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#MeToo: महिला जर्नलिस्ट ने कोर्ट में सुनाई आपबीती तो हंसते रहे एमजे अकबर के वकील

News18Hindi
Updated: December 11, 2019, 11:00 PM IST
#MeToo: महिला जर्नलिस्ट ने कोर्ट में सुनाई आपबीती तो हंसते रहे एमजे अकबर के वकील
पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर के खिलाफ तीसरी गवाह ने अपनी गवाही दर्ज कराई (फाइल फोटो, PTI)

पिछले साल चले #MeToo अभियान के दौरान वहाब ने एमजे अकबर (MJ Akbar) पर यौन शोषण और बुरे बर्ताव के आरोप लगाये थे. इस दौरान कई महिलाएं, जिनमें प्रिया रमानी (Priya Ramani) भी शामिल थीं, वे सामने आई थीं और उन्होंने अपने साथ हुई यौन शोषण (Sexual Harassment) की घटनाओं के बारे में बताया था.

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  • Last Updated: December 11, 2019, 11:00 PM IST
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नई दिल्ली. पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर (Former Union Minister MJ Akbar) के प्रिया रमानी के खिलाफ आपराधिक मानहानि के मुकदमे (Criminal Defamation Case) में मंगलवार को एक नाटकीय मोड़ तब आया जब एक सीनियर जर्नलिस्ट गज़ाला वहाब ने प्रिया रमानी (Priya Ramani) की ओर से बचाव पक्ष की गवाह के तौर पर गवाही दी.

अतिरिक्त मुख्य न्यायाधीश विशाल पाहूजा ( जिन्होंने इस केस को ACMM समर विशा से लिया है), जर्नलिस्ट वहाब ने विस्तार से बताया कि कैसे एक युवा पत्रकार (Young Journalist) के तौर पर वे अकबर के द एशियन एज न्यूजपेपर में काम करने के दौरान कैसे वे यौन और दिमागी शोषण (Sexual and Mental Harassment) की शिकार बनीं, उन्होंने इसके बारे में विस्तार से बताया.

तीसरी गवाह के तौर पर पेश हुई थीं वहाब
पिछले साल चले #MeToo अभियान के दौरान वहाब ने एमजे अकबर (MJ Akbar) पर यौन शोषण और बुरे बर्ताव के आरोप लगाये थे. इस दौरान कई महिलाएं, जिनमें प्रिया रमानी भी शामिल थीं, वे सामने आई थीं और उन्होंने अपने साथ हुई यौन शोषण की घटनाओं के बारे में बताया था. अकबर ने उस समय सभी आरोपों को नकारा था और इसके बाद प्रिया रमानी पर ही एक आपराधिक मानहानि का केस दर्ज करा दिया था.

वहाब इस मामले में प्रिया रमानी की तीसरी गवाह थीं. इससे पहले वे कोर्ट में अपनी अच्छी दोस्तों निलोफर वेंकटरमन को कोर्ट में गवाह के तौर पर पेश कर चुकी हैं. और उससे पहले वे खुद ही गवाह (Witness) के तौर पर कोर्ट में पेश हुई थीं.

'काम करने के दौरान मुझे घूरते रहते थे अकबर'
गज़ाला वहाब ने अपने बयान की शुरुआत 1994 में द एशियन एज न्यूजपेपर में एक जूनियर कॉपी एडिटर के तौर पर काम की शुरुआत करते हुए उन्हें जिस चीजों का सामना करना पड़ा, उनसे की. उन्होंने कथित तौर पर बताया- "दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University) से अपना जर्नलिज्म ऑनर्स करने के बाद, मैंने 1994 में एशियन ऐज ज्वाइन किया. 1996 में मुझे प्रमोट कर दिया गया और चीफ सबएडिटर बना दिया गया और मेरी डेस्क को अकबर के कमरे के बिल्कुल बाहर कर दिया गया. कई बार जब मैं अपने कंप्यूटर पर काम कर रही होती थी, अगर मैं सामने देखती थी तो अकबर मुझे घूर रहे होते थे. कुछ समय बाद, वे मुझे ऑफिस के इंट्रानेट पर मैसेज करने लगे."डिक्शनरी में शब्द देखने के बहाने कमरे में बुलाया
इसके आगे उन्होंने कथित तौर पर बताया, "अगस्त, 1997 में कभी दोपहर में अकबर ने मुझे अपने कमरे में बुलाया. जैसे ही मैं अंदर पहुंची, उन्होंने मुझे दरवाजा बंद करने को कहा. उसके बाद उन्होंने मुझे डिक्शनरी (Dictionary) में एक शब्द देखने को कहा, जो कि एक छोटे तीन पैर वाले स्टूल पर उनकी डेस्क के पास रखी थी. यह इतना नीचे था कि किसी को उसे देखने के लिए झुकना पड़ता. जैसे ही मैं झुकी, वे पीछे से आए और मेरी कमर पकड़ ली. उन्होंने मेरी छातियों से मेरे हिप्स तक अपने हाथ फेरे. मैंने उनके हाथ दूर करने की कोशिश की लेकिन वे जोर से मेरी कमर पकड़े हुए थे. जिसके बाद उन्होंने अपना अंगूठा मेरी छाती में गड़ाया. न केवल दरवाजा बंद था, बल्कि उनकी पीठ भी दरवाजे की ओर थी."

'मैं डर के चलते कुछ बोल नहीं पा रही थी लेकिन उन्हें धक्का देती रही'
वहाब ने आगे कथित तौर पर बताया, अगले ही दिन अकबर ने फिर से उन्हें इंट्रानेट (Intranet) पर मैसेज किया और अपने कमरे में आने को कहा, "जैसे ही मैं (कमरे में) घुसी, उन्होंने मुझे मेरे कंधों से पकड़ लिया और जबरदस्ती किस करने की कोशिश की. मैं डर के चलते कुछ बोल नहीं पा रही थी लेकिन उन्हें धक्का देती रही. आखिरकार उन्होंने मुझे छोड़ दिया, इसके बाद मैं चिल्लाती हुई दौड़ी."

अपने बयान में उन्होंने आगे बताया कि कथित तौर पर जब इसकी शिकायत उन्होंने ब्यूरो चीफ सीमा मुस्तफा (Seema Mustafa) से की तो उन्होंने कहा कि वे इसके बारे में कुछ नहीं कर सकतीं. और वे अकबर के व्यवहार से बिल्कुल भी आश्चर्यचकित नहीं हैं.

इतना ही नहीं, जब वहाब दोबारा अपने बयान को दोहरा रही थीं तो दूसरे पक्ष के वकीलों की ओर से लगातार हंसी और फुसफुसाहट जारी थी. इसने रमानी के पक्ष में बैठे लोगों को बहुत निराश किया.



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First published: December 11, 2019, 10:42 PM IST
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