डोमिनिका में पकड़ा गया मेहुल चोकसी लेकिन जानें क्यों भारत को अभी करना होगा इंतजार

मेहुल चोकसी (फाइल फोटो PTI)

मेहुल चोकसी (फाइल फोटो PTI)

मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) की गिरफ्तारी के बाद भारत की तरफ से प्रयास तेज कर दिए गए हैं. लेकिन सबसे बड़ी समस्या ये है कि डोमिनिका और भारत के बीच कोई प्रत्यर्पण संधि (extradition treaty) नहीं है. ऐसी स्थिति में चोकसी को वापस लाने में वक्त लग सकता है.

  • Share this:

नई दिल्ली. भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) को डोमिनिका में गिरफ्तार तो कर लिया गया है, लेकिन अभी उसे भारत वापस लाने की राह लंबी और कठिन है. चोकसी की गिरफ्तारी के बाद भारत की तरफ से प्रयास तेज कर दिए गए हैं. लेकिन सबसे बड़ी समस्या ये है कि डोमिनिका और भारत के बीच कोई प्रत्यर्पण संधि (extradition treaty) नहीं है. ऐसी स्थिति में चोकसी को वापस लाने में वक्त लग सकता है.

मामले के जानकार लोगों का कहना है कि चोकसी को वापस लाने में कई कानूनी पेचीदगियां हैं. हिंदुस्तान टाइम्स पर प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक चोकसी के केस में एक महत्वपूर्ण बात ये भी होगी कि क्या उसने डोमिनिका में कोई नियम तोड़ा है? अगर ऐसा हुआ है तो पहले उस पर डोमिनिका के कानून के हिसाब से कार्रवाई की जा सकती है.

58 देशों के साथ प्रत्यर्पण की संधि या व्यवस्था

इस वक्त भारत की 58 देशों के साथ प्रत्यर्पण की संधि या व्यवस्था है. डोमिनिका इन देशों में शामिल नहीं है. हालांकि भारत की एंटीगुआ और बारबुडा के साथ प्रत्यर्पण की व्यवस्था है. मेहुल चोकसी ने भारत से भागने से पहले एंटीगुआ की नागरिकता ले ली थी. ये नागरिकता उसने 2017 में इनवेस्टमेंट प्रोग्राम के तहत ली थी. अगर चोकसी एंटीगुआ में पकड़ा जाता तो उसे वापस लाने में आसानी होती.
एंटीगुआ के प्रधानमंत्री का साफ संदेश

यह बात डोमिनिका में उसकी गिरफ्तारी के बाद और स्पष्ट हुई है. दरअसल एंटीगुआ और बारबुडा के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन ने डोमिनिका से अनुरोध किया है कि चोकसी को वापस एंटीगुआ न भेजा जाए, जहां उसे नागरिक के रूप में कानूनी और संवैधानिक सुरक्षा कवच मिला हुआ है. उन्होंने साफ तौर पर चोकसी को भारत वापस भेजने की बात कही है. मेहुल चोकसी के डोमिनिका भागने के पीछे भी कारण यही था कि एंटिगुआ की पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी थी.

बता दें कि चोकसी पंजाब नेशनल बैंक के साथ कथित तौर पर 13,500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में वांछित है. वह जनवरी 2018 से एंटीगुआ में रह रहा है. वहीं, नीरव मोदी अभी लंदन की एक जेल में बंद है. दोनों के खिलाफ सीबीआई जांच कर रही है.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज