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100 दिनों का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को याद नहीं करना भूले जयशंकर

100 दिनों का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए सुषमा स्वराज को याद करना नहीं भूले एस जयशंकर (फाइल फोटो)

100 दिनों का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए सुषमा स्वराज को याद करना नहीं भूले एस जयशंकर (फाइल फोटो)

मोदी सरकार 2.0 (Modi Government 2.0) के 100 दिन पूरे होने के बाद सभी मंत्रालयों ने अपनी-अपनी ओर से 100 दिनों की उपलब्धियों के बारे में बताया है. ऐसे में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (Ministry Of Foreign Affairs) ने भी 100 दिनों में हासिल की अपनी उपलब्धियों की रिपोर्ट पेश की.

  • News18Hindi
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    नई दिल्ली. मोदी सरकार 2.0 (Modi Government 2.0) के 100 दिन पूरे होने के बाद सभी मंत्रालयों ने अपनी-अपनी ओर से 100 दिनों की उपलब्धियों के बारे में बताया है. ऐसे में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (Ministry Of Foreign Affairs) ने भी 100 दिनों में हासिल की अपनी उपलब्धियों की रिपोर्ट पेश की.

    यह रिपोर्ट खुद केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S Jaishankar) ने पेश की. उन्होंने कहा कि सरकार ने विदेश नीति को राष्ट्रीय सुरक्षा (National Security) से जोड़ने का काम किया है.

    सुषमा स्वराज के योगादन का भी किया याद
    अपनी बात शुरू करने से पहले उन्होंने यह कहा कि मैं मात्र 100 दिनों में सरकार की उपलब्धियों का नहीं बल्कि पिछले 5 सालों में विदेश नीति में उठाए गए कदमों के आगे बढ़ने के क्रम में बातों का जिक्र करूंगा. इस तरह से उन्होंने पूर्व विदेश मंत्री और दिवंगत नेता सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) का भारतीय विदेश नीति को नई दिशा और ऊंचाईयां देने के लिए आभार भी जताया. तमाम मुद्दों पर बात करते हुए उन्होंने ये बातें कहीं-

    राष्ट्रीय विकास में विदेशी सहयोग का किया जिक्र
    केंद्रीय विदेश मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश संबंधों के मोर्चे पर भारत मजबूत हुआ है. उन्होंने कहा है कि ग्लोबल एजेंडा (Global Agenda) सेट करने की हमारी यानि भारत की क्षमता में पहले के मुकाबले बहुत ज्यादा मजबूती आ चुकी है. इसके लिए उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे का उदाहरण दिया.

    उन्होंने कहा है कि G20 और G7 जैसे मंचों पर भारत की बातों को ज्यादा ध्यान से सुना जाता है. केंद्रीय विदेश मंत्री ने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के प्रभाव को देखा जा सकता है. इसके लिए उन्होंने योग दिवस, महात्मा गांधी (Mahamta Gandhi) की 150वीं जयंती और गुरुनानक देव (Guru Nanak Dev) की 550वीं जयंती के उदाहरण दिया.

    केंद्रीय विदेश मंत्री ने यह भी बताया कि कई देशों ने स्मार्ट सिटी और नदियों की सफाई जैसे प्रोजेक्ट्स में हिस्सा लिया है. उन्होंने कहा कि यह भारत के लिए एक उपलब्धि है.

    नई सरकार के पड़ोसियों को खास तवज्जो देने की कही बात
    उन्होंने कहा कि हमने सरकार में वापस आने के बाद अनुच्छेद 370 (Article 370) के मुद्दे पर अपने वादे को निभाया है. उन्होंने कहा कि इसका प्रभाव भी देखा जा सकता है.

    भारत के पड़ोसियों के साथ संबंध भारत की प्राथमिकता हैं, यह बताते हुए उन्होंने अपनी भूटान, मालदीव, मलेशिया, सिंगापुर यात्रा का जिक्र किया. उन्होंने पड़ोसियों को दी जाने वाली खास तवज्जो का जिक्र करते हुए कहा कि दोबारा प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद पीएम मोदी मालदीव और श्रीलंका (Sri Lanka) गए. बता दें कि ईस्टर हमलों के बाद श्रीलंका जाने वाले पहले बड़े वैश्विक नेता पीएम मोदी ही थे.

    पाकिस्तान को बिना नाम लिए धोया
    केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आशा जताई है कि पड़ोसियों से हमारे संबंध और अच्छे होंगे. हालांकि पड़ोसी पाकिस्तान की ओर से आने वाली आतंक की समस्या पर भी चिंता जताई. यूं तो उन्होंने पाकिस्तान (Pakistan) का सीधे जिक्र तक नहीं किया लेकिन बोले कि पाकिस्तान के साधारण पड़ोसी बन जाने तक हमारा यही रुख जारी रहेगा.

    आतंकवाद और कट्टरपंथ के खिलाफ सरकार के प्रयासों को बताया
    उन्होंने आसियान सम्मेलन का जिक्र भी किया और उन्होंने कहा कि ऐसे मंचों पर उत्तर और दक्षिण दोनों ही दिशाओं में भारत का प्रभाव बढ़ा है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपनी यात्राओं के जरिए कट्टरपंथ और आतंकवाद से लड़ने पर जोर देने की बात कही है. इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री की बहरीन और यूएई (UAE) की यात्रा का जिक्र भी किया.

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फ्रांस भी गए और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि ऐसे ही द्विपक्षीय मुद्दों पर बात करने के लिए मैं चीन गया और जापान से भी बातचीत की. केंद्रीय विदेश मंत्री ने कहा कि जी7, जी20, व्लाडिवोस्टक, शंघाई समिट और बिम्सटेक जैसे मंचों ने हमारे लिए नई संभावनाओं को खोला है.

    अगले पांच सालों में अफ्रीका पर होगा सरकार का विशेष फोकस
    केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि अफ्रीका को लेकर भी हम इन 100 दिनों में काफी उत्साहित रहे हैं. उन्होंने बताया कि अफ्रीका हमारे एजेंडे में ऊपर है. प्रधानमंत्री ने भी अपनी युगांडा यात्रा के दौरान इसकी बात कही थी. उन्होंने बताया कि कई जगहों पर हमारे  बेनिन, गैम्बिया और गिनी भारत के राष्ट्रपति गए.

    दुनिया के दूसरे हिस्सों से अपने संबंधों को मजबूती देने पर है भारत का जोर
    SEO समिट के लिए प्रधानमंत्री किर्गिजस्तान गए. यूरोप में भी भारत के संबंधों में लगातार बढ़ोत्तरी होने की बात उन्होंने कही. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति इसी के चलते स्कैन्डनेविया (Scandinavia) के देशों और उपराष्ट्रपति बाल्टिक देशों में यात्रा पर गए. इसके अलावा उन्होंने पिछले समय में लैटिन अमेरिकी देशों में सरकार के प्रमुख लोगों की यात्रा का जिक्र किया और कहा कि आगे आने वाले 5 सालों में हम इन जगहों पर अपने फोकस को बढ़ाएंगे. इसके अलावा उन्होंने ओसिनिया के इलाके में भी भारतीय संबंधों को मजबूत करने की बात कही.

    यह भी पढ़ें: सरदार पटेल से प्रेरित है जम्मू-कश्मीर पर लिया गया फैसला: पीएम मोदी

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