काला कुर्ता पहने दो लोगों ने मेहुल चोकसी को पहुंचाया डोमिनिका, 2 नावों का हुआ था इस्तेमाल- रिपोर्ट

डोमिनिका में व्हीलचेयर पर नजर आया मेहुल चौकसी

डोमिनिका में व्हीलचेयर पर नजर आया मेहुल चौकसी

Mehul Choksi Case: बुधवार को ही एक स्थानीय कोर्ट ने चोकसी पर द्वीप में गैर-कानूनी तरीके से घुसने के आरोप लगाए हैं. इससे पहले गुरुवार को डोमिनिका के हाईकोर्ट के जज ने हीरा कारोबारी की हैबियर कॉर्पस को लेकर होने वाली सुनवाई को टाल दिया था.

  • Share this:

नई दिल्ली. डोमिनिका में अवैध तरीके से प्रवेश करने के आरोपों का सामना कर रहे भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के मामले में नई बात सामने आई है. दस्तावेजों से जानकारी मिली है कि चोकसी को डोमिनिका तक लाने में दो नावों का इस्तेमाल किया गया है. बीते बुधवार को ही एक स्थानीय कोर्ट ने चोकसी पर द्वीप में गैर-कानूनी तरीके से घुसने के आरोप लगाए हैं. इससे पहले गुरुवार को डोमिनिका के हाईकोर्ट के जज ने हीरा कारोबारी की हैबियर कॉर्पस को लेकर होने वाली सुनवाई को टाल दिया था.

समाचार एजेंसी आईएएनएस ने दावा किया है कि उनके हाथ मामले से जुड़े कुछ कागजात और तस्वीरें लगी हैं. एजेंसी के मुताबिक, नाव पर दो लोग काला कुर्ता-पायजामा पहने हुए नजर आ रहे हैं. इनके साथ तीन अन्य लोग भी मौजूद हैं. कहा जा रहा है कि इन दोनों नावों का नाम कैलियोप ऑप आर्न और लेडी एन है. रिपोर्ट के अनुसार, कैलियोप ऑफ आर्न की यात्री सूची में ब्रिटेन के बरमिंघम निवासी गुरजीज भंडल और भारतीय गुरमीत सिंह का नाम दर्ज है.

Youtube Video

रिपोर्ट में कस्टम और एक्साइज दस्तावेजों के हवाले से बताया गया है कि कैलियोप ऑफ ऑर्न डोमिनिका को पोर्टस्माउथ पोर्ट 25 मई को पहुंची थी. रिकॉर्ड्स के अनुसार, लेडी एन नाव की यात्री सूची में भी गुरमीत सिंह को ब्रिटिश नागरिक के तौर पर बताया गया है. साथ ही नाव पर गुरजीत भंडल के अलावा दो क्रू सदस्य एग्बर्ट जॉक्स और इयुजीन डेविडसन मौजूद थे. कोबरा टूर्स की कैलियोप ऑफ आर्न सेंट लूसिया का था. जबकि, हैकशॉ बोट चार्टर्स लिमिटेड की लेडी एन भी सेंट लूसिया में रजिस्टर्ड है. दावा किया जा रहा है कि चोकसी को एंटीगा से डोमिनिका लाने के लिए अलग-अलग स्तर पर इन दोनों नावों का इस्तेमाल हुआ है.
पत्नी और वकील ने लगाए अपहरण के आरोप

चोकसी की पत्नी और उनके वकीलों ने दावा किया है कि हीरा कारोबारी को कुछ भारतवंशियों ने एंटीगा से अपहरण किया था. इसके बाद उसे नाव पर जबरन पहुंचाया गया. भारत में चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने एजेंसी से बातचीत में कहा, 'चोकसी को एंटीगा से वेसल तक जबरदस्ती पहुंचाया गया था और बाद में डोमिनिका ले जाया गया.' उन्होंने कहा कि चोकसी के शरीर पर बल प्रयोग के निशान थे.




वहीं, एंटीगा के पुलिस आयुक्त एटली रॉडनी ने चोकसी के वकीलों के दावों को खारिज किया है. हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं है कि कैसे चोकसी डोमिनिका पहुंचा. वह 23 मई को एंटीगा से गायब हो गया था, जिसके बाद से ही बड़े स्तर पर उसकी तलाश जारी थी. तीन दिनों के बाद उसे डोमिनिका से पकड़ लिया गया था. चोकसी के प्रत्यर्पण को लेकर भारतीय अधिकारियों की 8 सदस्यीय टीम प्राइवेट जेट के जरिए डोमिनिका पहुंची है.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज