वायुसेना को मिली नई ताकत, PAK सेना नहीं करा पाएगी आतंकी घुसपैठ

एकीकृत वायु कमान और नियंत्रण प्रणाली (आईएससीसीएएस) के आने से सामरिक, परिचालन एवं युद्धनीति से संबंधित सभी अधिकारी और वायुसेना (Air Force) के जवानों को निर्णय लेने में मदद मिलेगी. मध्य वायु कमान (Central Air Command) सात राज्यों में फैली हुई है.

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Updated: August 22, 2019, 7:11 PM IST
वायुसेना को मिली नई ताकत, PAK सेना नहीं करा पाएगी आतंकी घुसपैठ
भारतीय वायु सेना ने मेमोरा में एकीकृत वायु कमान और नियंत्रण प्रणाली को पूरी तरह ऑपरेशनल घोषित कर दिया है. (सांकेतिक तस्वीर)
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Updated: August 22, 2019, 7:11 PM IST
अब से अगर किसी ड्रोन (Drone), माइक्रो लाइट्स हेलीकॉप्टर (Helicopter) या फिर गुब्बारे ने मध्य कमान की वायुसीमा में प्रवेश किया तो वे तुरंत पकड़ में आ जाएंगे. इनकी तस्वीरें तत्काल मुख्यालय को मिल जाएंगी और तुरंत ही घुसपैठ रोकने के लिए एक्शन लिया जाएगा.

स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) पर भारतीय वायुसेना ने मेमोरा एयरबेस (लखनऊ) में एकीकृत वायु कमान और नियंत्रण प्रणाली (Integrated Air Command and Control System-IACCS) को पूरी तरह ऑपरेशनल घोषित कर दिया है. यह एकीकृत वायु कमान एवं कंट्रोल प्रणाली का अपग्रेडेड वर्जन है. इससे हवाई सीमा की रक्षा को नई मजबूती मिलेगी. यह सिस्टम मध्य वायु कमान एवं देश के सात राज्यों की वायु सीमा का किसी भी प्रकार के अतिक्रमण से बचाव करने में सक्षम है.

जल्दी फैसले लेने में मिलेगी मदद
इस सिस्टम के आने से सामरिक, परिचालन एवं युद्धनीति से संबंधित सभी अधिकारी और वायुसेना के जवानों को निर्णय लेने में मदद मिलेगी. मध्य वायु कमान सात राज्यों में फैली हुई है. यह सिस्टम इसके पूरे क्षेत्र में वायु रक्षा को बढ़ाएगा. यह सिस्टम वायुसेना स्टेशन मेमोरा में लगा है, जिससे हर तरह के हवाई खतरे पर तत्काल एक्शन लेने में मदद मिलेगी.



बता दें कि कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा समाप्त होने के बाद वायु सैन्य सुरक्षा को मजबूत किया जा रहा है. मेमोरा एयरबेस में लगे नए सिस्टम की क्षमता हवा में उड़ती उस चीज की तस्वीर कैद करने की है, जिसे दूरबीन की मदद से भी नहीं देखा जा सकता है.

कैसे काम करेगा?
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इस नई प्रणाली के लागू होने के बाद भारतीय वायु सेना इसरो की मदद और GSAT-7A सैटेलाइट के जरिए हमले या अन्य कार्रवाई के लिए पहले से बेहद कम समय में रेस्पोंस कर सकेंगी. इससे मिले इनपुट्स के आधार पर  AWACS जैसी सुरक्षा प्रणालियों को वक़्त रहते काम में लाया जा सकेगा और आतंकी गतिविधियों पर भी बेहतर तरीके से लगाम लगाई जा सकेगी. ये कमांड सेंटर भारत की सभी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की निगरानी करेगा और सूचनाएं बेहद कम समय में तीनों सेनाओं तक पहुंचाएगा.

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First published: August 22, 2019, 5:12 PM IST
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