PNB घोटाला: CBI की ताजा चार्जशीट में सबूत मिटाने के आरोप में मेहुल चोकसी पर मामला दर्ज

मेहुल चोकसी पर डोमिनिका में अवैध तरीके से प्रवेश करने के आरोप हैं. (AP/4 June, 2021)

PNB Scam: पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के दो अधिकारियों - सागर सावंत और संजय प्रसाद - और गिली समूह और नक्षत्र ब्रांडों के निदेशक, धनेश सेठ को भी सीबीआई द्वारा दायर पूरक चार्जशीट में आरोपी के रूप में नामित किया गया है.

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    नई दिल्ली. सीबीआई ने गीतांजलि ग्रुप ऑफ कंपनीज (Gitanjali Group of Companies) के पूर्व अंतरराष्ट्रीय प्रमुख सुनील वर्मा और अन्य के खिलाफ पीएनबी में 7,080 करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी (PNB Scam) के संबंध में आरोप पत्र दायर किया है, जिसमें समूह के प्रमोटर मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) वॉन्टेड है. भगोड़े हीरा व्यापारी चोकसी पर पहली बार सबूत नष्ट करने का आरोप लगाया गया है. चोकसी के पिछले माह डोमिनिका भाग गया था जहां से अब उसके निर्वासन के लिए भारतीय अधिकारी डोमिनिका में नए सिरे से प्रयास का कर रहे हैं

    पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के दो अधिकारियों - सागर सावंत और संजय प्रसाद - और गिली समूह और नक्षत्र ब्रांडों के निदेशक, धनेश सेठ को भी सीबीआई द्वारा दायर पूरक चार्जशीट में आरोपी के रूप में नामित किया गया है. चोकसी और उसकी कंपनियों के खिलाफ पहली चार्जशीट दाखिल किए जाने के करीब एक हफ्ते से भी ज्यादा समय के बाद पूरक चार्जशीट दायर की गई है. डोमिनिका की एक अदालत में भगोड़े हीरा व्यापारी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही के साथ मेल खाती है, जहां उसे पड़ोसी एंटीगुआ और बारबुडा से उसका रहस्यमय ढंग से गायब होने के बाद 24 मई को "अवैध प्रवेश" के लिए गिरफ्तार किया गया था.

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    चोकसी ने चार्जशीट को लेकर कही ये बात
    सीबीआई की इस ताजा चार्जशीट को लेकर चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने कहा कि "तीन साल बाद यह पूरक आरोपपत्र दिखाता है कि यह केवल उन विसंगतियों को छिपाने का एक प्रयास है जिसे बचाव पक्ष ने पहली चार्जशीट में बताया था. इसके अलावा, सबूतों को नष्ट करने के लिए आईपीसी की धारा 201 को जोड़ना कानूनी रूप से मान्य नहीं है क्योंकि एक दस्तावेज अदालत में दाखिल होने के बाद ही सबूत बनता है और आरोप FIR से बहुत पहले के हैं."

    चोकसी 2018 में एंटीगा और बारबुडा में रह रहा है. पीएनबी घोटाले के सामने आने से करीब एक साल पहले चोकसी जनवरी के पहले सप्ताह में भारत से भाग गया था. हीरा कारोबारी और उसके भतीजे, नीरव मोदी ने मुंबई में बैंक की ब्रैडी हाउस शाखा के अधिकारियों को रिश्वत देकर पीएनबी से सार्वजनिक धन के 13,000 करोड़ रुपये से अधिक के लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) और विदेशी साख पत्र (एफएलसी) का इस्तेमाल किया.

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    ये हैं आरोप
    सीबीआई के मुताबिक, कुल घोटाले की राशि से, चोकसी की कंपनियों पर एलओयू और एफएलसी के माध्यम से 7,080 करोड़ रुपये की हेराफेरी करने का आरोप है, जबकि मोदी और उनकी कंपनियों ने कथित तौर पर 6,498 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप है. एजेंसी की अब तक की जांच में पाया गया है कि चोकसी की कंपनियों को 165 एलओयू और 58 एफएलसी जारी किए गए थे.

    सीबीआई ने दावा किया है कि मामले में उसकी जांच जारी है और आरोपी द्वारा ठगी गई अंतिम राशि की अभी जांच चल रही है. एजेंसी ने मुंबई की एक विशेष अदालत के सामने दायर सप्लीमेंट्री चार्जशीट में  लोक सेवक द्वारा आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, विश्वास भंग, सबूतों को मिटाने, खातों में जालसाजी, रिश्वतखोरी और आपराधिक काम करने के आरोप लगाए हैं.

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