PDP को तोड़ने की कोशिश हुई तो कश्मीर में पैदा होंगे और सलाहुद्दीन - महबूबा मुफ्ती

मुफ्ती के बयान पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा है कि अगर वो केन्द्र सरकार को धमकी दे रही हैं तो इसका ये मतलब है कि वो हताश हैं.

News18Hindi
Updated: July 13, 2018, 2:17 PM IST
PDP को तोड़ने की कोशिश हुई तो कश्मीर में पैदा होंगे और सलाहुद्दीन - महबूबा मुफ्ती
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती
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Updated: July 13, 2018, 2:17 PM IST
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने केद्र सरकार को धमकी दी है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वो कश्मीर में पीडीपी को बांटने का काम करेगी तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. उनका कहना है कि अगर दिल्ली ने पीडीपी को तोड़ने की कोशिश की तो और सलाहुद्दीन पैदा होंगे.

महबूबा मुफ्ती ने कहा, ''अगर दिल्ली ने साल 1987 की तरह लोगों से उनके मतदान का अधिकार छीना, यदि उसने बंटवारे की कोशिश की और उस समय की तरह हस्तक्षेप करने की कोशिश की तो मुझे लगता है कि 1987 की तरह ही हिजबुल मुजाहिद्दीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन और यासिन मलिक पैदा होंगे.''

मुफ्ती के बयान पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा है कि अगर वो केन्द्र सरकार को धमकी दे रही हैं तो इसका ये मतलब है कि वो हताश हैं. उन्होंने आगे ये भी लिखा, ''मैं आपको साफतौर पर ये याद दिलाना चाहता हूं कि पीडीपी के टूटने से कोई नया आतंकी नहीं बनेगा. लोग उस पार्टी के खत्म होने पर शोक नहीं मनाएंगे जिसका निर्माण दिल्ली में कश्मीरियों के मतों को बांटने के लिए हुआ था.''

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आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों से लगातार खबरें आ रही हैं कि बीजेपी जम्मू-कश्मीर में पीडीपी के बागी विधायकों की मदद से सरकार बनाकर राज्य में हिन्दू मुख्यमंत्री की नियुक्ति करना चाहती है. हालांकि आधिकारिक रूप से कोई भी इस बात को नहीं मान रहा है, लेकिन बीजेपी और पीडीपी दोनों के सूत्रों कह रहे हैं कि अगस्त में अमरनाथ यात्रा की समाप्ति के बाद जम्मू कश्मीर की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है.



इस साल जून में बीजेपी ने खुद को महबूबा मुफ्ती की गठबंधन वाली सरकार से अलग कर लिया था. इसके बाद अन्य पार्टियों ने राज्यपाल शासन का समर्थन किया था. लेकिन शुरू से ही कयास लग रहे हैं कि बीजेपी अन्य पार्टियों के विधायकों को तोड़कर सरकार बनाने की कोशिश कर सकती है.

बीजेपी को चाहिए 19 विधायक
जम्मू कश्मीर विधानसभा में 87 सीटें हैं, जिसका मतलब यह होता है कि यहां सरकार के गठन के लिए किसी भी दल को 44 सीटों की आवश्यकता होगी. राज्य में बीजेपी के पास इस वक्त 25 विधायक हैं, इसलिए उसे सरकार बनाने के लिए 19 और विधायकों की जरूरत है. सज्जाद लोन की पार्टी पीपल्स कॉन्फ्रेंस बीजेपी को सपोर्ट कर रही है इसलिए पार्टी को दो विधायकों को समर्थन यहां से मिल जाएगा, लेकिन इसके बावजूद उसे 17 विधायक जुटाने होंगे.

पीडीपी विधायकों के अलावा कोई भी दल बीजेपी के समर्थन के लिए तैयार नहीं है, ऐसे में अगर बीजेपी जम्मू कश्मीर में सरकार बनाना चाहती है तो उसे पीडीपी के कम से कम 17 विधायकों के बागी होने की जरूरत होगी, हालांकि जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं लग रहा है कि ऐसा संभव हो जाएगा.

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