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पत्नी को रोज देता था घर से निकालने की धमकी, कोर्ट ने पति की एंट्री पर ही लगा दी रोक

News18Hindi
Updated: February 19, 2020, 10:16 AM IST
पत्नी को रोज देता था घर से निकालने की धमकी, कोर्ट ने पति की एंट्री पर ही लगा दी रोक
पत्नी को रोज देता था घर से निकालने की धमकी, कोर्ट ने पति की एंट्री पर ही लगा दी रोक

पति ने कोर्ट से कहा कि उसकी पत्नी का व्यवहार अच्छा नहीं है और वह उसकी मां को पीटती है. उसने कोर्ट को बताया कि उसकी पत्नी और तीनों बच्चे जो अब काफी बड़े हो चुके हैं, वह अच्छा कमाते हैं.

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  • Last Updated: February 19, 2020, 10:16 AM IST
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अहमदाबाद. रोज-रोज घर से निकाले जाने की धमकी से परेशान पत्नी ने कोर्ट को जब अपनी आपबीती सुनाई तो कोर्ट ने पति की ही घर में एंट्री बैन कर दी. इसी के साथ कोर्ट ने ये भी माना कि पति का किसी दूसरी महिला के साथ संबंध है, जिसके कारण उसका अपनी पत्नी से रिश्ता लगातार खराब होता जा रहा है. कोर्ट ने पति को पत्नी और बच्चों को गुजारा भत्ता देने का भी आदेश दिया है.

अहमदाबाद मेट्रोपॉलिटन कोर्ट नंबर 7 में राधिका (काल्पनिक नाम) ने आरोप लगाया कि उसका पति रोहित (काल्पनिक नाम) उसे और उसके तीन बच्चों को रोज घर से निकालने की धमकी देता है. राधिका ने बताया कि उसकी शादी 1994 में रोहित के साथ हुई थी.

पत्नी ने बताया कि 15 साल तक दोनों के रिश्तों में कोई दिक्कत नहीं थी, लेकिन उसके बाद से दोनों के बीच झगड़े बढ़ने लगे. पत्नी ने पति पर विवाहेत्तर संबंध का आरोप लगाते हुए कहा कि वह उन्हें इसी बात का ताना देकर घर से निकालने की धमकी देता है. महिला ने अपने पति की संपत्ति और खेती से आय का हवाला देते हुए गुजारे भत्ते की मांग की.

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उधर अपनी सफाई में पति रोहित ने कोर्ट से कहा कि उसका किसी भी दूसरी महिला से कोई संबंध नहीं है. उसने कहा कि उसकी पत्नी का व्यवहार अच्छा नहीं है और वह उसकी मां को पीटती है. उसने कोर्ट को बताया कि उसकी पत्नी और तीनों बच्चे जो अब काफी बड़े हो चुके हैं, वह अच्छा कमाते हैं. पति ने कोर्ट से कहा कि पत्नी के खराब व्यवहार के कारण वह उनके साथ नहीं रहना चाहता है. हालांकि कोर्ट ने पति की दलील को नहीं माना और महिला की शिकायत पर घरेलू हिंसा एक्ट की धारा 19 (1) (a) के तहत अपना फैसला सुनाया.

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First published: February 19, 2020, 9:51 AM IST
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