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महबूबा मुफ्ती ने कहा- सत्‍यपाल मलिक का मुझे रोशनी योजना का लाभार्थी कहने का दावा झूठा

महबूबा मुफ्ती ने कहा- सत्‍यपाल मलिक का मुझे रोशनी योजना का लाभार्थी कहने का दावा झूठा

जम्‍मू-कश्‍मीर की पूर्व मुख्‍यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मेघालय के राज्‍यपाल सत्‍यपाल मलिक को बयान वापस लेने को कहा.

जम्‍मू-कश्‍मीर की पूर्व मुख्‍यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मेघालय के राज्‍यपाल सत्‍यपाल मलिक को बयान वापस लेने को कहा.

मेघालय (Meghalaya) के राज्‍यपाल सत्‍यपाल मलिक (Satya Pal Malik) ने बयान दिया था कि जम्‍मू-कश्‍मीर (Jammu and Kashmir) की पूर्व मुख्‍यमंत्री महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) रोशनी योजना की लाभार्थी थीं. इस बात से नाराज महबूबा ने कहा है कि अगर मलिक ने अपने बयान को वापस नहीं लिया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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    श्रीनगर. जम्‍मू-कश्‍मीर (Jammu and Kashmir) की पूर्व मुख्‍यमंत्री और पीडीपी अध्‍यक्ष महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने मेघालय (Meghalaya) के राज्‍यपाल सत्‍यपाल मलिक (Satya Pal Malik) की ओर से की गई कथित टिप्‍पणी वापस लेने को कहा है. बता दें कि सत्‍यपाल मलिक ने बयान दिया था कि जम्‍मू-कश्‍मीर की पूर्व मुख्‍यमंत्री रोशनी योजना की लाभार्थी थीं. इस बात से नाराज महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि अगर सत्‍यपाल मलिक ने अपने बयान को वापस नहीं लिया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

    नाराज महबूता ने कहा, मुझे रोशन एक्‍ट का लाभार्थी कहने वाले सत्‍यपाल मलिक का बयान पूरी तरह से गलत और बेतुका है. अगर उन्‍होंने अपना बयान वापस नहीं लिया तो मेरी कानूनी टीम उन पर मुकदमा करने के लिए पूरी तरह से तैयार है. उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि अभी भी मेघायल के राज्‍यपाल के पास अपनी टिप्पणी वापस लेने का विकल्प है. उन्‍होंने अगर ऐसा नहीं किया तो मैं कानूनी सहारा लूंगी.

    महबूबा मुफ्ती की ओर से एक वीडियो भी शेयर किया गया है जिसमें सत्‍यपाल मलिक जो जम्‍मू-कश्‍मीर के अंतिम राज्‍यपाल थे, कथित तौर पर ये दावा करते हुए दिखाई दे रहे हैं कि नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला, उनके बेटे उमर अब्दुल्ला और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती को रोशनी योजना के तहत जमीन मिली है.

    बता दें कि फारूक अब्दुल्ला सरकार के समय ही रोशनी अधिनियम लाया गया था. हालांकि जम्‍मू-कश्‍मीर उच्‍च न्‍यायालय की ओर से इस एक्‍ट को अवैध घोषित करने के लिए सरकार की ओर से लाए गए इस अधिनियम को रद्द कर दिया गया था और सीबीआई को योजना के लाभार्थियों की जांच करने का निर्देश दिया गया था.

    Tags: Jammu and kashmir, Meghalaya, Mehbooba mufti

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