COVID-19: पंजाब से आने वाले मजदूरों को अंबाला तक लाकर बस लौटा ले गया सरकारी ड्राइवर

COVID-19: पंजाब से आने वाले मजदूरों को अंबाला तक लाकर बस लौटा ले गया सरकारी ड्राइवर
स्थानीय विधायक ने कहा है कि मजदूरों से पांच गुना ज्यादा किराया ऐंठा गया (सांकेतिक तस्वीर)

ड्राइवर ने अंबाला (Ambala) के पास यू-टर्न लेते हुए कहा कि उसका परमिट समाप्त हो गया था और सारे प्रवासी मजदूरों को लुधियाना (Ludhiana) लौटा लाया.

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लुधियाना. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गोंडा जिले (Gonda District) के लगभग 30 प्रवासियों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा, जब वे सोमवार शाम लुधियाना (Ludhiana) से उन्हें घर ले जाने के लिए एक निजी ऑपरेटर, जुझार ट्रेवल्स की बस में चढ़े. लेकिन यह खुशी ज्यादा देर नहीं टिकी क्योंकि ड्राइवर ने अंबाला के पास यू-टर्न लेते हुए कह दिया कि उसका परमिट समाप्त हो चुका है.

प्रवासियों (Migrants) में से एक महेश कुमार ने बताया, “हम सोमवार शाम 5.30 बजे के आसपास शहर से चले थे और लगभग 2.30 बजे अंबाला (Ambala) के पास एक भोजनालय में रुक गए. लगभग एक घंटे के रुकने के बाद, ड्राइवर ने हमें बताया कि उसका परमिट समाप्त हो गया है और वह हमें वापस ले जा रहा है.”

हर प्रवासी मजदूर से ट्रेवल्स ने वसूले थे 3000 से 3300 रुपये
सभी प्रवासी अब बस का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें उम्मीद है कि यह जल्द ही गंतव्य के लिए रवाना होगी. उन्होंने मंगलवार शाम को कहा, "हमने बस की एक सीट के लिए लगभग 3,000 रुपये से लेकर 3,300 रुपये तक का भुगतान किया है और अब हमें यकीन नहीं है कि हम घर भी पहुंचेंगे." उन्होंने यह भी बताया कि सोमवार की रात से उन्होंने कुछ खाया नहीं है.
एक अन्य प्रवासी गणेश कुमार ने कहा, “ड्राइवर ने अंबाला से कुछ किलोमीटर दूर बस को रोका और हमें आगे ले जाने से मना कर दिया. फिर वह हमें शहर वापस ले आया. अब हम कहां जाएंगे? हम पहले ही अपना मकान (Quarter) छोड़ चुके हैं और वापस नहीं लौट सकते.” गणेश ने कहा, "हम आज सुबह 7 बजे यहां पहुंच गए और अब शाम के 6 बज रहे हैं लेकिन हम अभी भी बस के चलने का इंतजार कर रहे हैं."



टिकट दिलवाने के लिए औद्योगिक क्षेत्रों के पास घूम रहे एजेंट
इस बीच, प्रवासियों ने कहा कि कुछ एजेंट, फोकल प्वाइंट, गियासपुरा और अन्य इलाकों पर बस टिकट के साथ उनसे संपर्क कर रहे थे. प्रवासियों ने कहा कि उनसे लगभग 3,300 रुपये वसूले जा रहे हैं, इस दौरान उन्हें बताया जा रहा है कि इसमें मेडिकल स्क्रीनिंग (Medical Screening) खर्च शामिल है.

जुझार ट्रेवल्स के मैनेजर सरूप शर्मा ने कहा कि कंपनी गोंडा के लिए प्रवासियों से 3000 रुपये ले रही है. उन्होंने यह भी दावा किया कि एजेंट अपनी ओर से प्रवासियों से संपर्क कर रहे थे. लौट रही बस के बारे में उन्होंने कहा कि परमिट के संबंध में कुछ समस्या थी जिसके कारण बस को वापस बुला लिया गया. जबकि स्थानीय विधायक (MLA) सिमरजीत सिंह बैंस ने कहा कि मजदूरों से पांच गुना किराए के पैसे ऐंठे गए और कंपनी के पास प्रशासन से ऐसी कोई अनुमति नहीं थी. उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी प्रवासी मजदूरों से धोखा कर रही है.

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