तब तक चलाते रहेंगे श्रमिक स्पेशल ट्रेनें, जब तक इनकी मांग बिल्कुल कम नहीं हो जाती: पीयूष गोयल

तब तक चलाते रहेंगे श्रमिक स्पेशल ट्रेनें, जब तक इनकी मांग बिल्कुल कम नहीं हो जाती: पीयूष गोयल
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि देश में मनोदशा बहुत सकारात्मक है (फाइल फोटो)

केंद्रीय रेलमंत्री (Minister of Railways) और वाणिज्य और उद्योग मंत्री (Minister of Commerce and Industry) पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने न्यूज18 के साथ एक खास इंटरव्यू में कई मुद्दों पर बातचीत की.

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नई दिल्ली. केंद्रीय रेल और वाणिज्य-उद्योग मंत्री (Minister of Railways and Minister of Commerce and Industry) पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने कहा है कि देश में मनोदशा बहुत सकारात्मक है. लोग कोविड-19 (Covid-19) के साथ जीने के बारे में तय कर चुके हैं. देश इस परिस्थिति से मजबूत होकर उबरेगा.

केंद्रीय रेलमंत्री (Minister of Railways) और वाणिज्य और उद्योग मंत्री (Minister of Commerce and Industry) पीयूष गोयल ने न्यूज18 के साथ एक खास इंटरव्यू में कई मुद्दों पर बातचीत की.

'आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत ज्यादातर स्टार्टअप फंडिग के पात्र'
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि उद्योग पहले से कहीं ज्यादा कामगारों की देखरेख करने वाले बने हैं और व्यापार इस त्रासदी से उबर जायेंगे.



केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि ज्यादातर स्टार्टअप अतिरिक्त तरलता और 3 लाख करोड़ की फंडिंग के पात्र हैं. उन्हें सरकार की 100% गारंटी पर ऋण सुविधा का लाभ मिलेगा. यह लाभ उन्हें आत्मनिर्भर भारत पैकेज के अंदर उपलब्ध कराया जायेगा.



'पहले की अपेक्षा फिलहाल मजदूर कर रहे सुगमतापूर्वक यात्रा'
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा है कि 20 तारीख के बाद से ही मजदूरों का एक स्थान से दूसरे स्थान आना-जाना बहुत सुगम हुआ है.

केंद्रीय मंत्री ने मजदूरों को रजिस्टर करने को कहा है. उन्होंने कहा कि हम इसके लिये इच्छुक हैं कि प्रवासी अपने घर सुरक्षित पहुंचे. हम उन्हें ट्रेनें उपलब्ध करा रहे हैं, मजदूर पहले की अपेक्षा फिलहाल अच्छे से यात्रा कर रहे हैं. ज्यादातर राज्य मजदूरों का अच्छे से ख्याल रख रहे हैं. साथ ही श्रमिक स्पेशल ट्रेनें अपने आपमें एक मील का पत्थर हैं.

'महाराष्ट्र ने की थी 145 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की मांग लेकिन ज्यादातर ट्रेनें बेकार खड़ी हैं'
हम फिलहाल शायद दुनिया की सबसे बुरी महामारी में फंसे हुये हैं. भारत ऐसे में ऐसे चंद देशों के तौर पर उभरा है, जो इससे अच्छी तरह से निपटे हैं. हम दुनिया में सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने के किसी भी अवसर को नहीं जाने देंगे.

जब तक श्रमिक स्पेशल ट्रेनों (Shramik Special Trains) की मांग बहुत ज्यादा कम नहीं हो जाती, तब तक वे लगातार चलाई जाती रहेंगीं. महाराष्ट्र ने 145 ट्रेनों की मांग की थी लेकिन उतने यात्रियों का इंतजाम नहीं किया जा सका. उन्होंने कहा कि ज्यादातर ट्रेनें बेकार खड़ी हैं और अन्य राज्यों को नहीं दी जा सकती हैं.

'बैंकों के पास पर्याप्त फंड और हम तरलता, मांग और आपूर्ति की खयाल रख रहे'
हम देश के 700 से ज्यादा जिलों में लोगों को लाने और ले जाकर उनके गृहनगर में छोड़ने के इच्छुक और इसके लिये तैयार हैं.

बैंकों के पास पर्याप्त फंड है. रिजर्व बैंक और भारत सरकार दोनों ने ही तरलता के प्रति आश्वस्त किया है. पहले ही पर्याप्त छूट लोगों को दी जा चुकी है. घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. हम तरलता (Liquidity), मांग और आपूर्ति का ख्याल रख रहे हैं.

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