जम्मू-कश्मीर से सेना हटाए जाने का फिलहाल कोई प्लान नहीं: गृह राज्य मंत्री रेड्डी

भाषा
Updated: August 22, 2019, 6:07 AM IST
जम्मू-कश्मीर से सेना हटाए जाने का फिलहाल कोई प्लान नहीं: गृह राज्य मंत्री रेड्डी
गृह राज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा है कि फिलहाल जम्मू-कश्मीर से सेना वापस बुलए जाने का कोई प्लान नहीं है (फाइल फोटो)

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी (Minister of State for Home Affairs G. Kishan Reddy) ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार की जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) से सुरक्षा बलों (Security Forces) को वापस बुलाने की तत्काल कोई योजना नहीं है.

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केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी (Minister of State for Home Affairs G. Kishan Reddy) ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार की जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) से सुरक्षा बलों (Security Forces) को वापस बुलाने की तत्काल कोई योजना नहीं है. रेड्डी ने कहा, ‘‘हम वहां से फौरन सैनिक वापस क्यों बुलाएंगे जबकि पाकिस्तान (Pakistan) उकसाने की कोशिश कर रहा है.’’

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कश्मीरियों को उकसाने और शांति का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा है ताकि वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय तक अपनी बात पहुंचा सके. रेड्डी ने कहा कि सैनिकों को वापस बुलाया जाए या नहीं, यह फैसला स्थानीय प्रशासन लेगा. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हालात अब शांतिपूर्ण हैं तथा गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) हालात पर लगातार नजर रख रहे हैं.

कुछ जगहों को छोड़ बाकी कश्मीर में बहाल हो गई है इंटरनेट सेवाएं
उन्होंने कहा कि स्कूल खुल गए हैं. कुछ जगहों पर धारा 144 (Section 144) हटा ली गई है. सरकारी दफ्तरों में कामकाज शुरू हो गया है. हम धीरे-धीरे कुछ पाबंदियों को कम कर रहे हैं. कुछ जिलों को छोड़कर बाकी जगहों पर इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं (Internet and Telephone Services) बहाल कर दी गई हैं.

रेड्डी ने कहा कि विपक्षी नेताओं को जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में सभाएं करने के लिए कुछ दिन का इंतजार करना चाहिए क्योंकि केंद्र ने वहां कानून व्यवस्था की स्थिति खराब करने की पाकिस्तान की बदनीयत के मद्देनजर कुछ पाबंदियां लागू कर रखी हैं. रेड्डी ने कहा कि पाकिस्तान चाहता है कि जम्मू-कश्मीर में शांति बाधित हो और वह दुनिया को कह सके कि कश्मीर को लेकर भारत सरकार के निर्णय गलत हैं.

पाकिस्तान की साजिश को ध्यान में रख लगाई गई हैं पाबंदियां
जम्मू-कश्मीर के हालात और वहां हिंसा की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि छोटी-मोटी घटनाएं पहली बार नहीं हो रहीं. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में कोई तनावपूर्ण हालात नहीं हैं जहां महीनों तक कर्फ्यू रहता था और पहले भी नेता सालों तक जेल में रहते थे.
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रेड्डी ने यहां एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह नई बात नहीं है. हमने जम्मू-कश्मीर में किसी भी तरह से कानून व्यवस्था अवरूद्ध करने की साजिश रचने और स्थिति को भड़काने की पाकिस्तान की मंशाओं को ध्यान में रखते हुए ऐहतियातन कदम के तौर पर पाबंदी लागू करने जैसे निर्णय लिए हैं. लोगों को परेशान करने के लिए यह कदम नहीं उठाए गए हैं.’’

पहले भी रह चुकी है कश्मीर में ऐसी परिस्थितियां
उन्होंने कहा कि पहले भी कर्फ्यू लगाने, निषेधाज्ञा लागू करने, महीनों तक स्कूल बंद रहने और मुख्यमंत्रियों की गिरफ्तारी के कई वाकये हुए हैं. रेड्डी ने कहा कि अतीत की तुलना में तो अभी इस तरह का कोई फैसला नहीं हुआ है.

उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान दुनिया के सामने यह साबित करने की भरसक साजिश रच रहा है कि भारत सरकार ने जो किया है वह गलत है. क्योंकि आज पूरी दुनिया भारत के पक्ष में है. क्योंकि दुनिया अनुच्छेद 370 (Article 370) को समाप्त करने के विषय में भारत सरकार द्वारा लिए गए फैसलों के साथ खड़ी है.’’

विपक्ष के नेताओं को दी धैर्य रखने की सलाह
जब रेड्डी से पूछा गया कि विपक्ष के नेताओं को राज्य में सभाएं क्यों नहीं करने दी जा रहीं तो उन्होंने कहा कि सरकार ने पाकिस्तान के इरादों को देखते हुए ऐहतियाती कदम उठाए हैं और विपक्षी नेताओं को धैर्य रखना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘‘बहुत वक्त है. आप जम्मू-कश्मीर जा सकते हैं. कुछ दिन शांति रखिए. अभी पाकिस्तान की समस्या को देखते हैं. उसके बाद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) कितनी भी सभाएं कर सकते हैं. मना कौन कर रहा है? धीरज तो रखिए.’’

रेड्डी ने कहा, ‘‘आप हड़बड़ी में क्यों हैं? एक तरफ पाकिस्तान दुनिया को यह बताने की पूरी कोशिश कर रहा है कि अमन नहीं है. अब विपक्षी पार्टियां भी पाकिस्तान के साथ जाना चाहती हैं. यह गलत है.’ जम्मू-कश्मीर में नेताओं को रिहा किये जाने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि इस विषय पर संबंधित अधिकारी निर्णय करेंगे.

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First published: August 22, 2019, 6:00 AM IST
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