'हैप्पीनेस क्लास' देखकर बोलीं मेलानिया ट्रंप- बच्चों को पढ़ाने का ये तरीका बेहतरीन

सर्वोदय विद्यालय में बच्चों के साथ मेलानिया ट्रंप

बता दें कि दिल्ली सरकार के स्कूलों में करीब डेढ़ साल पहले हैप्पीनेस करिकुलम शुरू किया गया था. इसके तहत हर दिन बच्चों को एक स्पेशल क्लास दी जाती है, जिसका नाम 'हैप्पीनेस क्लास' रखा गया है.

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    नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) के भारत दौरे के दूसरे दिन उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप ने मोतीबाग के सर्वोदय विद्यालय का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने दिल्ली के सरकारी स्कूलों में चलाए जाने वाले हैप्पीनेस क्लास के बारे में भी जानकारी हासिल की. स्कूल में कुछ वक्त गुजारने के बाद मेलानिया ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए कहा, यहां आकर मुझे काफी खुशी हुई है. उन्होंने कहा कि यहां बच्चों को पढ़ाने का टीचरों का तरीका बेहतरीन है. बच्चों से बात करके अच्छा लगा.

    अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप बोलीं- 'भारत एक शानदार देश है, यहां आकर अच्छा लगा.' उन्होंने कहा कि स्कूल में बच्चों को जिस तरह से पढ़ाया जा रहा है वह देखने लायक है. उन्होंने कहा कि हैपीनेस शब्द प्रेरणा देने वाला है.



    मेलानिया ट्रंप के स्कूल दौरे से पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर दिल्ली के सरकारी स्कूलों को बधाई दी है. केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए कहा, 'हमें खुशी है कि अमेरिका की फर्स्ट लेडी हमारे स्कूल में आ रही हैं. हमारे शिक्षकों, छात्रों और दिल्ली वालों के लिए बहुत बड़ा दिन है. सदियों से भारत ने दुनिया को आध्यात्मिकता सिखाई है. मुझे खुशी है कि वह हमारे स्कूल से खुशी का संदेश लेकर वापस जाएंगी.'



    बता दें कि दिल्ली सरकार के स्कूलों में करीब डेढ़ साल पहले हैप्पीनेस करिकुलम शुरू किया गया था. इसके तहत हर दिन बच्चों को एक स्पेशल क्लास दी जाती है, जिसका नाम 'हैप्पीनेस क्लास' रखा गया है. इस क्लास का मकसद बच्चों में सकारात्मकता पैदा करना है.

    बता दें कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में चलने वाली हैप्पीनेस क्लास 45 मिनट की होती है. हर दिन एक पीरियड हैप्पीनेस क्लास का होता है. इसमें नर्सरी से लेकर कक्षा आठ तक के बच्चों को शामिल किया जाता है. इस क्लास में बच्चों को ध्यान कराया जाता है और इसमें किसी भी तरह की कोई प्रार्थना नहीं होती है. इस क्लास में न तो कोई मंत्र बोला जाता हे और न ही किसी देवी-देवता की पूजा की जाती है. इसमें अपनी सांसों पर ध्यान देने को कहा जाता है, जिससे बच्चों का दिमाग शांत किया जा सके. यह भारत में ध्यान लगाने की बहुत पुरानी संस्कृति है.

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    अभिभवकों का दावा, बच्चे घर में नहीं झगड़ते
    दिल्ली सरकार के शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया का दावा है कि हैप्पीनेस करिकुलम के बहुत सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं. मेडिटेशन करने से बच्चों में ध्यान लगाने की आदत पड़ती है. इससे बच्चे पढ़ाई पर अच्छी तरह से फोकस कर पाते हैं. बच्चे जब पढ़ने बैठते हैं तो उनका ध्यान भटकता नहीं है. हैप्पीनेस क्लास में शामिल होने से बच्चों में संस्कारों के प्रति जागरूकता आती है. इससे बच्चों में बड़ों के प्रति सम्मान की भावना पैदा होती है. बताया जाता है कि अभिभावकों ने दावा किया है हैप्पीनेस क्लास में शामिल होने के बाद बच्चों में झगड़े होने कम हो गए हैं.

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