स्वदेशी उत्पादों की सूची में गड़बड़ी के बाद मूल कैडर में वापस भेजे गये CAPF कैंटीनों के सीईओ

स्वदेशी उत्पादों की सूची में गड़बड़ी के बाद मूल कैडर में वापस भेजे गये CAPF कैंटीनों के सीईओ
कैंटीनों का सालाना तौर पर 2,800 करोड़ रुपये का अनुमानित कारोबार है. (CAPF कैंटीन की फाइल फोटो)

केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार (KPMB) के सीईओ मीणा ने 29 मई को एक दस्तावेज जारी किया था, जिसमें हाल फिलहाल तक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) कैंटीन में बेचे गये 1,000 से अधिक उत्पादों को सूची से हटा दिया गया था.

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नई दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्रालय (Home Ministry) ने सीएपीएफ कैंटीनों (CAPF Canteens) के सीईओ आर एम मीणा को उनके मूल कैडर सीआरपीएफ (CRPF) में वापस भेज दिया है. उन्होंने हाल ही में उत्पादों की एक सूची जारी की थी, जिसमें 1,000 से ज्यादा वस्तुओं को गैर-स्वदेशी बताते हुए उन्हें कैंटीन में बेचे जाने वाले उत्पादों की सूची से बाहर कर दिया था. अधिकारियों गुरुवार को यह जानकारी दी. मंत्रालय द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि उप महानिरीक्षक (डीआईजी) मीणा को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) द्वारा वापस बुलाया गया है.

सीआरपीएफ के एक अन्य डीआईजी राजीव रंजन कुमार तत्काल प्रभाव से बोर्ड के नये मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) होंगे. उनका कार्यकाल तीन महीने का होगा.

आदेश जारी कर सूची से हटाए गए थे 1000 प्रोडक्ट्स
मीणा केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार या केंद्रीय पुलिस कल्याण स्टोर्स के सीईओ थे. उन्होंने 29 मई को एक दस्तावेज जारी किया था, जिसमें हाल फिलहाल तक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) कैंटीन में बेचे गये 1,000 से अधिक उत्पादों को सूची से हटा दिया गया था.



इस सूची को सार्वजनिक करने के कुछ घंटे बाद ही सरकार ने इसे वापस ले लिया था. केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार द्वारा जारी की गई सूची में खामियां थीं, इसलिए इसे वापस ले लिया गया और नयी सूची जल्द जारी की जाएगी. सीएपीएफ कैंटीनों के बोर्ड का प्रबंधन दायित्व देखने वाले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने कहा कि सूची ‘‘गलती से’’ जारी कर दी गई थी.सीआरपीएफ महानिदेशक के नाम से जारी बयान में कहा गया, ‘‘स्पष्ट किया जाता है कि केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार द्वारा कुछ वस्तुओं की बिक्री पर रोक के संबंध में 29 मई 2020 को जारी की गई सूची सीईओ स्तर पर गलती से जारी कर दी गई.’’



भारत निर्मित कई उत्पादों के थे सूची में नाम
1 जून को केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार ने आदेश जारी किया था कि बजाज, डाबर, वीआईपी इंडस्ट्रीज, यूरेका फोर्ब्स, जकुआर, एचयूएल (फूड्स) और नेस्ले इंडिया जैसी कंपनियों के 1,026 उत्पाद सीएपीएफ की कैंटीनों में नहीं बेचे जाएंगे क्योंकि ये ‘स्वदेशी’ नहीं हैं या फिर ‘‘पूरी तरह आयातित चीजों’’ से बने हैं. अधिकारियों ने कहा कि जारी की गई सूची में ऐसी कई वस्तुओं के भी नाम थे जो भारत निर्मित उत्पाद हैं, इसलिए इस सूची पर रोक लगानी पड़ी.

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने 13 मई को घोषणा की थी कि 1700 सेंट्रल पुलिस कैंटीन या सीएपीएफ कैंटीनों के नेटवर्क घरेलू उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिये एक जून से सिर्फ स्वदेशी उत्पाद बेचेंगे.

2800 करोड़ रुपये का है कैंटीन का सालाना कारोबार
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षाबल (सीआईएसएफ), सीमा सुरक्षाबल (बीएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) आते हैं जिनकी कैंटीनों का सालाना तौर पर 2,800 करोड़ रुपये का अनुमानित कारोबार है.

आंतरिक सुरक्षा से लेकर सीमा की सुरक्षा तक का दायित्व निभाने वाले इन बलों के लगभग 10 लाख कर्मियों के 50 लाख परिजनों के लिए इन कैंटीनों में सामान बेचा जाता है.

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First published: June 4, 2020, 7:51 PM IST
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