Home /News /nation /

यौन अपराधियों की रिहाई पर मेनका ने लिखा पत्र, गतिविधियों पर नजर रखे पुलिस

यौन अपराधियों की रिहाई पर मेनका ने लिखा पत्र, गतिविधियों पर नजर रखे पुलिस

NEW DELHI, INDIA - MAY 28: BJP leader Maneka Gandhi takes charge as Union Minister for Women and Child Development at Shastri Bhawan on May 28, 2014 in New Delhi, India. (Photo by Sushil Kumar/Hindustan Times via Getty Images)

NEW DELHI, INDIA - MAY 28: BJP leader Maneka Gandhi takes charge as Union Minister for Women and Child Development at Shastri Bhawan on May 28, 2014 in New Delhi, India. (Photo by Sushil Kumar/Hindustan Times via Getty Images)

मेनका ने विधि मंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि पुलिस को ऐसे दोषियों की रिहाई के बाद उनकी गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए और उसके लिए एक कानून लागू किया जाना चाहिए।

    नई दिल्लीदिल्ली में 16 दिसंबर के नृशंस सामूहिक बलात्कार कांड में दोषी ठहराए गए किशोर की आसन्न रिहाई से पैदा हुए विवाद के बीच महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने यौन अपराध के दोषियों की रिहाई के बाद उनकी पुलिस निगरानी की हिमायत की है। मेनका ने विधि मंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि पुलिस को ऐसे दोषियों की रिहाई के बाद उनकी गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए और उसके लिए एक कानून लागू किया जाना चाहिए।

    मंत्री ने कहा जघन्य अपराध के मामलों में जब आरोपी को दोषी ठहराया जाता है तो अदालत के आदेश में स्थानीय पुलिस थाने में आरोपी के अनिवार्य पंजीकरण के प्रावधान को भी शामिल किया जा सकता है ताकि पुलिस उनकी गतिविधियों और वे कहां आते-जाते हैं इस पर नजर रखा जा सके। उन्होंने कहा कि अदालतों द्वारा इस तरह की पहल से प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित होगा और यौन अपराधियों की निगरानी सुनिश्चित होगी तथा भविष्य में अपराध भी कम होंगे जिससे महिलाओं और बच्चों में सुरक्षा की एक भावना आएगी।

    मेनका ने सुझाव दिया कि बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों के दोषियों द्वारा स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को नियमित आधार पर व्यक्तिगत ब्योरा मुहैया करने का प्रावधान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी निगरानी की अवधि के बारे में अदालतें फैसला कर सकती हैं जो अपराध की गंभीरता पर और अपराधी के अतीत पर निर्भर होगा।

    मेनका ने बताया कि अन्य देशों में यौन अपराधियों पर नजर रखने के प्रावधानों का हवाला देते हुए उन्होंने भारत में भी ऐसे कानून को लागू किये जाने का आह्वान किया। भारत में हमारे पास ऐसा कोई कानून नहीं है। ऐसे कानून की जरूरत है और इन्हें लागू करने में कुछ वक्त लगेगा।

    इस बीच, अदालतों द्वारा सक्रिय कार्रवाई किया जाना एक समाधान हो सकता है। राष्ट्रीय अपराध रिकार्डस ब्यूरो के अनुसार बलात्कार जैसे यौन अपराध वर्ष 2012 के 24,923 की तुलना में बढ़कर वर्ष 2014 में 36,735 हो गये जबकि बच्चों में ऐसे मामले समान अवधि के दौरान 8,541 से बढ़कर 13,766 हो गए।

    Tags: Police, Rape

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर