26 जनवरी पर सुरक्षा में सेंध लगा सकते हैं CAA विरोधी, गृहमंत्रालय ने पत्र लिखकर चेताया

राजधानी दिल्ली में अभी गणतंत्री दिवस की तैयारियां जोरोंं से चल रही हैं. फोटो. पीटीआई
राजधानी दिल्ली में अभी गणतंत्री दिवस की तैयारियां जोरोंं से चल रही हैं. फोटो. पीटीआई

MHA ने पत्र में लिखा है कि मुस्लिम कट्टरपंथी भावनाओं को भड़का रहे हैं. CAA और NRC के मुद्दे पर उकसाया जा रहा है. ये प्रदर्शनकारी गणतंत्र दिवस पर किसी भी हद तक जा सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 23, 2020, 8:47 PM IST
  • Share this:
अमित पांडे, शैलंद्र वांगू
नई दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने अर्धसैनिक बलों, खुफिया एजेंसियों को पत्र लिखकर चेताया है कि गणतंत्र दिवस (Republic Day) पर सीएए (CAA Protest) प्रदर्शनों का साया पड़ सकता है. पत्र में आशंका जताई गई है कि सीएए के खिलाफ प्रदर्शनकारी सुरक्षा में सेंध लगा सकते हैं. MHA ने पत्र में लिखा है कि मुस्लिम कट्टरपंथी भावनाओं को भड़का रहे हैं. CAA और NRC के मुद्दे पर उकसाया जा रहा है.

इस पत्र में कहा गया है कि संवेदनशील मामले पर कट्टरपंथी ताकतें लोगों की भावनाओं को भड़काने का काम कर रही हैं. देश विरोधी ताकतें सरकार विरोधी भावनाओं का फायदा उठा सकती हैं. अभी दिल्ली समेत देश के अन्य हिस्सों में प्रदर्शन और हिंसा की खबरें मिल रही हैं. ऐसे में सरकार 26 जनवरी पर कोई भी खतरा मोल नहीं लेना चाहती.

गणतंत्र दिवस को देखते हुए देश के सभी हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद कर दी गई है. फोटो.पीटीआई

केंद्रीय गृहमंत्रालय ने सोशल मीडिया का हवाला देते हुए लिखा कि इस प्लेटफॉर्म पर प्रधानमंत्री मोदी के विरोध में पर आपत्तिजनक संदेशों में वृद्धि हुई है. पीएम मोदी को धमकी भरे गुमनाम पत्र भेजे जा रहे हैं. ये संदेश प्रधानमंत्री, अन्य गणमान्य व्यक्तियों के खिलाफ खतरे की गंभीरता को दर्शाते हैं. ऐसे में कोई व्यक्ति अपने मंसूबों को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है.



देश के कई शहरों में सीएए और एनआरसी को लेकर जिस तरह से प्रदर्शन हो रहे हैं, उन्हें देखते हुए गृह मंत्रालय ने ये चेतावनी जारी की है.

जम्मू कश्मीर में भी कड़ी सुरक्षा


सीमा पार आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में मिली खुफिया सूचनाओं के मद्देनजर और गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जम्मू और कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. अधिकरियों ने बताया कि जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल जी सी मुर्मू 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य आयोजन स्थल मौलाना आजाद स्टेडियम में सलामी लेंगे.

जम्मू के पुलिस महानिरीक्षक मुकेश सिंह ने कहा कि जम्मू को अलग-अलग क्षेत्रों में विभाजित किया गया है और पूरे क्षेत्र में पर्याप्त तैनाती की गई है. विशेष रूप से मुख्य समारोह स्थल और इसके आसपास के क्षेत्रों की जांच चल रही है. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास आतंकवादियों द्वारा घुसपैठ की आशंका के बारे में खुफिया सूचनाएं मिली हैं और इस कारण सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ बैठक कर घुसपैठ की रोकथाम और आतंकियों के प्रयास को विफल करने के उपायों के बारे में चर्चा की गई है.

इस महीने की शुरुआत में राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के किनारे आतंकवादियों के एक समूह की घुसपैठ की खबरों को देखते हुए सुरक्षबलों को तैनात किया गया है. नौशेरा सेक्टर में एक जनवरी को सेना द्वारा घुसपैठियों के एक समूह को रोकने के दौरान गोलाबारी में दो सैनिक शहीद हो गए थे. 'पिछले वर्षों की तुलना में, इस बार हमारे साथ अधिक केंद्रीय अर्धसैनिक बल उपलब्ध हैं और खतरे को ध्यान में रखते हुए तैनाती की जा रही है.' उन्होंने कहा, 'सीमाओं के पास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. घुसपैठ के सभी रास्तों पर बैरिकेड लगाकर चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं.'

भाषा इनपुट के साथ

ये भी पढ़ें:
CAA: विरोधियों को राजनाथ का जवाब- भारत के मुसलमान को कोई छू भी नहीं सकता

CM योगी आदित्यनाथ बोले- सीएए प्रदर्शन के नाम पर बर्दाश्त नहीं करेंगे हिंसा
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज