डोमिनिका में विपक्षी दलों पर पैसा लुटा रहा है मेहुल चोकसी, नेता ने सरकार को लिखा पत्र

भारत सरकार इस कदम को चोकसी को बचाने के लिए पैसों को दुरुपयोग के रूप में देख रही है. (फाइल फोटो)

Mehul Choksi Case: कुछ ही दिनों पहले खबर आई थी कि मेहुल का भाई चीनूभाई चोकसी ने हफ्तेभर पहले विपक्ष के नेता से लंबी मुलाकात की थी. माना जा रहा है कि सरकार को पत्र लिखने के लिए लेनक्स लिंटन (Lennox Linton) को चोकसी ने तैयार किया है.

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    (मनोज गुप्ता)

    नई दिल्ली. डोमिनिका (Dominica) में मेहुल चोकसी के खिलाफ चल रहे मामले में राजनीतिक दखल की खबर सामने आई है. कहा जा रहा है विपक्ष के नेता लेनक्स लिंटन ने डोमिनिका सरकार को पत्र लिखकर चोकसी को एंटीगा (Antigua) को सौंपने की मांग की है. साथ यह भी कहा जा रहा है कि चोकसी ने कथित रूप से विपक्ष के नेताओं को अपने पाले में लाने के लिए काफी मोटी रकम खर्च की है.

    कुछ ही दिनों पहले खबर आई थी कि मेहुल का भाई चेतन चीनूभाई चोकसी ने विपक्ष के नेता से लंबी मुलाकात की थी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चोकसी के भाई ने विपक्षी नेता से चुनाव में मदद का वादा किया है. ऐसा माना जा रहा है कि सरकार को पत्र लिखने के लिए लिंटन को चोकसी ने तैयार किया है. डोमिनिका में दो विपक्ष के सांसद हैं और 19 सरकार से हैं. लिंटन ने मांग की है कि चोकसी को एंटीगा को सौंपा जाना चाहिए.

    पत्र के अनुसार, 'एंटीगा और डोमिनिका की न्याय व्यवस्था ईस्टर्न कैरेबियन सुप्रीम कोर्ट (ECSC) के अधिकार क्षेत्र में है. ECSC के अधिकार क्षेत्र के एक हिस्से में भारत में उसके कथित गलत कामों के होते हुए भी चोकसी को भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाने की सोच रखने वाले लोगों को फायदा देने के लिए उसके संवैधानिक अधिकारों और कानूनी सुरक्षा से हिंसक तरीकों से दूर करना मानवता के खिलाफ अपराध है.'

    आगे लिखा गया है, 'डोमिनिका के अंतरराष्ट्रीय मामलों में इस गैर-जरूरी कांड को रोकने का समय आ गया है. इसका सीधा सा मतलब यह है कि कोर्ट का मामला खत्म किया जाए और चोकसी और उनके डोमिनिका के अभियोजकों को बगैर किसी देर के यह सहमति पत्र दिया जाए कि उन्हें बगैर किसी देरी के एंटीगा और बारबुडा भेजा जाएगा.'

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    भारत का क्या है पक्ष
    वहीं, भारत सरकार इस कदम को चोकसी को बचाने के लिए पैसों को दुरुपयोग के रूप में देख रही है. विदेश मंत्रालय ने बताया है कि सरकार भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के जल्द निर्वासन और भारत लाने के लिए डोमिनिका के साथ काम कर रही है. डोमिनिका की कोर्ट में चोकसी की द्वीप पर अवैध प्रवेश को लेकर सुनवाई पूरी नहीं हुई है. स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, अदालत ने सुनवाई 25 जून तक के लिए टाल दी है.

    इससे पहले चोकसी को डोमिनिका की हाईकोर्ट ने इस आधार पर जमानत देने से इनकार कर दिया था कि वो देश छोड़कर भाग सकता है. चोकसी ने आरोप लगाया था कि उसे एक दोस्त बारबरा जाराबिक के साथ भारतीय और एंटीगा के पुलिस अधिकारियों ने एंटीगा से अगवा कर लिया था. बाद में चोकसी ने कहा था कि बारबरा भी इस अपहरण में शामिल थी.

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