PM मोदी से मिले माइक पॉम्पियो, भारत-अमेरिका की साझेदारी को मजबूत करने का लिया संकल्प

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ और रक्षा मंत्री मार्क टी एस्पर ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की (Twitter/Narendra Modi)
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ और रक्षा मंत्री मार्क टी एस्पर ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की (Twitter/Narendra Modi)

India-US 2+2 Meeting: अमेरिकी विदेश मंत्री और प्रधानमंत्री ने भारत-प्रशांत क्षेत्र और विश्व की सुरक्षा और समृद्धि को बेहतर ढंग से सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका-भारत व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का संकल्प लिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 27, 2020, 7:24 PM IST
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नई दिल्ली. अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो (Mike Pompeo) ने अपने भारत दौरे पर मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के साथ बैठक की. इस बैठक में विदेश मंत्री पॉम्पियो और पीएम मोदी ने क्षेत्रीय और वैश्विक चिंताओं से जुड़े ऐसे कई मुद्दों पर चर्चा की जिन पर भारत और अमेरिका एक-दूसरे के साथ सहयोग करते हैं. दोनों नेताओं ने कोविड-19 प्रतिक्रिया (Covid-19 Response), सुरक्षा और रक्षा सहयोग, स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक को लेकर हित साझा किए. अमेरिकी राज्य विभाग के डिप्टी प्रवक्ता केल ब्राउन ने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री और प्रधानमंत्री ने भारत-प्रशांत क्षेत्र और विश्व की सुरक्षा और समृद्धि को बेहतर ढंग से सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका-भारत व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का संकल्प लिया.

इस बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो, रक्षा मंत्री मार्क एस्पर से मुलाकात अच्छी रही. भारत-अमेरिका संबंधों में जबरदस्त प्रगति और 2 + 2 वार्ता के परिणामों को देखकर खुशी हुई. हमारी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी साझा सिद्धांतों, सामान्य रणनीतिक हित दृढ़ नींव पर हैं. दोनों नेताओं की मुलाकात के वक्त विदेश मंत्री एस जयशंकर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और भारत में अमेरिका के राजदूत केन जस्टर भी उपस्थित थे.


इससे पहले जयशंकर और राजनाथ सिंह ने पॉम्पियो और एस्पर के साथ तीसरे चरण की ‘टू प्लस टू’ वार्ता की.



भारत अमेरिका के बीच हुए अहम समझौते
भारत और अमेरिका ने एक महत्वपूर्ण रक्षा समझौता किया जिससे अत्याधुनिक सैन्य प्रौद्योगिकी, उपग्रह के गोपनीय डाटा और दोनों देशों के बीच अहम सूचना साझा करने की अनुमति होगी. ‘टू प्लस टू’ वार्ता के दौरान ‘बेसिक एक्सचेंज एंड को-ऑपरेशन एग्रीमेंट’ (बीईसीए) पर दोनों रणनीतिक भागीदारों के बीच संधि ने द्विपक्षीय रक्षा और सैन्य संबंधों को आगे और प्रगाढ़ करने का संकेत दिया है. यह समझौता ऐसे वक्त हुआ है जब पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ भारत का गतिरोध चल रहा है.

‘टू प्लस टू’ वार्ता में दोनों पक्षों ने दोनों देशों के बीच पहले से कायम करीबी संबंधों को आगे और घनिष्ठ करने तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आपसी हितों के व्यापक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया.

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पॉम्पियो ने कही ये बात
बैठक के बाद दिए बयान में पॉम्पियो ने कहा कि यात्रा के दौरान वे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के सम्मान में बलिदान देने वाले शहीदों, जिनमें जून में गलवान घाटी में चीन की पीएलए द्वारा मारे गए 20 भारतीय सैन्यकर्मी भी शामिल हैं, को श्रद्धांजलि देने समर स्मारक भी गए.

पॉम्पियो ने कहा, “भारत के लोग जब अपनी संप्रभुता और स्वतंत्रता पर खतरे का सामना करते हैं तो अमेरिका उनके साथ खड़ा होगा.”

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) की आलोचना करते हुए पॉम्पियो ने कहा कि अमेरिकी नेता और नागरिक बढ़ती स्पष्टता के साथ यह देख पा रहे हैं कि “सीसीपी लोकतंत्र, कानून के शासन और पारदर्शिता की मित्र नहीं है.”
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