं फिलहाल निलंबित हैं जबकि लैंडलाइन टेलीफोन सेवाएं श्रीनगर (Srinagar) के कुछ क्षेत्रों को छोड़कर अधिकतर स्थानों पर बहाल कर दी गई हैं.

    कश्मीर घाटी में कुछ स्थानों पर दुकानें और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान अभी भी बंद हैं. हालांकि किसी अलगाववादी समूह (Separatist Group) या अन्य संगठन द्वारा हड़ताल का आह्वान नहीं किया गया है.

    यह भी पढ़ें: "जम्मू-कश्मीर से सेना हटाने का फिलहाल कोई प्लान नहीं"

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज