महबूबा मुफ्ती बोलीं- J&K में सरकार के लिए रास्‍ते बंद, तो धर्मनिरपेक्षता को चुना

मुफ्ती ने ट्वीट किया, 'आप एक मुस्लिम बहुल वाले राज्य का प्यार पाने में विफल रहे जिसने धार्मिक आधार पर विभाजन को खारिज कर दिया और धर्मनिरपेक्ष भारत को चुना.'

News18Hindi
Updated: August 2, 2019, 7:03 PM IST
महबूबा मुफ्ती बोलीं- J&K में सरकार के लिए रास्‍ते बंद, तो धर्मनिरपेक्षता को चुना
मुफ्ती ने ट्वीट किया, आप एक मुस्लिम बहुल वाले राज्य का प्यार पाने में विफल रहे जिसने धार्मिक आधार पर विभाजन को खारिज कर दिया और धर्मनिरपेक्ष भारत को चुना.
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Updated: August 2, 2019, 7:03 PM IST
जम्मू और कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला है. मुफ्ती ने शुक्रवार शाम दो ट्वीट किए. इसमें उन्होंने किसी पार्टी या सरकार का नाम तो नहीं लिखा लेकिन अप्रत्यक्ष तौर पर सरकार पर निशाना साधा.

मुफ्ती ने ट्वीट किया, 'आप एक मुस्लिम बहुल वाले राज्य का प्यार पाने में विफल रहे जिसने धार्मिक आधार पर विभाजन को खारिज कर दिया और धर्मनिरपेक्ष भारत को चुना. अब रास्ते बंद हो चुके हैं और भारत ने लोगों की जगह क्षेत्र को प्राथमिकता दी है.'

दूसरे ट्वीट में पीडीपी अध्यक्ष मुफ्ती ने कहा, 'मुफ्ती साहब हमेशा कहते थे कि काश्मीरियों को जो भी मिलेगा, वह उनके ही देश भारत से होगा, लेकिन आज वही देश अपनी विशिष्ट पहचान की रक्षा के लिए जो कुछ भी बचा है, उसे लूटने की तैयारी करता दिख रहा है.'



जवानों की तैनाती के बाद सियासी हड़कंप

गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों से अनुच्छेद 35ए को हटाने की अटकलें लग रही हैं. जिसका जम्मू और कश्मीर के स्थानीय दल विरोध कर रहे हैं. इससे पहले कश्‍मीर घाटी में 10,000 जवानों की तैनाती के बाद घाटी की सियासत में हड़कंप मच गया. इसके बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला से जम्मू कश्मीर में मौजूदा हालात पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की बात कही थी. अटकलें लगने लगी हैं कि केंद्र में भाजपा नेतृत्व वाली सरकार राज्य को विशेष दर्जा के संबंध में बड़ा निर्णय करने वाली है.

राज्‍य में फैल रही दहशत: मुफ्ती
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मुफ्ती ने ट्विटर पर लिखा था, 'हालिया घटनाक्रम के मद्देनजर जम्मू कश्मीर में लोगों के बीच दहशत फैल गयी है. मैंने डॉ. फारूक अब्दुल्ला साहब से सर्वदलीय बैठक बुलाने का अनुरोध किया है. एक साथ होकर काम करने और एकजुट जवाब देने की जरूरत है. हम कश्मीरियों को साथ मिलकर खड़े होने की जरूरत है.'

घाटी में अनिश्चितता के बीच मुख्य धारा के राजनीतिक दलों ने केंद्र से स्पष्टीकरण मांगने को लेकर अपना प्रयास तेज कर दिया है. इसी संदर्भ में फारूक अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट का वक्त मांगा है.
First published: August 2, 2019, 7:03 PM IST
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