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  • MEHUL CHOKSI IS NOT CITIZEN OF ANTIGUA GASTON BROWNE LETTER RELEASED

मेहुल चोकसी को एंटीगा के PM ने 2 साल पहले लिखी थी चिट्ठी, कहा था- साबित करें बेगुनाही

मेहुल चौकसी को भारत लाने की कवायद तेज हो गई है.

Mehul Choksi Update: मेहुल चोकसी ने साल 2017 में एंटीगा एंड बारमुडा की नागरिकता ली थी और साल 2018 में भारत से भाग गया था. उसके भारत प्रत्यर्पण (Extradition) को लेकर कोशिशें जारी हैं. आज डोमिनिका की कोर्ट में इस मामले में फिर से सुनवाई होनी है.

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    Mehul Choksi Extradition Case: पंजाब नेशनल बैंक में करोड़ों रुपये का घोटाला (PNB Scam) करने वाले भगोड़े मेहुल चोकसी (Mehul Choksir) के भारत प्रत्यर्पण पर गुरुवार शाम करीब 6 बजे सुनवाई होनी है.  चोकसी बीते दिनों एंटीगा और बारबुडा से भागकर डोमिनिका चला गया था. हालांकि, उसका दावा है कि उसे बंधक बनाकर डोमिनिका लाया गया. इन सबके बीच एंटीगा के पीएम गैस्टन ब्राउन की एक चिट्ठी सामने आई है.

    इस चिट्ठी में ब्राउन ने चोकसी से कहा था कि उन्होंने नागरिकता के फैक्ट्स को क्यों छिपाया और मामले को गलत तरीके से पेश किया. इस चिट्ठी के मुताबिक एंटीगा के प्रधान मंत्री के कार्यालय ने मेहुल चोकसी को एंटीगा और बारबुडा की नागरिकता से वंचित करने के आदेश देने का प्रस्ताव दिया था.

    चिट्ठी में क्या था?
    14 अक्टूबर 2019 को लिखी चिट्ठी में एंटीगा औ बारबुडा के पीएम ने लिखा था-  'एंटीगा और बारबुडा में नागरिकता मामलों के मंत्री के रूप में एंटीगा और बारबुडा नागरिकता अधिनियम कैप 22 की धारा 8 के अनुसार मैं यह आदेश देने का प्रस्ताव करता हूं कि आपको एंटीगा और बारबुडा की नागरिकता के लिए आपके आवेदन में तथ्यों को जानबूझकर छुपाने और झूठे दावों की वजह से एंटीगा और बारबुडा की नागरिकता से वंचित किया जाए.'

    एंटीगा के पीएम ने लिखा था- 'मैं आपको एंटीगा और बारबुडा नागरिकता अधिनियम की धारा 10 के तहत जांच करने के अधिकार और इस जांच में कानूनी राय हासिल करने की भी सलाह देता हूं. आपको यह नोटिस मिलने के एक महीने के भीतर जवाब देना होगा.'



    ब्राउन बोले- मेहुल को भारत को सौंप दें
    इससे पहले बुधवार को एंटीगा और बारमुडा के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन ने कहा कि उन्होंने डोमिनिका से कहा है कि वह हीरा कारोबारी को सीधे भारत को सौंप दें. 25 मई की रात को डोमिनिका में चोकसी की गिरफ्तारी की खबर आने के बाद ब्राउन ने मीडिया से कहा था कि उन्होंने चोकसी को भारत को भेजने के संबंध में डोमिनिका के प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया है. एंटीगा न्यूज ने ब्राउन के हवाले से कहा था, 'हमने उनसे (डोमिनिका) चोकसी को एंटीगा को नहीं भेजने को कहा है. उसे भारत वापस भेजने की जरूरत है जहां उसे अपने खिलाफ आपराधिक आरोपों का सामना करना है.'

    कुछ दिनों पहले चोकसी एंटीगा और बारमुडा से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गया था और उसके खिलाफ इंटरपोल के 'यलो नोटिस' के मद्देनजर पड़ोसी डोमिनिका में गिरफ्तार किया गया था. भारत सरकार उसके प्रत्यर्पण की कोशिश में लगी है.

    दूसरी ओर, चोकसी ने आरोप लगाया है कि एंटीगा और भारतीय की तरह दिखने वाले पुलिसकर्मियों ने उसे एंटीगा और बारमुडा में जॉली बंदरगाह से अगवा किया और उसे डोमिनिका ले गए. डोमिनिका से चौकसी की एक तस्वीर सामने आयी है जिसमें उसकी आंखें सूजी हुई थीं और उसके हाथ पर खरोंच के निशान थे.