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BSNL-MTNL के मर्जर का राहुल गांधी ने किया विरोध, दावा किया- सरकार का ये है प्लान

News18Hindi
Updated: October 24, 2019, 7:08 AM IST
BSNL-MTNL के मर्जर का राहुल गांधी ने किया विरोध, दावा किया- सरकार का ये है प्लान
राहुल गांधी ने मोदी सरकार के बीएसएनएल और एमटीएनएल के मर्जर के फैसले की आलोचना की है (फाइल फोटो)

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने ट्वीट (Tweet) करके मोदी सरकार (modi Government) के बीएसएनएल और एमटीएनएल (BSNL and MTNL) के मर्जर के फैसले का विरोध किया है.

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  • Last Updated: October 24, 2019, 7:08 AM IST
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नई दिल्ली. कांग्रेस (Congress) के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने मोदी सरकार (Modi Government) के बीएसएनएल-एमटीएनएल (BSNL-MTNL) के विलय को लेकर फैसले की आलोचना की है. उन्होंने अपनी बात रखने के लिए ट्विटर (Twitter) का सहारा लिया.

उन्होंने अपने ट्वीट (Tweet) में बीएसएनएल और एमटीएनएल के मर्जर (Merger) के सरकार के फैसले का विरोध किया और लिखा-

1. मर्जर (आपस में मिलाया जाना)
2. कुप्रबंधन

3. बड़ा घाटा दिखाना
4. कम दामों में क्रोनी कैपिटलिस्ट को बेचना

इस ट्वीट में उन्होंने #BsnlMtnlMerger टैग का प्रयोग भी किया.
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राहुल गांधी ने BSNL-MTNL के मर्जर को लेकर यह ट्वीट किया है (स्क्रीनग्रैब)


सरकार ने कहा एमटीएनएल और बीएसएनएल को बंद करने का नहीं है प्लान
बता दें कि सरकार ने बीएसएनएल और एमटीएनएल को राहत की खबर देते हुए एक रिवाइवल प्लान की घोषणा की है. भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (MTNL) के 15,000 करोड़ रुपये के रिवाइवल प्लान को कैबिनेट ने मंजूरी दी है.

कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया था कि बीएसएनएल और एमटीएनएल को बंद नहीं किया जा रहा है. न ही सरकार का इन्हें बेचने का कोई प्लान है. सरकार इसे प्रतिस्पर्धी बनाना चाहती है, इसलिए 15000 करोड़ का सॉवरेन बॉन्ड (Sovereign Bond) बनाएगी.

उन्होंने इस दौरान यह भी कहा था कि पहले की सरकारों ने बीएसएनएल (BSNL) के साथ बहुत नाइंसाफी की है. अगले 4 सालो में 38,000 करोड़ रुपये को मोनेटाइज किया जाएगा.

साथ ही कर दी कर्मचारियों के लिए VRS की घोषणा
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद (Cabinet Minister Ravishankar Prasad) ने इसके साथ ही कहा कि सरकार लुभावना VRS पैकेज लेकर आ रही है. कर्मचारी संगठनों ने भी इसकी सराहना की है. अगर किसी कर्मचारी की उम्र 53 साल है तो 60 साल तक उसे 125 फीसदी वेतन (Salary) मिलेगा. वीआरएस का मतलब है स्वेच्छा से बलपूर्वक नहीं. अन्य टेलीकॉम कंपनियां का खर्चा मानव संसाधन (Human Resource) पर केवल 5 फीसदी है, लेकिन इन दोनों कंपनियों का 70 फीसदी है.

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First published: October 23, 2019, 11:08 PM IST
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