काम पर लौटने लगे प्रवासी मजदूर, यूपी-बिहार से मुंबई जाने वालों की उमड़ी भीड़

काम पर लौटने लगे प्रवासी मजदूर, यूपी-बिहार से मुंबई जाने वालों की उमड़ी भीड़
काम पर वापस लौटना लगे यूपी-बिहार के प्रवासी कामगार.

उत्तर प्रदेश के प्रवासी कामगार (Migrant Workers) सबसे ज्यादा गुजरात और मुंबई के लिए टिकट ले रहे हैं, जबकि बि​हार से गुजरात और मुंबई जाने वालों की भीड़ है. इसी तरह पश्चिम बंगाल से भी लोग मुंबई जाने के लिए एक बार फिर टिकट कराने लगे हैं.

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नई दिल्ली. देश में कोरोना वायरस (Coronavius) के संक्रमण की वजह से पिछले 96 दिनों से लॉकडाउन (Lockdown) जारी है. 23 मार्च को जब देश में पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने लॉकडाउन की घोषणा की थी, उसके बाद से प्रवासी कामगार (Migrant Workers) अपने घर की लौट आए थे. हर किसी को उम्मीद थी कि एक-दो महीने में हालात सुधर जाएंगे और वह वापस काम पर लौट जाएंगे. हालांकि उन्होंने जैसा सोचा था, वैसा नहीं हुआ लेकिन अब प्रवासी मजदूरों ने वापस काम पर लौटना शुरू कर दिया है. दूसरे शहरों से अपने प्रदेश लौटे प्रवासी वापस अपने शहरों की ओर लौटने लगे हैं.

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव के मुताबिक उत्तर प्रदेश, बिहार व पश्चिम बंगाल से मुंबई व गुजरात जाने के लिए एक बार फिर लोगों की भीड़ बढ़ रही है. यह श्रमिकों के काम पर वापसी के संकेत हैं. उन्होंने बताया कि रेलवे में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सामान्य ट्रेनों पर रोक लगा रखी है लेकिन इस दौरान स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं. ऐसे में जिस तरह से प्रवासियों की भीड़ एक बार फिर मुंबई और गुजरात के लिए आ रही है. उसे देखते हुए मौजूदा ​विशेष ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जा सकती है.

मुबंई, दिल्ली एवं गुजरात छोड़कर अपने गांव लौटे प्रवासी श्रमिक एवं कामगार एक बार फिर अपने काम पर लौटने लगे हैं. उत्तर प्रदेश के प्रवासी कामगार (Migrant Workers) सबसे ज्यादा गुजरात और मुंबई के लिए टिकट ले रहे हैं, जबकि बि​हार से गुजरात और मुंबई जाने वालों की भीड़ है. इसी तरह पश्चिम बंगाल से भी लोग मुंबई जाने के लिए एक बार फिर टिकट कराने लगे हैं. प्रवासियों के वापस लौटने से रेलवे को राहत मिली है. दरअसल अभी तक बड़े शहरों से प्रवासी अपने शहरों में तो आते थे लेकिन यहां से ट्रेन खाली ही वापस जाती थी. रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष के अनुसार यह भारतीय रेलवे एवं देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी एक अच्छा संकेत माना जा रहा है.



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राज्य सरकार लेंगी इस पर फैसला
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने बताया कि प्रवासी काफी संख्या में मुंबई, दिल्ली और गुजरात की ओर पलायन करना चाहते हैं. भीड़ को देखते हुए रेलवे को स्पेशल ट्रेन की संख्या बढ़ानी होगी. हालांकि यह तभी संभव हो सकेगा जब राज्य सरकार की ओर से उन्हें इजाजत दी जाएगी. दरअसल कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए ही इस पर कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है. उन्होंने कहा कि अभी जो भी विशेष ट्रेन चल रही हैं वह चलती रहेंगी.

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4594 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई गई
रेल बोर्ड के अध्यक्ष ने बताया कि कोरोना संक्रमण के दौरान प्रवासियों को उनके गृह राज्य पहुंचाने के लिए 25 जून तक 4594 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई गई, जिनसे 62.8 लाख यात्रियों ने यात्रा की. अब इसकी मांग न के बराबर है क्योंकि ज्यादातर प्रवासी अपने गृह राज्य पहुंच चुके हैं. यादव ने कहा कि इस समय किसी भी राज्य की श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के लिए कोई मांग लंबित नहीं हालांकि राज्य अगर इन ट्रेनों को बढ़ाने की बात करेंगे तो रेलवे उनकी पूरी मदद करेगा.
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